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मदरसे से बच्चों को निकालने की चर्चा संचालक बोले- किसी को नहीं निकाला
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
बरेली। दरगाह आला हजरत स्थित मदरसे से बच्चों को निकालने की चर्चा लोगों में फैली तो हड़कंप मच गया। बच्चे भी परेशान हो उठे कि लॉकडाउन में घर जाएंगे कैसे। हालांकि मदरसा संचालक के बेटे का कहना है कि सभी बच्चे मदरसे में हैं। किसी को नहीं निकाला गया है। 15 से लॉकडाउन खुलने की संभावना को देखते हुए सबके रिजर्वेशन करा दिए गए थे मगर अब लॉकडाउन बढ़ने के कारण सबको मदरसे में ही रोका गया है।
मौलाना मन्नान मियां का एक बड़ा मदरसा बाकरगंज में जामिया नूरिया रजविया के नाम से चलता है। जो इन दिनों लॉक डाउन में बंद चल रहा है। एक छोटा मदरसा दरगाह परिसर स्थित उनके घर के पीछे है। इसमें पढ़ाने वाले उस्ताद छुट्टी में अपने घर चले गए हैं। इस मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे वहीं रहते हैं। बुधवार को ये चर्चा आम हुई कि इन छात्रों को घर जाने के लिए कह दिया गया। इस पर छात्र परेशान हो गए। उनका कहना था कि न तो कोई साधन है न ही सड़क पर निकलने की इजाजत, घर जाएं कैसे। मदरसे में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद सहित मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, बंगाल आदि के छात्र हैं। इस मामले में मन्नानी मियां के बेटे मौलाना समनान रजा खां (समनानी मियां) ने का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। इन दिनों सभी जगह मदरसों में छुट्टियां कर दी गई हैं। उनके मदरसों में भी छुट्टियां हैं। कुछ बच्चे रमजान में हिफ्ज सुनाने के लिए रोक लिए गए थे। जब 15 से ट्रेन चलने की बात हुई तो इन बच्चों का 16 अप्रैल के लिए रिजर्वेशन करा लिया था, मगर फिर से लॉक डाउन आगे बढ़ा तो यह नहीं जा सके। वह बच्चे यहां आराम से हैं और खुश हैं। खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं है। उधर ये मामला पुलिस प्रशासनिक अफसरों तक भी पहुंचा है।
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मौलाना मन्नान मियां का एक बड़ा मदरसा बाकरगंज में जामिया नूरिया रजविया के नाम से चलता है। जो इन दिनों लॉक डाउन में बंद चल रहा है। एक छोटा मदरसा दरगाह परिसर स्थित उनके घर के पीछे है। इसमें पढ़ाने वाले उस्ताद छुट्टी में अपने घर चले गए हैं। इस मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे वहीं रहते हैं। बुधवार को ये चर्चा आम हुई कि इन छात्रों को घर जाने के लिए कह दिया गया। इस पर छात्र परेशान हो गए। उनका कहना था कि न तो कोई साधन है न ही सड़क पर निकलने की इजाजत, घर जाएं कैसे। मदरसे में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद सहित मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, बंगाल आदि के छात्र हैं। इस मामले में मन्नानी मियां के बेटे मौलाना समनान रजा खां (समनानी मियां) ने का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। इन दिनों सभी जगह मदरसों में छुट्टियां कर दी गई हैं। उनके मदरसों में भी छुट्टियां हैं। कुछ बच्चे रमजान में हिफ्ज सुनाने के लिए रोक लिए गए थे। जब 15 से ट्रेन चलने की बात हुई तो इन बच्चों का 16 अप्रैल के लिए रिजर्वेशन करा लिया था, मगर फिर से लॉक डाउन आगे बढ़ा तो यह नहीं जा सके। वह बच्चे यहां आराम से हैं और खुश हैं। खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं है। उधर ये मामला पुलिस प्रशासनिक अफसरों तक भी पहुंचा है।
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