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चित्रा नक्षत्र की दिवाली देगी अपार धन
बरेली।
Updated Thu, 19 Oct 2017 01:08 AM IST
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पंचोत्सव के तीसरे दिन मनाया जाने वाला पर्व दिवाली बृहस्पतिवार को है। अमावस्या तिथि 18 अक्तूबर की मध्य रात्रि से लगेगी जो 19 अक्तूबर की मध्य रात्रि तक रहेगी। इस बार बृहस्पतिवार को चित्रा नक्षत्र के कारण दिवाली पूजन अपार धन दिलाएगा। यह योग 27 वर्ष बाद बन रहा है।
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, चित्रा नक्षत्र दफ्तर, नाना प्रकार के उपकरण निर्माताओं के लिए, वस्त्र-आभूषण आदि का काम करने वालों के लिए बहुत शुभ है। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार दिवाली पर ऐसा योग बन रहा है। इसके अलावा चतुर्र्गही योग भी है जो चहुंमुखी विकास का प्रतीक है, इसलिए इस दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश के साथ अन्य देवी-देवताओं की पूजा शुभ होगी। उन्होंने बताया कि यह दिन तंत्र-मंत्र-यंत्र की साधना के लिए भी विशेष है।
दिवाली पूजन का मुहूर्त
पूजा के लिए प्रदोष बेला और वृष लग्न शाम 6.55 से 8.52 तक है। इससे पहले दुकान, कारोबार, शोरूम आदि में पूजन के लिए समय दोपहर 2.38 से शाम 4.10 तक कुंभ लग्न में हितकर रहेगा, क्योंकि कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं जो व्यापार वृद्धि के कारक माने जाते हैं। इसके अलावा तंत्र-मंत्र-यंत्र के लिए मध्य रात्रि का समय है।
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करें लक्ष्मी चालीसा का पाठ और मंत्र जाप
धन, वैभव, ऐश्वर्य और कीर्ति आदि की चाह रखने वालों के लिए सलाह है कि वे इस रात श्री सूक्तम् कनकधारा, लक्ष्मी चालीसा सहित किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जाप या पाठ करें।
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, चित्रा नक्षत्र दफ्तर, नाना प्रकार के उपकरण निर्माताओं के लिए, वस्त्र-आभूषण आदि का काम करने वालों के लिए बहुत शुभ है। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार दिवाली पर ऐसा योग बन रहा है। इसके अलावा चतुर्र्गही योग भी है जो चहुंमुखी विकास का प्रतीक है, इसलिए इस दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश के साथ अन्य देवी-देवताओं की पूजा शुभ होगी। उन्होंने बताया कि यह दिन तंत्र-मंत्र-यंत्र की साधना के लिए भी विशेष है।
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दिवाली पूजन का मुहूर्त
पूजा के लिए प्रदोष बेला और वृष लग्न शाम 6.55 से 8.52 तक है। इससे पहले दुकान, कारोबार, शोरूम आदि में पूजन के लिए समय दोपहर 2.38 से शाम 4.10 तक कुंभ लग्न में हितकर रहेगा, क्योंकि कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं जो व्यापार वृद्धि के कारक माने जाते हैं। इसके अलावा तंत्र-मंत्र-यंत्र के लिए मध्य रात्रि का समय है।
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करें लक्ष्मी चालीसा का पाठ और मंत्र जाप
धन, वैभव, ऐश्वर्य और कीर्ति आदि की चाह रखने वालों के लिए सलाह है कि वे इस रात श्री सूक्तम् कनकधारा, लक्ष्मी चालीसा सहित किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जाप या पाठ करें।