{"_id":"cd40dc671140d5e5cd65e20502bb3f28","slug":"delivering-the-message-of-saving-daughter-bicycling-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइकिल चलाकर दे रहे बेटी बचाने का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइकिल चलाकर दे रहे बेटी बचाने का संदेश
बरेली
Updated Mon, 22 Feb 2016 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। साइकिल चलाकर शहर-शहर घूमते हुए बेटी बचाने का संदेश देना। आज कल यही काम कर रहे हैं कानपुर के 25 वर्षीय आशीष क्लांसी। रविवार को बरेली पहुंचे आशीष का दावा है कि उन्हाेंने 6000 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से कर ली है। वह यूपी में घूम रहे हैं। बेटी बचाओ का संदेश जब तक सभी शहरों और गांवों तक नहीं पहुंच जाएगा तब तक यात्रा चलती रहेगी।
कानपुर के गोविंदनगर निवासी आशीष माता-पिता की इकलौती संतान हैं। वह कहते हैं कि बेटे-बेटी के बीच बढ़ रही खाई को पाटने के लिए उनके 12 दोस्तों ने मिलकर होप ऑफ लाइफ एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी बनाई है। इनका काम शिक्षा की अलख जगाना है। इसी के तहत उन्हाेंने यह अनोखा अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसमें उनकी मां ने खूब साथ दिया। आशीष कानपुर से चलकर आगरा, मथुरा, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, पंजाब, लुधियाना, चंडीगढ़, मेरठ, देहरादून, ऋषिकेश, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं से होकर बरेली पहुंचे हैं। उनकी साइकिल पर संदेश लिखे हैं। वह पर्चे बांटते हुए चल रहे हैं। आशीष को देखकर एकबार तो लोग उनके पास पहुंचते ही हैं। उनका कहना है, अब यूपी के बचे शहरों में घूमकर रिकॉर्ड कायम करने की कोशिश करूंगा। बरेली से वह रामपुर के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
कानपुर के गोविंदनगर निवासी आशीष माता-पिता की इकलौती संतान हैं। वह कहते हैं कि बेटे-बेटी के बीच बढ़ रही खाई को पाटने के लिए उनके 12 दोस्तों ने मिलकर होप ऑफ लाइफ एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी बनाई है। इनका काम शिक्षा की अलख जगाना है। इसी के तहत उन्हाेंने यह अनोखा अभियान चलाने का निर्णय लिया। इसमें उनकी मां ने खूब साथ दिया। आशीष कानपुर से चलकर आगरा, मथुरा, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, पंजाब, लुधियाना, चंडीगढ़, मेरठ, देहरादून, ऋषिकेश, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं से होकर बरेली पहुंचे हैं। उनकी साइकिल पर संदेश लिखे हैं। वह पर्चे बांटते हुए चल रहे हैं। आशीष को देखकर एकबार तो लोग उनके पास पहुंचते ही हैं। उनका कहना है, अब यूपी के बचे शहरों में घूमकर रिकॉर्ड कायम करने की कोशिश करूंगा। बरेली से वह रामपुर के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन