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Bareilly News: डीएलएड पास युवती को नहीं मिली नौकरी, ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Tue, 06 Jan 2026 02:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:58 AM IST
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D.El.Ed pass girl did not get job, committed suicide by jumping in front of a train
सोमवार सुबह पीलीभीत-बरेली सिटी पैसेंजर के आगे लगाई छलांग, मौके पर हुई मौत
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नवाबगंज/ बरेली। बीएससी, डीएलएड की पढ़ाई करने के बावजूद छात्रा को नौकरी नहीं मिली। इससे परेशान होकर सोमवार सुबह छात्रा ने बिजौरिया स्टेशन के पास पीलीभीत-बरेली सिटी पैसेंजर के आगे कूदकर जान दे दी। छात्रा घर से बरेली में परीक्षा देने की बात कहकर निकली थी। उसके बैग से सुसाइड नोट मिला है।
नवाबगंज कस्बे के इस्लामनगर निवासी फहमुद्दीन अंसारी ने बताया कि सोमवार सुबह उनकी बेटी गुलनाज (35) परीक्षा देने की बात कहकर घर से निकली थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब 7:30 बजे बिजौरिया रेलवे स्टेशन के पास गंगापुर उर्फ खामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर उसने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। गुलनाज के परिवार वालों ने बताया कि वह बीएससी के बाद डीएलएड कर चुकी थी। सीटीईटी व यूपीटेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी पास कर चुकी थी। इसके बावजूद उनको नौकरी नहीं मिल रही थी। बेरोजगारी ने उसे अंदर से तोड़ दिया था।
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इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मृतका के बैग से मिले सुसाइड नोट में नौकरी न मिलने की पीड़ा और मानसिक तनाव का जिक्र है। मृतका का छोटा भाई शहबाज रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। छोटी बहन नरगिस भी छात्रा है। जीआरपी ने पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमाॅर्टम के लिए पीलीभीत भेज दिया। देर शाम परिवार वाले शव नवाबगंज लाए और कस्बे के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
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मेरे साथ कभी अच्छा नहीं हुआ, आने वाले सालों में भी उम्मीद नहीं
छात्रा के बैग से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं गुलनाज, अपनी मर्जी से खुदकुशी करने जा रही हूं। मैं अपनी जिंदगी से बहुत तंग आ चुकी हूं। मेरे साथ आज तक कुछ अच्छा नहीं हुआ है। अब जिंदगी के जितने साल बचे हैं, उनमें भी कुछ अच्छा होगा, ऐसी उम्मीद करना बेकार है। मुझे यकीन हो गया है कि अब कभी किस्मत नहीं बदलेगी। मेरे ऊपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं होगा। यह सब मैं अपनी मर्जी से कर रही हूं, किसी तरह की कोई जांच नहीं की जाए। मेरे किसी भी बैंक खाते में पैसे नहीं हैं। सभी रुपये निकालकर अलमारी में रख दिए हैं। सुसाइड नोट के अंत में उसने अपने पापा और मौसा का नंबर लिखा है। संवाद
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