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Bareilly News: फैक्टर 8, 9 की किल्लत, हीमोफीलिया के मरीजों पर संकट
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बरेली। जिला अस्पताल में फैक्टर 8, 9 खत्म होने से हीमोफीलिया के मरीजों पर फिर संकट मंडराने लगा है। माहभर से चल रही किल्लत की वजह से पीड़ित परेशान हैं। मंगलवार को हीमोफीलिया के मरीज अस्पताल पहुंचे तो उन्हें फैक्टर खत्म होने की जानकारी देकर हायर सेंटर रेफर किया गया।
हीमोफीलिया पीड़ितों को चोट लग जाए और खून का रिसाव बंद न हो तब फैक्टर की जरूरत पड़ती है। बीते माहभर से जिला अस्पताल में फैक्टर की कमी है। इलाज के लिए पहुंच रहे पीड़ितों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। हीमोफीलिया सोसायटी की अध्यक्ष रेखा रानी के मुताबिक 15 दिन पहले जिला अस्पताल से शासन को एक हजार फैक्टर की डिमांड भेजी गई थी पर सिर्फ 200 ही मिले थे। अब वह भी समाप्त हो गए। आशंका जताई कि अगर कोई पीड़ित गंभीर हादसे का शिकार हो जाए तो उसकी जान बचाना मुश्किल होगा।
जिला अस्पताल में हीमोफीलिया के 250 मरीज पंजीकृत हैं। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा मरीज फैक्टर आठ के हैं। उन्हें समय-समय पर अस्पताल पहुंचकर हीमोफीलिया की दवा लेने के साथ ही इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक उन्हें डोज दी जाती है। फैक्टर आठ और नौ की वैक्सीन 250 से 500 यूनिट तक होती हैं। कभी-कभी एक हजार यूनिट की जरूरत भी पड़ सकती है।
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जिला अस्पताल की एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक इसी माह क्रमवार तीन बार फैक्टर आठ और नौ उपलब्ध कराने के लिए डिमांड भेजी गई है। सूचना है कि जल्द फैक्टर भेजे जाएंगे। इधर, सोसायटी की अध्यक्ष रेखा रानी के मुताबिक मंगलवार को पेइंग वार्ड में एक मरीज फैक्टर लगवाने पहुंचा तो मौजूद नर्स ने खत्म होने की जानकारी दी। फार्मासिस्ट ने बताया कि एक दो दिन में फैक्टर आ जाएंगे।
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हीमोफीलिया पीड़ितों को चोट लग जाए और खून का रिसाव बंद न हो तब फैक्टर की जरूरत पड़ती है। बीते माहभर से जिला अस्पताल में फैक्टर की कमी है। इलाज के लिए पहुंच रहे पीड़ितों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। हीमोफीलिया सोसायटी की अध्यक्ष रेखा रानी के मुताबिक 15 दिन पहले जिला अस्पताल से शासन को एक हजार फैक्टर की डिमांड भेजी गई थी पर सिर्फ 200 ही मिले थे। अब वह भी समाप्त हो गए। आशंका जताई कि अगर कोई पीड़ित गंभीर हादसे का शिकार हो जाए तो उसकी जान बचाना मुश्किल होगा।
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जिला अस्पताल में हीमोफीलिया के 250 मरीज पंजीकृत हैं। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा मरीज फैक्टर आठ के हैं। उन्हें समय-समय पर अस्पताल पहुंचकर हीमोफीलिया की दवा लेने के साथ ही इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक उन्हें डोज दी जाती है। फैक्टर आठ और नौ की वैक्सीन 250 से 500 यूनिट तक होती हैं। कभी-कभी एक हजार यूनिट की जरूरत भी पड़ सकती है।
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जिला अस्पताल की एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक इसी माह क्रमवार तीन बार फैक्टर आठ और नौ उपलब्ध कराने के लिए डिमांड भेजी गई है। सूचना है कि जल्द फैक्टर भेजे जाएंगे। इधर, सोसायटी की अध्यक्ष रेखा रानी के मुताबिक मंगलवार को पेइंग वार्ड में एक मरीज फैक्टर लगवाने पहुंचा तो मौजूद नर्स ने खत्म होने की जानकारी दी। फार्मासिस्ट ने बताया कि एक दो दिन में फैक्टर आ जाएंगे।