{"_id":"5f91db0a8ebc3e9ba96a773d","slug":"dhan-kharid-bareilly-news-bly424349190","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलीभीत से गरमाया धान खरीद का मामला तो आंच आरएफसी तक पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलीभीत से गरमाया धान खरीद का मामला तो आंच आरएफसी तक पहुंची
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पीलीभीत। धान खरीद में बीते दिनों डीएम के निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी गई थी। उसमें डीएम ने मंडी में डिप्टी आरएमओ अविनाश झा की कड़ी फ टकार लगाई थी। उसके दस दिन बाद ही शासन से आरएफ सी का निलंबन हो गया। पीलीभीत से धान खरीद के घपले की जांच डिप्टी आरएमओ से होते हुए आरएफ सी तक पहुंच गई। आरएफ सी के निलंबन ने धान माफि या में खलबली मचा दी है। अभी धान खरीद से जुड़े कुछ और अफ सरों पर भी शासन की गाज गिर सकती है
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने 12 अक्टूबर को मंडी में छापा मारा था। उसमे बड़े पैमाने पर धान खरीद में गड़बड़ी सामने आई थी। डीएम ने उस दिन डिप्टी आरएमओ अविनाश झा को कड़ी फ टकार लगाई थी। उन्हें निलंबित कराने तक की चेतावनी दी थी। यह मामला शासन से लेकर सोशल मीडिया तक सुर्खियों में छा गया। इसके बाद मंडल में सरकारी धान क्रय केंद्रों की मानीटरिंग शुरू हो गई और आरएफ सी पीके श्रीवास्तव को शासन ने निलंबित कर दिया। आरएफ सी के निलंबन की मुख्य वजह धान खरीद के एक बड़े माफि या से अंदरूनी सांठगांठ मानी जा रही है।
सोशल साइट्स पर उजागर हुईं थी गड़बड़ियां
डीएम का वीडियो सोशल साइट्स पर भी वायरल हुआ था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह नें डीएम से बात करके उनके प्रयासों की सराहना की थी। 18 अक्तूबर को ट्रक के नाम पर परिवहन ढुलाई में दौड़ाए जा रहे बाइकों के नम्बर...। यह मामला भी सामने आया था। इसके लिए भी शासन को लिखा गया था। प्रशासन दस दिन बाद ही अचानक आरएफ सी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का निलंबन कर दिया गया। इसे सीधे तौर पर पीलीभीत में पकड़ी गयी गड़बड़ी से जोड़ कर देखा गया है । हालांकि यहां अफ सर मण्डल स्तर से धान खरीद में पकड़ी गई गड़बड़ी को वजह बता रहे है।
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एक ही फर्म को ज्यादा सेंटर देने का भी आरोप
शाहजहांपुर के कटरा निवासी एक व्यक्ति की फ र्म के नाम पर बीते कई साल से टेंडर प्रक्त्रिस्या में 150 से 160 धान खरीद सेंटर ले रखे हैं। हमेशा एक ही फ र्म को इतनी बड़ी संख्या में धान खरीद केंद्र के टेंडर मिलने के पीछे अफ सरों की सांठगांठ मानी जा रही है। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा इस बारे में शासन को कई बार शिकायत भी कर चुके हैं। मगर धान खरीद माफि या की स्थानीय अफसरों से लेकर शासन तक मजबूत पकड़ और राजनीतिक संरक्षण के चलते उसे धान क्त्रस्य केंद्र मिलने से कोई रोक नहीं पाया।
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जिलाधिकारी पुलकित खरे ने 12 अक्टूबर को मंडी में छापा मारा था। उसमे बड़े पैमाने पर धान खरीद में गड़बड़ी सामने आई थी। डीएम ने उस दिन डिप्टी आरएमओ अविनाश झा को कड़ी फ टकार लगाई थी। उन्हें निलंबित कराने तक की चेतावनी दी थी। यह मामला शासन से लेकर सोशल मीडिया तक सुर्खियों में छा गया। इसके बाद मंडल में सरकारी धान क्रय केंद्रों की मानीटरिंग शुरू हो गई और आरएफ सी पीके श्रीवास्तव को शासन ने निलंबित कर दिया। आरएफ सी के निलंबन की मुख्य वजह धान खरीद के एक बड़े माफि या से अंदरूनी सांठगांठ मानी जा रही है।
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सोशल साइट्स पर उजागर हुईं थी गड़बड़ियां
डीएम का वीडियो सोशल साइट्स पर भी वायरल हुआ था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह नें डीएम से बात करके उनके प्रयासों की सराहना की थी। 18 अक्तूबर को ट्रक के नाम पर परिवहन ढुलाई में दौड़ाए जा रहे बाइकों के नम्बर...। यह मामला भी सामने आया था। इसके लिए भी शासन को लिखा गया था। प्रशासन दस दिन बाद ही अचानक आरएफ सी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का निलंबन कर दिया गया। इसे सीधे तौर पर पीलीभीत में पकड़ी गयी गड़बड़ी से जोड़ कर देखा गया है । हालांकि यहां अफ सर मण्डल स्तर से धान खरीद में पकड़ी गई गड़बड़ी को वजह बता रहे है।
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एक ही फर्म को ज्यादा सेंटर देने का भी आरोप
शाहजहांपुर के कटरा निवासी एक व्यक्ति की फ र्म के नाम पर बीते कई साल से टेंडर प्रक्त्रिस्या में 150 से 160 धान खरीद सेंटर ले रखे हैं। हमेशा एक ही फ र्म को इतनी बड़ी संख्या में धान खरीद केंद्र के टेंडर मिलने के पीछे अफ सरों की सांठगांठ मानी जा रही है। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा इस बारे में शासन को कई बार शिकायत भी कर चुके हैं। मगर धान खरीद माफि या की स्थानीय अफसरों से लेकर शासन तक मजबूत पकड़ और राजनीतिक संरक्षण के चलते उसे धान क्त्रस्य केंद्र मिलने से कोई रोक नहीं पाया।