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Bareilly News: निगम के 417 करोड़ दबाए बैठे बकायेदार
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बरेली। गृहकर, जलकर व अन्य करों के बकायेदार नगर निगम के 417 करोड़ रुपये दबाए बैठे हैं। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत ब्याज में छूट मिलने के बावजूद ये लोग कर जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
नगर में कुल करदाताओं की संख्या 2.33 लाख है। नगर निगम की तरफ से बकायेदारों की सूची भी जारी की गई है। निगम क्षेत्र में 41 हजार 766 संपत्तियां हैं, जिनमें भवन व प्लाॅट दोनों हैं। इनके ऊपर 417 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में बकाया है। इसमें 132 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में समाहित किए गए हैं।
ओटीएस स्कीम शुरू हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। अब तक सिर्फ 348 लोगों ने ही आवेदन किया है। इनमें से भी सिर्फ पांच ने कर जमा किया है। वहीं, 18 लोगों की फाइल को अनुमति मिली है।
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सूची में कई खामियां बार-बार नोटिस देने और चेतावनी जारी करने वाले के बावजूद जब टैक्स जमा नहीं हुआ तो निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित करने का काम शुरू किया। इस दौरान सामने आया कि सूची में काफी संख्या में ऐसे मकान व प्लाॅट हैं, जिनका दो-दो बार नाम चढ़ गया। कई भवन खंडहर हो चुके हैं।
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सात हजार पर आवासीय व व्यावसायिक दोनों कर
नगर निगम के रिकार्ड में करीब 41 हजार से अधिक करदाता ऐसे हैं, जिन पर टैक्स बकाया चल रहा है। इसके अलावा करीब सात हजार ऐसे भवन हैं, जिनका उपयोग आवासीय व व्यावसायिक दोनों कार्यों के लिए किया जा रहा है। अन्य संपत्तियां सामान्य आवासीय श्रेणी में आती हैं।
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वर्जन ...
एकमुश्त समाधान योजना में पारदर्शिता से काम किया जा रहा है। 348 लोगों ने लाभ के लिए आवेदन किया। 25 अगस्त तक कर्मियों को प्रशिक्षण देने व आईडी बनाने का काम किया गया। अब काम तेजी से आगे बढ़ेगा। -पीके द्विवेदी, मुख्य कर अधिकारी
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नगर में कुल करदाताओं की संख्या 2.33 लाख है। नगर निगम की तरफ से बकायेदारों की सूची भी जारी की गई है। निगम क्षेत्र में 41 हजार 766 संपत्तियां हैं, जिनमें भवन व प्लाॅट दोनों हैं। इनके ऊपर 417 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में बकाया है। इसमें 132 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में समाहित किए गए हैं।
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ओटीएस स्कीम शुरू हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। अब तक सिर्फ 348 लोगों ने ही आवेदन किया है। इनमें से भी सिर्फ पांच ने कर जमा किया है। वहीं, 18 लोगों की फाइल को अनुमति मिली है।
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सूची में कई खामियां बार-बार नोटिस देने और चेतावनी जारी करने वाले के बावजूद जब टैक्स जमा नहीं हुआ तो निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित करने का काम शुरू किया। इस दौरान सामने आया कि सूची में काफी संख्या में ऐसे मकान व प्लाॅट हैं, जिनका दो-दो बार नाम चढ़ गया। कई भवन खंडहर हो चुके हैं।
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सात हजार पर आवासीय व व्यावसायिक दोनों कर
नगर निगम के रिकार्ड में करीब 41 हजार से अधिक करदाता ऐसे हैं, जिन पर टैक्स बकाया चल रहा है। इसके अलावा करीब सात हजार ऐसे भवन हैं, जिनका उपयोग आवासीय व व्यावसायिक दोनों कार्यों के लिए किया जा रहा है। अन्य संपत्तियां सामान्य आवासीय श्रेणी में आती हैं।
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वर्जन ...
एकमुश्त समाधान योजना में पारदर्शिता से काम किया जा रहा है। 348 लोगों ने लाभ के लिए आवेदन किया। 25 अगस्त तक कर्मियों को प्रशिक्षण देने व आईडी बनाने का काम किया गया। अब काम तेजी से आगे बढ़ेगा। -पीके द्विवेदी, मुख्य कर अधिकारी