{"_id":"5a7c78ec4f1c1ba4268b952d","slug":"dm-found-anomalies-in-medicine-distribution-at-district-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम को जिला अस्पताल में मिलीं शराब की खाली बोतलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम को जिला अस्पताल में मिलीं शराब की खाली बोतलें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Feb 2018 09:51 PM IST
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district hospital
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जिला अस्पताल का सिस्टम कितना हेकड़ और लापरवाह है, यह बृहस्पतिवार को डीएम के निरीक्षण के दौरान देखने को मिला। तीन दिन पहले ही अस्पताल प्रशासन को डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह के निरीक्षण करने पहुंचने की सूचना दे दी गई थी। इसके बावजूद न तो व्यवस्था में कोई सुधार किया गया और न ही कर्मचारियों की हरकतों में कोई बदलाव हुआ। बृहस्पतिवार को जब डीएम राघवेंद्र सीडीओ के साथ जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां परिसर में शराब की खाली बोतलें पड़ी मिलीं। दवा वितरण कक्ष में एक ‘वीआईपी रजिस्टर’ रखा मिला। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर वह औचक निरीक्षण पर आए होते तो न जाने यहां क्या-क्या मिलता।
वीआईपी सिफारिश पर बंटती हैं दवाएं
डीएम ने निरीक्षण की शुरूआत पर्चा वितरण खिड़की से की। इस कमरे के पीछे देखा तो वहां शराब की खाली बोतलें पड़ी थीं। डीएम दवा वितरण कक्ष में पहुंचे तो वहां टेबल पर वीआईपी रजिस्टर रखा मिला। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने जब उसे खोलकर देखा तो उसमें नेताओं के लेटरहेड और कुछ सादा कागजों पर दवाएं लिखी मिलीं। नेताओं के ये पत्र रजिस्टर में चिपके हुए थे। दोनों अधिकारी जब फार्मेसिस्ट से पूछताछ कर रहे थे तो सीएमओ ने भी इस पर हैरानी जताई। बोले, उन्होंने तो इस तरह का रजिस्टर पहले कभी नहीं देखा है। एक सपा नेता का लेटरहेड चिपका देखकर सीडीओ ने फार्मेसिस्ट से पूछा कि दबाव में क्यों काम कर रहे हैं। अब तो इस पार्टी की सरकार भी नहीं है। डीएम ने कहा यह तो गैरकानूनी है। कर्मचारियों का कहना था कि रोज ही किसी न किसी ‘बड़े आदमी’ की सिफारिश आती है तो दवा देनी पड़ती है। उसका रिकार्ड रखने के लिए यह रजिस्टर बना लिया है।
इमरजेंसी के शौचालय में पानी की सप्लाई बंद मिली
डीएम को इमरजेंसी वार्ड के शौचालय में पानी की सप्लाई बंद मिली। इमरजेंसी में उन्होंने एक ही अग्निशमन यंत्र लगा होने पर भी नाराजगी जताई। सीएमएस को निर्देश दिए कि अस्पताल में फायर सिक्योरिटी के लिए अलग से इंचार्ज बनाया जाए।
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निजी एंबुलेंस खड़ी देखकर किया जवाब तलब
परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी दिखी तो डीएम सीएमएस का जवाब तलब किया। वहां मौजूद लोगों ने शिकायत की कि अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का धंधा खुलेआम चल रहा है। इस पर निजी एंबुलेंस के खड़े होने पर जवाब मांगा गया है। एक आशा वर्कर ने भी डीएम से गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराने लाने पर अस्पताल में रुपये मांगे जाने की शिकायत की।
सीएमएस ने पुलिस चौकी खेलने की मांग की
दो दिन पहले तीमारदारों के इमरजेंसी मेडिकल अफसर पर हमला करने की घटना का जिक्र करते हुए सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने डीएम से अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी खुलवाने की मांग की। इस पर डीएम ने शासन को प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिलाया।
ब्लड बैंक में सिर्फ छह यूनिट खून बचा
लगभग दो घंटे के निरीक्षण के दौरान डीएम को ब्लड बैंक में खून की कमी के बारे में भी बताया गया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. यूवी सिंह ने बताया कि फिलहाल सिर्फ छह यूनिट रक्त ही बचा है। वैसे आमतौर पर यहां करीब सौ यूनिट ब्लड रहता है। रक्तदाता भी नहीं आ रहे हैं।
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वीआईपी सिफारिश पर बंटती हैं दवाएं
डीएम ने निरीक्षण की शुरूआत पर्चा वितरण खिड़की से की। इस कमरे के पीछे देखा तो वहां शराब की खाली बोतलें पड़ी थीं। डीएम दवा वितरण कक्ष में पहुंचे तो वहां टेबल पर वीआईपी रजिस्टर रखा मिला। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने जब उसे खोलकर देखा तो उसमें नेताओं के लेटरहेड और कुछ सादा कागजों पर दवाएं लिखी मिलीं। नेताओं के ये पत्र रजिस्टर में चिपके हुए थे। दोनों अधिकारी जब फार्मेसिस्ट से पूछताछ कर रहे थे तो सीएमओ ने भी इस पर हैरानी जताई। बोले, उन्होंने तो इस तरह का रजिस्टर पहले कभी नहीं देखा है। एक सपा नेता का लेटरहेड चिपका देखकर सीडीओ ने फार्मेसिस्ट से पूछा कि दबाव में क्यों काम कर रहे हैं। अब तो इस पार्टी की सरकार भी नहीं है। डीएम ने कहा यह तो गैरकानूनी है। कर्मचारियों का कहना था कि रोज ही किसी न किसी ‘बड़े आदमी’ की सिफारिश आती है तो दवा देनी पड़ती है। उसका रिकार्ड रखने के लिए यह रजिस्टर बना लिया है।
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इमरजेंसी के शौचालय में पानी की सप्लाई बंद मिली
डीएम को इमरजेंसी वार्ड के शौचालय में पानी की सप्लाई बंद मिली। इमरजेंसी में उन्होंने एक ही अग्निशमन यंत्र लगा होने पर भी नाराजगी जताई। सीएमएस को निर्देश दिए कि अस्पताल में फायर सिक्योरिटी के लिए अलग से इंचार्ज बनाया जाए।
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निजी एंबुलेंस खड़ी देखकर किया जवाब तलब
परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी दिखी तो डीएम सीएमएस का जवाब तलब किया। वहां मौजूद लोगों ने शिकायत की कि अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने का धंधा खुलेआम चल रहा है। इस पर निजी एंबुलेंस के खड़े होने पर जवाब मांगा गया है। एक आशा वर्कर ने भी डीएम से गर्भवती महिलाओं को भर्ती कराने लाने पर अस्पताल में रुपये मांगे जाने की शिकायत की।
सीएमएस ने पुलिस चौकी खेलने की मांग की
दो दिन पहले तीमारदारों के इमरजेंसी मेडिकल अफसर पर हमला करने की घटना का जिक्र करते हुए सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने डीएम से अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी खुलवाने की मांग की। इस पर डीएम ने शासन को प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिलाया।
ब्लड बैंक में सिर्फ छह यूनिट खून बचा
लगभग दो घंटे के निरीक्षण के दौरान डीएम को ब्लड बैंक में खून की कमी के बारे में भी बताया गया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. यूवी सिंह ने बताया कि फिलहाल सिर्फ छह यूनिट रक्त ही बचा है। वैसे आमतौर पर यहां करीब सौ यूनिट ब्लड रहता है। रक्तदाता भी नहीं आ रहे हैं।