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‘वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, दोबारा कराओ चुनाव’
बरेली।
Updated Fri, 15 Dec 2017 02:14 AM IST
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नगर निगम चुनाव में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को आधार बनाकर वार्ड 13 का चुनाव दोबारा कराने के लिए जिला जज की अदालत में इलेक्शन पिटीशन दायर किया गया है। मुकदमे में अमर उजाला की खबर को भी आधार बनाया गया है। विजयी उम्मीदवार की ओर से कोर्ट में पहले ही कैविएट लगा दिया गया था।
सुभाषनगर शांति विहार वार्ड 13 के रहने वाले रामपाल की ओर से दायर किए गए इलेक्शन पिटीशन में उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य चुनाव आयुक्त और विजयी उम्मीदवार अजय कुमार सिंह को पक्षकार बनाया है। इसमें कहा गया कि नगर निगम चुनाव में वार्ड 13 से रामपाल ने निर्दलीय प्रत्याशी की हैसियत से नामांकन कराया था। वार्ड की मतदाता सूची में भी उनका नाम मतदाता के रूप में दर्ज था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें 26 नवंबर को पता चला कि उनके समेत 2000 मतदाताओं के नाम वार्ड 13 शांति विहार की मतदाता सूची से हटाकर वार्ड 12 सिठौरा और अन्य वार्डों की सूचियों में शामिल कर दिए गए है। इस बारे में रामपाल ने निर्वाचन कार्यालय से जानकारी की गई तो सूचना सही निकली। अगले दिन 27 नवंबर को संबधित अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रामपाल का कहना है कि 29 नवंबर को अमर उजाला ने यह खबर ‘वोटर लिस्ट में खेल.. चुनाव से पहले ही प्रत्याशी आउट’ शीर्षक से विस्तार से प्रकाशित की। चुनाव अधिकारियों ने उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और मनमानी करके अजय कुमार सिंह को चुनाव जिता दिया। पिटीशन में यह भी कहा गया कि रामपाल ने शांति विहार में पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत शासन से की थी। इसी बात से नाराज होकर स्थानीय प्रशासन ने उन्हेें चुनाव से आउट किया क्योंकि वह जिताऊ उम्मीदवार थे। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की मनमानी की वजह से जिस वार्ड से वह उम्मीदवार थे उसकी मतदाता सूची से ही उनका नाम काट दिया गया और ऐसे वार्ड में भेज दिया गया जहां से वह उम्मीदवार नहीं थे। उन्होंने अदालत से मांग की है कि वार्ड 13 का चुनाव रदद करके दोबारा कराया जाए।
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इधर, इस मामले विजयी उम्मीदवार अजय कुमार सिंह ने अदालत में पहले ही इस बात की अर्जी (कैविएट) लगा रखी है कि अगर उनके खिलाफ कोई वाद दायर किया जाए तो उनका पक्ष भी सुना जाए। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तारीख लगाई गई है।
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सुभाषनगर शांति विहार वार्ड 13 के रहने वाले रामपाल की ओर से दायर किए गए इलेक्शन पिटीशन में उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य चुनाव आयुक्त और विजयी उम्मीदवार अजय कुमार सिंह को पक्षकार बनाया है। इसमें कहा गया कि नगर निगम चुनाव में वार्ड 13 से रामपाल ने निर्दलीय प्रत्याशी की हैसियत से नामांकन कराया था। वार्ड की मतदाता सूची में भी उनका नाम मतदाता के रूप में दर्ज था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें 26 नवंबर को पता चला कि उनके समेत 2000 मतदाताओं के नाम वार्ड 13 शांति विहार की मतदाता सूची से हटाकर वार्ड 12 सिठौरा और अन्य वार्डों की सूचियों में शामिल कर दिए गए है। इस बारे में रामपाल ने निर्वाचन कार्यालय से जानकारी की गई तो सूचना सही निकली। अगले दिन 27 नवंबर को संबधित अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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रामपाल का कहना है कि 29 नवंबर को अमर उजाला ने यह खबर ‘वोटर लिस्ट में खेल.. चुनाव से पहले ही प्रत्याशी आउट’ शीर्षक से विस्तार से प्रकाशित की। चुनाव अधिकारियों ने उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और मनमानी करके अजय कुमार सिंह को चुनाव जिता दिया। पिटीशन में यह भी कहा गया कि रामपाल ने शांति विहार में पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत शासन से की थी। इसी बात से नाराज होकर स्थानीय प्रशासन ने उन्हेें चुनाव से आउट किया क्योंकि वह जिताऊ उम्मीदवार थे। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की मनमानी की वजह से जिस वार्ड से वह उम्मीदवार थे उसकी मतदाता सूची से ही उनका नाम काट दिया गया और ऐसे वार्ड में भेज दिया गया जहां से वह उम्मीदवार नहीं थे। उन्होंने अदालत से मांग की है कि वार्ड 13 का चुनाव रदद करके दोबारा कराया जाए।
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इधर, इस मामले विजयी उम्मीदवार अजय कुमार सिंह ने अदालत में पहले ही इस बात की अर्जी (कैविएट) लगा रखी है कि अगर उनके खिलाफ कोई वाद दायर किया जाए तो उनका पक्ष भी सुना जाए। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तारीख लगाई गई है।