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आवास विकास के मकानों में बने शो रूम तोड़ने निकलेगा दस्ता
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प्रशासन से मांगा पुलिस का सहयोगा, 27-28 जनवरी को चलेगा अभियान
15 निर्माणकर्ताओं पर दर्ज हुई थी एफआईआर, 40 को जारी हुए थे नोटिस
बरेली। आवास विकास परिषद के राजेंद्रनगर आवासीय क्षेत्र में अनाधिकृत तौर से बड़ी-बड़ी दुकानें और शोरूम खुल गए हैं। आवास विकास के अधिकारी वर्षों से इन अवैध व्यावसायिक भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हाल में अफसरों की मिलीभगत से मकानों में शोरूम निर्माण के खुलासे हुए तो अधिकारियों को 15 भवन स्वामियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। साथ ही 40 निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी जारी किए। अब आवास विकास इन अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए 27 और 28 को अभियान चलाएगा। इसके लिए प्रशासन से पुलिस का सहयोग मांगा गया है।
आवास विकास की राजेंद्रनगर आवासीय योजना में बड़ी संख्या में आवासीय भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। राजेंद्रनगर और जनकपुरी सहित कई जगहों पर अवैध निर्माण कर शोरूम और दुकानें बन गई हैं। विभागीय मिलीभगत से अभी भी अवैध नए व्यावसायिक निर्माण जारी हैं। वर्षों पुराने कब्जे को न हटाकर आवास विकास के अधिकारी केवल नोटिस ही जारी करते आ रहे हैं। हाल में अवैध व्यावसायिक भवनों के निर्माण के प्रकरण सुर्खियों में आए तो आवास विकास के अधिकारियों की फजीहत हुई। एक्सईएन राजीव कुमार की ओर से अवैध भवनों को चिह्नित कर 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही 40 और अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया था। कमिश्नर के भी मामला संज्ञान लेेने के बाद आवास विकास के एक्सईएन ने अनाधिकृत निर्माण को अभियान चलाकर तोड़ने के लिए 27 और 28 जनवरी की तारीख तय की है। इसके लिए आवास विकास ने फोर्स की डिमांड भी पुलिस व प्रशासन से की है।
सूरजभान स्कूल का अवैध निर्माण भी तोड़ा जाएगा
राजेंद्रनगर स्थित बी ब्लॉक में सूरजभान स्कूल में एक हिस्से का अवैध निर्माण करा लिया गया था। इसे लेकर दीवाली से पहले आवास विकास के एक्सईएन राजीव कुमार ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस देते हुए अवैध निर्माण तोड़ने के लिए 15 अक्तूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय की थी। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई शुरू होती, इससे पहले ही स्कूल प्रबंधन ने अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रबंधन के लोगों ने तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मिलकर यह आग्रह किया था कि प्रशासन कार्रवाई न करे, वह खुद ही निर्माण के अवैध हिस्से को तोड़ देंगे। स्कूल प्रबंधन ने कुछ दिन तो निर्माण तोड़ा, लेकिन बाद में मामला ठंडा होने के बाद बिल्डिंग को ऐसे ही छोड़ दिया गया। आवास विकास ने स्कूल के अनाधिकृत हिस्से को तोड़ने के लिए 27 और 28 जनवरी की तारीख तय की है। एडीएम सिटी महेंद्र सिंह ने इसके लिए नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार को इस कार्रवाई के लिए बतौर मजिस्ट्रेट जिम्मेदारी सौंपी है।
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‘अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्र में कॉमर्शियल गतिविधियों को लेकर आवास विकास परिषद नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए तहत नोटिस देने के साथ एफआईआर दर्ज हो चुकी है्ं। चिह्नित अवैध व्यावसायिक भवनों को तोड़ने के लिए प्रशासन से फोर्स मांगी गई है। इसकी तारीख भी तय कर दी है।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास
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15 निर्माणकर्ताओं पर दर्ज हुई थी एफआईआर, 40 को जारी हुए थे नोटिस
बरेली। आवास विकास परिषद के राजेंद्रनगर आवासीय क्षेत्र में अनाधिकृत तौर से बड़ी-बड़ी दुकानें और शोरूम खुल गए हैं। आवास विकास के अधिकारी वर्षों से इन अवैध व्यावसायिक भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हाल में अफसरों की मिलीभगत से मकानों में शोरूम निर्माण के खुलासे हुए तो अधिकारियों को 15 भवन स्वामियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। साथ ही 40 निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी जारी किए। अब आवास विकास इन अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए 27 और 28 को अभियान चलाएगा। इसके लिए प्रशासन से पुलिस का सहयोग मांगा गया है।
आवास विकास की राजेंद्रनगर आवासीय योजना में बड़ी संख्या में आवासीय भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। राजेंद्रनगर और जनकपुरी सहित कई जगहों पर अवैध निर्माण कर शोरूम और दुकानें बन गई हैं। विभागीय मिलीभगत से अभी भी अवैध नए व्यावसायिक निर्माण जारी हैं। वर्षों पुराने कब्जे को न हटाकर आवास विकास के अधिकारी केवल नोटिस ही जारी करते आ रहे हैं। हाल में अवैध व्यावसायिक भवनों के निर्माण के प्रकरण सुर्खियों में आए तो आवास विकास के अधिकारियों की फजीहत हुई। एक्सईएन राजीव कुमार की ओर से अवैध भवनों को चिह्नित कर 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही 40 और अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया था। कमिश्नर के भी मामला संज्ञान लेेने के बाद आवास विकास के एक्सईएन ने अनाधिकृत निर्माण को अभियान चलाकर तोड़ने के लिए 27 और 28 जनवरी की तारीख तय की है। इसके लिए आवास विकास ने फोर्स की डिमांड भी पुलिस व प्रशासन से की है।
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सूरजभान स्कूल का अवैध निर्माण भी तोड़ा जाएगा
राजेंद्रनगर स्थित बी ब्लॉक में सूरजभान स्कूल में एक हिस्से का अवैध निर्माण करा लिया गया था। इसे लेकर दीवाली से पहले आवास विकास के एक्सईएन राजीव कुमार ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस देते हुए अवैध निर्माण तोड़ने के लिए 15 अक्तूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय की थी। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई शुरू होती, इससे पहले ही स्कूल प्रबंधन ने अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रबंधन के लोगों ने तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मिलकर यह आग्रह किया था कि प्रशासन कार्रवाई न करे, वह खुद ही निर्माण के अवैध हिस्से को तोड़ देंगे। स्कूल प्रबंधन ने कुछ दिन तो निर्माण तोड़ा, लेकिन बाद में मामला ठंडा होने के बाद बिल्डिंग को ऐसे ही छोड़ दिया गया। आवास विकास ने स्कूल के अनाधिकृत हिस्से को तोड़ने के लिए 27 और 28 जनवरी की तारीख तय की है। एडीएम सिटी महेंद्र सिंह ने इसके लिए नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार को इस कार्रवाई के लिए बतौर मजिस्ट्रेट जिम्मेदारी सौंपी है।
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‘अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्र में कॉमर्शियल गतिविधियों को लेकर आवास विकास परिषद नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए तहत नोटिस देने के साथ एफआईआर दर्ज हो चुकी है्ं। चिह्नित अवैध व्यावसायिक भवनों को तोड़ने के लिए प्रशासन से फोर्स मांगी गई है। इसकी तारीख भी तय कर दी है।’
- राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास