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जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए दौड़ाते रहे डॉक्टर
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 20 Sep 2016 01:41 AM IST
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रेप की कोशिश मामले में मेडिकल कराने गई भोजीपुरा की शिक्षिका की सोमवार को जिला अस्पताल में फजीहत हो गई। न तो जिला अस्पताल न ही महिला अस्पताल के डॉक्टर उसका मेडिकल कराने को राजी हुए। खास बात यह कि उसे लेकर क्राइम ब्रांच की टीम पहुंची थी। कई घंटे दोनोें अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद क्राइम ब्रांच शिक्षिका को वापस ले आई। क्राइम ब्रांच के प्रभारी जगदीश सिंह अरोरा ने पूरे मामले को जीडी में दर्ज कराकर रिपोर्ट एसपी क्राइम को देकर जिला अस्पताल में लड़कियों के मेडिकल में हीलाहवाली करने का आरोप लगाया है। शिक्षिका का निकाह 27 मई 2010 को रिछा के वफाउर्रहमान के साथ हुआ था। 27 अक्तूबर 2011 को दोनों की सहमति के बाद तलाक हो गया, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने शिक्षिका का पीछा नहीं छोड़ा। पहले उसने अश्लील मैसेज भेजने शुरू किए। बाद में शिक्षिका को सीबीगंज स्थित स्कूल में पढ़ाने जाते समय रास्ते में रोककर उसके साथ रेप की कोशिश की। विरोध करने पर तेजाब डालने की धमकी देने लगा। भोजीपुरा पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश के आरोप में मुकदमा लिखकर एक पर्चा भी नहीं काटा। यह मुकदमा यूं की क्राइम ब्रांच को भेज दिया। क्राइम ब्रांच के प्रभारी जगदीश सिंह अरोरा ने सोमवार को सुबह ही महिला सिपाही और एचसीपी के साथ पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस पीड़िता को चार घंटे लिए घूमती रही, लेकिन उसका मेडिकल नहीं हो पाया। महिला अस्पताल की डाक्टरों का कहना था कि चोटों का मेडिकल जिला अस्पताल में होगा। जबकि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने यह कहकर टरका दिया कि रेप का मामले का मेडिकल महिला अस्पताल में होगा। पुलिस परेशान होकर शिक्षिका को वापस ले आई। वापसी में क्राइम ब्रांच की जीडी में पूरी बात लिख दी गई। बाद में पीड़िता ने डीएम के सीयूजी नंबर पर फोन करके पूरा वाकया बताया। उन्होंने मंगलवार को मेडिकल कराने का आश्वासन दिया।
कोट
भोजीपुरा पुलिस को पीड़िता का मुकदमा लिखने के बाद ही मेडिकल कराना चाहिए था। हमने पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए भेजा था, लेकिन डॉक्टरों ने टरका दिया। पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ है, कोशिश हुई है, इसलिए चोटों का मेडिकल होना है।
-जगदीश सिंह अरोरा, प्रभारी क्राइम ब्रांच
-जिला अस्पताल में मेडिकल कराने गई पीड़िता के परेशान होने की शिकायत मिली है। मंगलवार को सीएमओ से बात करके पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा-विजय कुमार गौतम, एसपी क्राइम
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दुष्कर्म पीड़िता मेडिकल के लिए आई थी इसकी जानकारी नहीं थी। अगर मेेडिकल नहीं हुआ तो उसे सीएमएस से मिलना चाहिए था।
डॉ. वीपी धस्माना, प्रवक्ता, जिला अस्पताल
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कोट
भोजीपुरा पुलिस को पीड़िता का मुकदमा लिखने के बाद ही मेडिकल कराना चाहिए था। हमने पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए भेजा था, लेकिन डॉक्टरों ने टरका दिया। पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ है, कोशिश हुई है, इसलिए चोटों का मेडिकल होना है।
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-जगदीश सिंह अरोरा, प्रभारी क्राइम ब्रांच
-जिला अस्पताल में मेडिकल कराने गई पीड़िता के परेशान होने की शिकायत मिली है। मंगलवार को सीएमओ से बात करके पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा-विजय कुमार गौतम, एसपी क्राइम
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दुष्कर्म पीड़िता मेडिकल के लिए आई थी इसकी जानकारी नहीं थी। अगर मेेडिकल नहीं हुआ तो उसे सीएमएस से मिलना चाहिए था।
डॉ. वीपी धस्माना, प्रवक्ता, जिला अस्पताल