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कुत्ते कर रहे हमला, एआरवी बाजार से गायब
बरेली।
Updated Tue, 03 Oct 2017 02:01 AM IST
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मौसम के साथ ही कुत्ताें का मिजाज भी बदल गया है। वे लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं लेकिन इससे बचने का उपाय एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) बाजार से गायब है। दो माह से मेडिकल स्टोरों पर एआरवी नहीं आ रही है। वैक्सीन बनाने वाली कंपनी की ओर से सप्लाई बंद है। उधर, जिला अस्पताल में भी वैैक्सीन का मात्र आठ दिन का स्टॉक बचा है। शासन को इसकी जानकारी दे दी गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी का रिकार्ड देखें तो हर दिन 80 से 120 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। इनमें वे मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें कुत्तों के हमले में सिर्फ नाखूनों की खरोंच भर आई है। कुत्ताें के हमले में घायल लोगों की संख्या बढ़ने से वैक्सीन की किल्लत हो गई है। जिला अस्पताल के पास मात्र आठ दिन का स्टॉक बचा है। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि उनके यहां दो माह से एआरवी नहीं है। दो-तीन कंपनियां इसकी सप्लाई करती रही हैं लेकिन दो महीने से वे बाजार में वैक्सीन नहीं भेज रही हैं। बाजार में वैक्सीन की कीमत 250 रुपये से लेकर 350 रुपये है, जबकि जिला अस्पताल में मुफ्त लगाई जाती है।
कुत्तों से सावधान रहें
श्वान विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी में कुत्तों को अन्य मौसम की अपेक्षा ज्यादा भूख लगती है। इसलिए वे हमला करते हैं। हालांकि अभी सर्दी आई नहीं हैं लेकिन यह मौसम भी कुत्तों के लिए काफी आक्रामक कर देता है। इसके बाद इनका प्रजनन काल शुरू होता है। उसमें भी ये आक्रामक रहते हैं।
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कोट
सिर्फ आठ से दस दिन की वैक्सीन ही बची है। वैक्सीन शासन के पास है लेकिन अभी उसकी टेस्टिंग नहीं हुई है। महानिदेशक स्वास्थ्य से बात हुई तो उन्होंने बताया था कि जल्द ही वैक्सीन भेज दी जाएगी।
- डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक
कोट
दो महीने से लोग एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए परेशान हैं। वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने ही सप्लाई बंद कर दी है। इसका कारण क्या है, यह पता नहीं चल रहा। इधर वैक्सीन की डिमांड काफी बढ़ गई है।
दुर्गेश खटवानी, महानगर अध्यक्ष, केमिस्ट एसोसिएशन
जिला अस्पताल की ओपीडी का रिकार्ड देखें तो हर दिन 80 से 120 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। इनमें वे मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें कुत्तों के हमले में सिर्फ नाखूनों की खरोंच भर आई है। कुत्ताें के हमले में घायल लोगों की संख्या बढ़ने से वैक्सीन की किल्लत हो गई है। जिला अस्पताल के पास मात्र आठ दिन का स्टॉक बचा है। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि उनके यहां दो माह से एआरवी नहीं है। दो-तीन कंपनियां इसकी सप्लाई करती रही हैं लेकिन दो महीने से वे बाजार में वैक्सीन नहीं भेज रही हैं। बाजार में वैक्सीन की कीमत 250 रुपये से लेकर 350 रुपये है, जबकि जिला अस्पताल में मुफ्त लगाई जाती है।
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कुत्तों से सावधान रहें
श्वान विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी में कुत्तों को अन्य मौसम की अपेक्षा ज्यादा भूख लगती है। इसलिए वे हमला करते हैं। हालांकि अभी सर्दी आई नहीं हैं लेकिन यह मौसम भी कुत्तों के लिए काफी आक्रामक कर देता है। इसके बाद इनका प्रजनन काल शुरू होता है। उसमें भी ये आक्रामक रहते हैं।
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सिर्फ आठ से दस दिन की वैक्सीन ही बची है। वैक्सीन शासन के पास है लेकिन अभी उसकी टेस्टिंग नहीं हुई है। महानिदेशक स्वास्थ्य से बात हुई तो उन्होंने बताया था कि जल्द ही वैक्सीन भेज दी जाएगी।
- डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक
कोट
दो महीने से लोग एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए परेशान हैं। वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने ही सप्लाई बंद कर दी है। इसका कारण क्या है, यह पता नहीं चल रहा। इधर वैक्सीन की डिमांड काफी बढ़ गई है।
दुर्गेश खटवानी, महानगर अध्यक्ष, केमिस्ट एसोसिएशन