{"_id":"6406a73db892a1f964017114","slug":"diapers-and-test-equipment-will-now-be-available-at-jan-aushadhi-kendras-bareilly-news-c-4-noi1138-86316-2023-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अब जन औषधि केंद्रों पर मिलेंगे डाइपर और जांच उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अब जन औषधि केंद्रों पर मिलेंगे डाइपर और जांच उपकरण
विज्ञापन
बरेली। दवाओं की कमी से जूझ रहे जन औषधि केंद्रों पर अब दवाओं का भरपूर स्टॉक पहुंच गया है। साथ ही, कई स्वास्थ्य जांच संबंधी उपकरण, बच्चों और बुजुर्गों के डाइपर, इंसुलिन, ग्लूकोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर समेत थॉयराइड की भी दवाएं उपलब्ध हो गई हैं। जिनके दाम बाजार से करीब 50 फीसदी से भी कम हैं। कारोबारियों ने दवा और उपकरणों की गुणवत्ता को बेहतर बताया है।
केंद्र सरकार की ओर से एक से सात मार्च तक ‘जन औषधि-सेवा भी, रोजगार भी’ विषय पर जागरूकता मुहिम चलाने के निर्देश हैं। इसके तहत सात मार्च कोे जन औषधि दिवस मनाया जाता है। बरेली जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र संचालक सुमित गुप्ता ने बताया कि करीब माह भर पहले तक कुछ दवाओं का स्टॉक कम हो गया था। उनकी आपूर्ति नहीं हो रही थी। मगर अब आपूर्ति भरपूर है। वहीं, लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश, थॉयराइड के मरीजों के लिए जरूरी लिवोथायरॉक्सिन, शुगर, बीपी के मरीजों की भी दवाएं अब उपलब्ध हैं। जेनेरिक ड्रग संबंधी लगभग 80 फीसदी दवा आपूर्ति है।
जेनेेरिक दवाओं को लेकर लोगों में अभी भ्रम की स्थिति है। प्रचार-प्रसार के अभाव में केंद्रों पर मरीजों की आवाजाही कम होने से बिक्री कम रहती है। लिहाजा, सीमित स्टॉक मंगाया जाता है। जिसके समाप्त होने से पांच दिन पहले ही ऑर्डर दे दिया जाता है।
विज्ञापन
जहां फार्मासिस्ट नहीं थे, वे बंद हो गए केंद्र
जन औषधि केंद्र संचालक डॉ. दीपक गंगवार ने बताया कि साल 2017 में बरेली में पहला केंद्र खुला था। साल भर में तेजी से केंद्र खोले गए और तादाद 36 तक पहुंच गई। जहां फार्मासिस्ट नहीं थे वहां आपूर्ति प्रभावित होने से केंद्र बंद करने पड़े। अब जिले में 18 केंद्र और मंडल में 31 केंद्र संचालित हैं। दवाओं की मांग भी बढ़ रही है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से एक से सात मार्च तक ‘जन औषधि-सेवा भी, रोजगार भी’ विषय पर जागरूकता मुहिम चलाने के निर्देश हैं। इसके तहत सात मार्च कोे जन औषधि दिवस मनाया जाता है। बरेली जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र संचालक सुमित गुप्ता ने बताया कि करीब माह भर पहले तक कुछ दवाओं का स्टॉक कम हो गया था। उनकी आपूर्ति नहीं हो रही थी। मगर अब आपूर्ति भरपूर है। वहीं, लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश, थॉयराइड के मरीजों के लिए जरूरी लिवोथायरॉक्सिन, शुगर, बीपी के मरीजों की भी दवाएं अब उपलब्ध हैं। जेनेरिक ड्रग संबंधी लगभग 80 फीसदी दवा आपूर्ति है।
विज्ञापन
जेनेेरिक दवाओं को लेकर लोगों में अभी भ्रम की स्थिति है। प्रचार-प्रसार के अभाव में केंद्रों पर मरीजों की आवाजाही कम होने से बिक्री कम रहती है। लिहाजा, सीमित स्टॉक मंगाया जाता है। जिसके समाप्त होने से पांच दिन पहले ही ऑर्डर दे दिया जाता है।
विज्ञापन
जहां फार्मासिस्ट नहीं थे, वे बंद हो गए केंद्र
जन औषधि केंद्र संचालक डॉ. दीपक गंगवार ने बताया कि साल 2017 में बरेली में पहला केंद्र खुला था। साल भर में तेजी से केंद्र खोले गए और तादाद 36 तक पहुंच गई। जहां फार्मासिस्ट नहीं थे वहां आपूर्ति प्रभावित होने से केंद्र बंद करने पड़े। अब जिले में 18 केंद्र और मंडल में 31 केंद्र संचालित हैं। दवाओं की मांग भी बढ़ रही है।