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Bareilly News: डॉक्टरों ने दी नीट पीजी, नर्स और फार्मासिस्ट ने देखे मरीज
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बरेली। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान कई केंद्र पर स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट ने मरीजों को देखा। दरअसल, कई चिकित्सक नीट पीजी देने गए थे। कुछ चिकित्सकों पर दो-दो केंद्रों का प्रभार होने की वजह से भी यह स्थिति बनी।
नेशनल हेल्थ मिशन के शहरी क्षेत्र के नोडल डाॅ. अजमेर सिंह ने बताया कि नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देहात के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात करीब 70 फीसदी चिकित्सकों ने नीट पीजी का फॉर्म भरा था। इसकी पूर्व सूचना सीएमओ और संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। अधिकृत अनुमति पर अवकाश स्वीकृत हुआ था। ऐसी स्थिति में मरीजों के इलाज के लिए पास के केंद्र पर तैनात डॉक्टर को प्रभार दिया गया। साथ ही, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स को भी मरीजों को देखकर दवा देने के लिए कहा गया था।
फरीदपुर चिकित्साधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, छह चिकित्सक परीक्षा देेने गए थे। ऐसे में सीएमओ के निर्देशानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। गंभीर मरीज के पहुंचने पर उसे सीएचसी या फिर हायर सेंटर रेफर करने के निर्देश दिए थे।
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खुजली, खाज और वायरल बीमारियों के मरीज ज्यादा
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, मेले में करीब 34 सौ मरीजों का इलाज हुआ। इसमें सबसे ज्यादा आठ सौ त्वचा रोगी शामिल रहे। इसके अलावा लोग वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, दस्त, बीपी, शुगर समेत अन्य रोगों के चपेट में रहे। मरीजों को दवाओं के साथ बीमारियों से बचाव का सुझाव भी दिया गया। बुखार होने पर पैरासिटामॉल के सेवन का सुझाव दिया, पर 24 घंटे बाद भी सुधार न होने पर डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा गया।
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नेशनल हेल्थ मिशन के शहरी क्षेत्र के नोडल डाॅ. अजमेर सिंह ने बताया कि नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देहात के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात करीब 70 फीसदी चिकित्सकों ने नीट पीजी का फॉर्म भरा था। इसकी पूर्व सूचना सीएमओ और संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। अधिकृत अनुमति पर अवकाश स्वीकृत हुआ था। ऐसी स्थिति में मरीजों के इलाज के लिए पास के केंद्र पर तैनात डॉक्टर को प्रभार दिया गया। साथ ही, फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स को भी मरीजों को देखकर दवा देने के लिए कहा गया था।
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फरीदपुर चिकित्साधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, छह चिकित्सक परीक्षा देेने गए थे। ऐसे में सीएमओ के निर्देशानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। गंभीर मरीज के पहुंचने पर उसे सीएचसी या फिर हायर सेंटर रेफर करने के निर्देश दिए थे।
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खुजली, खाज और वायरल बीमारियों के मरीज ज्यादा
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, मेले में करीब 34 सौ मरीजों का इलाज हुआ। इसमें सबसे ज्यादा आठ सौ त्वचा रोगी शामिल रहे। इसके अलावा लोग वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, दस्त, बीपी, शुगर समेत अन्य रोगों के चपेट में रहे। मरीजों को दवाओं के साथ बीमारियों से बचाव का सुझाव भी दिया गया। बुखार होने पर पैरासिटामॉल के सेवन का सुझाव दिया, पर 24 घंटे बाद भी सुधार न होने पर डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा गया।