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बुझिया गांव के मंदिर में अब दलित भी करेंगे जलाभिषेक

Sat, 06 Aug 2016 12:57 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sat, 06 Aug 2016 12:57 AM IST
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Dalit village temple will Bujia Jalabhishek
बैठक
कांवड़ में दलित और सवर्ण सियासत के बाद चर्चा में आए बुझिया गांव के शिव मंदिर में अब दलित भी जलाभिषेक कर सकेंगे। शुक्रवार को सीओ की अगुवाई में गांव पहुंचे पुलिस अमले ने दोनों पक्षों की बैठक में यह फैसला सुनाया। 
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बुझिया गांव के चौधरी रंजीत सिंह ने अपनी ही मिलकियत पर करीब पचास साल पहले शिव मंदिर बनाया था। चौधरी रंजीत सिंह रसूखदार थे। उन्होंने एलान किया था कि मंदिर पर दलित जलाभिषेक नहीं कर सकते। उनकी मौत के बाद इस मंदिर की देखरेख गांव के लेखराज को दी गई। तीन दिन पहले एक दलित को कांवड़ लेकर जाने से रोकने के बाद दलित समाज के लोगों ने प्रशासन से जिद कर दी कि वे बुझिया गांव के इस मंदिर पर जलाभिषेक करेंगे। हालांकि दूसरा पक्ष इस पर किसी कीमत पर राजी नहीं था। शुक्रवार को सीओ प्रमोद यादव पूरे अमले के साथ गांव पहुंचे। दोनों पक्षों को साथ बैठाया गया। उन्हें समझाया गया। मंदिर के पुजारी लेखराज ने कहा कि दलितों के लिए इसलिए रोक थी कि वे शराब पीकर हुड़दंग करते थे। यदि वे अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और निष्ठा से पूजा करें तो मंदिर के द्वार हमेशा खुले रहेेंगे। दलित पक्ष से किशन लाल ने मांग रखी कि यदि उन्हें मंदिर में पूजा अर्चना करने में मनाही है तो खमरिया मढ़ी के सेवादार बाबा केदार दास भी बुझिया गांव नहीं आएंगे। इस पर सीओ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि साधू संतों को गांव में आने से कोई नहीं रोक सकता। रामदास ने लिखित फैसला करने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे एलान होते रहे हैं लेकिन दूसरा पक्ष इस पर खरा नहीं उतरा है। सीओ ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। सभी लोग इस पर अमल करेंगे। जल्द ही लिखित समझौता किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर किसी एक व्यक्ति का नहीं होता। यह गांव वालों का होता है। चौधरी रंजीत सिंह ने इसका निर्माण कराया है। पूरा इलाका उनका हमेशा ऋणी रहेगा। अब दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है कि मिलजुल कर मंदिर की सेवा करें। 
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कोट
15 अगस्त को कांवड़ वापस आ जाएगी। फिर दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता कराई जाएगी। गांव में किसी प्रकार का झगड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर में हर व्यक्ति का जाने का अधिकार होना चाहिए। 
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प्रमोद यादव, सीओ
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