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वन मंत्रालय के पास फंसी एनओसी ने लटकाए विकास के प्रोजेक्ट
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चौपुला और नकटिया के लिए वन विभाग से जल्द अनुमति के आसार नहीं
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महीनों बाद भी अनापत्ति न देने से सेतु निगम के अधिकारी भी परेशान
बरेली। नोडल अफसर से लेकर डिप्टी सीएम और प्रभारी मंत्री की कड़ी हिदायत के बावजूद सिस्टम पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। चौपुला और नकटिया पुल के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में फंसी एनओसी अब तक जारी नहीं हो सकी है। हालात ये हैं कि वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों के पास एनओसी देने के लिए सर्वे करने तक के निर्देश नहीं आए हैं। विभाग के साथ मंत्रालय तक के अफसरों की इस लापरवाही से जनहित के ये काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जबकि सेतु निगम इसके लिए न जाने कितनी बार पत्राचार कर चुका है।
सेतु निगम ने नकटिया पर पुल निर्माण इस साल के शुरूआत में चालू किया। चौपुला पर भी जनवरी में ही काम प्रारंभ हो गया था। यहां सर्विस लेन आदि के लिए वन विभाग की जमीन का पेच फंसा हुआ है, जबकि सेतु निगम के अधिकारियों को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से एनओसी मांगे करीब 10 महीने गुजर चुके है। हाल में प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे आपसी समन्वय और सहयोग से विकास के लटके कामों को जल्द पूरा कराएं। इसके बावजूद कई ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर वन मंत्रालय के पास एनओसी का मामला निस्तारित नहीं हो रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय एनओसी देने से पहले स्थानीय अफसरों से सर्वे भी कराता है, लेकिन अब तक इसके आदेश भी मंत्रालय से नहीं मिले हैं। जाहिर है कि सेतु निगम को इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग से अनापत्ति मिलने की जल्द उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।
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अभी इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए मंत्रालय से सर्वे के आदेश आने हैं। इसके बाद भेजे जाने वाले बिंदुओं पर अध्ययन करके वन मंत्रालय एनओसी जारी करेगा। फिलहाल अभी इन प्रोजेक्ट के सर्वे के मेरे पास निर्देश नहीं आए हैं। -भरतलाल, डीएफओ
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महीनों बाद भी अनापत्ति न देने से सेतु निगम के अधिकारी भी परेशान बरेली। नोडल अफसर से लेकर डिप्टी सीएम और प्रभारी मंत्री की कड़ी हिदायत के बावजूद सिस्टम पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। चौपुला और नकटिया पुल के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में फंसी एनओसी अब तक जारी नहीं हो सकी है। हालात ये हैं कि वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों के पास एनओसी देने के लिए सर्वे करने तक के निर्देश नहीं आए हैं। विभाग के साथ मंत्रालय तक के अफसरों की इस लापरवाही से जनहित के ये काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जबकि सेतु निगम इसके लिए न जाने कितनी बार पत्राचार कर चुका है।
सेतु निगम ने नकटिया पर पुल निर्माण इस साल के शुरूआत में चालू किया। चौपुला पर भी जनवरी में ही काम प्रारंभ हो गया था। यहां सर्विस लेन आदि के लिए वन विभाग की जमीन का पेच फंसा हुआ है, जबकि सेतु निगम के अधिकारियों को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से एनओसी मांगे करीब 10 महीने गुजर चुके है। हाल में प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे आपसी समन्वय और सहयोग से विकास के लटके कामों को जल्द पूरा कराएं। इसके बावजूद कई ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर वन मंत्रालय के पास एनओसी का मामला निस्तारित नहीं हो रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय एनओसी देने से पहले स्थानीय अफसरों से सर्वे भी कराता है, लेकिन अब तक इसके आदेश भी मंत्रालय से नहीं मिले हैं। जाहिर है कि सेतु निगम को इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग से अनापत्ति मिलने की जल्द उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।
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अभी इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए मंत्रालय से सर्वे के आदेश आने हैं। इसके बाद भेजे जाने वाले बिंदुओं पर अध्ययन करके वन मंत्रालय एनओसी जारी करेगा। फिलहाल अभी इन प्रोजेक्ट के सर्वे के मेरे पास निर्देश नहीं आए हैं। -भरतलाल, डीएफओ