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सेटेलाइट से हवाई अड्डा तक फोरलेन अब बनाएगा पीडब्ल्यूडी
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बरेली। करीब दो साल की लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट चौराहा से हवाई अड्डा तक की रोड एनएचएआई ने पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी है। अब पीडब्ल्यूडी द्वारा फोरलेन बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है। स्वामित्व न मिल पाने से पीडब्ल्यूडी इस रोड पर कोई काम नहीं करा पा रहा था। जबकि एनएचएआई के अफसर भी इस रोड की मरम्मत सहित दूसरे कामों पर कोई ध्यान नहीं दे थे।
बरेली से सितारगंज रोड नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पास है। इस रोड के सेटेलाइट चौराहा से पीलीभीत बाईपास के आगे निर्माणाधीन हवाई अड्डे तक रोड को पीडब्ल्यूडी को सौंपने की कार्रवाई करीब दो साल से चल रही थी, लेकिन केंद्र सरकार से इसकी अनुमति काफी समय से लटकी हुई थी। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के बीच फंसे हाईवे के इस हिस्से का रखरखाव भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा था। जबकि शहरी भाग होने की वजह से इस पर ट्रैफिक का काफी दबाव रहता है। डिवाइडर टूटने और अवैध कट की वजह से यहां आए दिन हादसे भी होते हैं। एनएचएआई ने इस रोड को हाल में पीडब्ल्यूडी के सुपुर्द कर दिया है। यहां रोड को फोरलेन बनाया जाना है।
चौड़ीकरण से कम हो जाएगा मयूर वन चेतना केंद्र के मोड़ का खतरा
पीलीभीत बाईपास पर बैरियर नंबर दो से हवाई अड्डे तक रोड की चौड़ाई कम है, जबकि दो मोड़ है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास मोड़ पर हादसों में आए दिन मौतें होती रहती है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन वीएम शर्मा ने बताया कि इस रोड फोरलेन बन जाने से काफी हद तक खतरा कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 दिन के अंदर पूरी रोड का सर्वे करके देना है कि फोरलेने के लिए कितने बिजली के पोल शिफ्ट होने हैं और कितनी जमीन वन विभाग की है। इसके बाद फोरलेन बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार होगी।
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बीसलपुर रोड एनएच को ट्रांसफर
बरेली से बीसलपुर रोड राज्य सरकार के अधीन नेशनल हाईवे के पास स्थानांतरित हो गया है। अक्तूबर से पहले यह रोड पीडब्ल्यूडी के पास था। अब इस रोड का भी चौड़ीकरण होगा।
‘पीलीभीत बाईपास रोड पीडब्ल्यूडी के पास आ गया है, जबकि बरेली-बीसलपुर रोड पीडब्ल्यूडी से एनएच को ट्रांसफर हो गई है। यह दोनों स्वीकृतियां कुछ दिन पहले ही हुई हैं।’
- वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन
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बरेली से सितारगंज रोड नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पास है। इस रोड के सेटेलाइट चौराहा से पीलीभीत बाईपास के आगे निर्माणाधीन हवाई अड्डे तक रोड को पीडब्ल्यूडी को सौंपने की कार्रवाई करीब दो साल से चल रही थी, लेकिन केंद्र सरकार से इसकी अनुमति काफी समय से लटकी हुई थी। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के बीच फंसे हाईवे के इस हिस्से का रखरखाव भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा था। जबकि शहरी भाग होने की वजह से इस पर ट्रैफिक का काफी दबाव रहता है। डिवाइडर टूटने और अवैध कट की वजह से यहां आए दिन हादसे भी होते हैं। एनएचएआई ने इस रोड को हाल में पीडब्ल्यूडी के सुपुर्द कर दिया है। यहां रोड को फोरलेन बनाया जाना है।
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चौड़ीकरण से कम हो जाएगा मयूर वन चेतना केंद्र के मोड़ का खतरा
पीलीभीत बाईपास पर बैरियर नंबर दो से हवाई अड्डे तक रोड की चौड़ाई कम है, जबकि दो मोड़ है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास मोड़ पर हादसों में आए दिन मौतें होती रहती है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन वीएम शर्मा ने बताया कि इस रोड फोरलेन बन जाने से काफी हद तक खतरा कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 दिन के अंदर पूरी रोड का सर्वे करके देना है कि फोरलेने के लिए कितने बिजली के पोल शिफ्ट होने हैं और कितनी जमीन वन विभाग की है। इसके बाद फोरलेन बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार होगी।
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बीसलपुर रोड एनएच को ट्रांसफर
बरेली से बीसलपुर रोड राज्य सरकार के अधीन नेशनल हाईवे के पास स्थानांतरित हो गया है। अक्तूबर से पहले यह रोड पीडब्ल्यूडी के पास था। अब इस रोड का भी चौड़ीकरण होगा।
‘पीलीभीत बाईपास रोड पीडब्ल्यूडी के पास आ गया है, जबकि बरेली-बीसलपुर रोड पीडब्ल्यूडी से एनएच को ट्रांसफर हो गई है। यह दोनों स्वीकृतियां कुछ दिन पहले ही हुई हैं।’
- वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन