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Bareilly News: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत
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आंवला। मृतक चांदनी का फाइल फोटो-स्वजन
- फोटो : नगरवासी
आंवला। थाना क्षेत्र के तिगरा खानपुर गांव में मंगलवार को प्रसव के दौरान एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर 21 वर्षीय युवती चांदी को प्रताड़ित करने व इलाज में लापरवाही के चलते मौत के आरोप की तहरीर पुलिस को दी है।
फुंदन नगर निवासी धर्मपाल ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने अपनी बेटी की शादी तिगरा खानपुर के अंकित से की थी। शादी के बाद से ही ससुराली बेटी को परेशान करते थे। गर्भावस्था के दौरान भी ससुराल पक्ष के लोगों ने चांदनी की उचित देखभाल नहीं की। अभी एक सप्ताह पहले जब वे बेटी के घर आए तो बेटी ने उनको अपनी परेशानी बताई थी।
मायके पक्ष का आरोप है कि ससुरालियों ने तीव्र प्रसव पीड़ा होने पर बेटी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। हालत गंभीर होने पर ससुराली सोमवार शाम उसे रामनगर के सरकारी अस्पताल ले गए। मंगलवार सुबह प्रसूता ने मृत बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष के लोग विवाहिता को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में भर्ती कराने जा रहे थे। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस तिगरा खानपुर पहुंची, लेकिन देर रात तक ससुराल व मायके पक्ष के बीच समझौते की बात होती रही। संवाद
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जिला अस्पताल कर दिया था रेफर
इस मामले में रामनगर पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि विवाहिता की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था, पर परिजन उसे सरकारी एंबुलेंस की जगह निजी वाहन से ले गए। हालांकि उनके पीछे-पीछे सरकारी एंबुलेंस भी भेजी थी।
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फुंदन नगर निवासी धर्मपाल ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने अपनी बेटी की शादी तिगरा खानपुर के अंकित से की थी। शादी के बाद से ही ससुराली बेटी को परेशान करते थे। गर्भावस्था के दौरान भी ससुराल पक्ष के लोगों ने चांदनी की उचित देखभाल नहीं की। अभी एक सप्ताह पहले जब वे बेटी के घर आए तो बेटी ने उनको अपनी परेशानी बताई थी।
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मायके पक्ष का आरोप है कि ससुरालियों ने तीव्र प्रसव पीड़ा होने पर बेटी को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। हालत गंभीर होने पर ससुराली सोमवार शाम उसे रामनगर के सरकारी अस्पताल ले गए। मंगलवार सुबह प्रसूता ने मृत बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष के लोग विवाहिता को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में भर्ती कराने जा रहे थे। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस तिगरा खानपुर पहुंची, लेकिन देर रात तक ससुराल व मायके पक्ष के बीच समझौते की बात होती रही। संवाद
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जिला अस्पताल कर दिया था रेफर
इस मामले में रामनगर पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि विवाहिता की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था, पर परिजन उसे सरकारी एंबुलेंस की जगह निजी वाहन से ले गए। हालांकि उनके पीछे-पीछे सरकारी एंबुलेंस भी भेजी थी।