साइबर ठगों का नया पैंतरा: डाक से घर भेज रहे स्क्रैच कार्ड, पहले इनाम का देते हैं लालच फिर पूरे करते हैं मंसूबे
बिजली बिल सही कराने और कनेक्शन काटने के नाम पर पहले से ही साइबर ठग लोगों को चूना लगा ही रहे हैं। अब ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी नामी कंपनियों के नाम से स्क्रैच कार्ड भेजकर ठगी कर रहे हैं।
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बरेली में साइबर ठग नित नये तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। अब शहर में लोगों के पास डाक से नामी कंपनियों के नाम से स्क्रैच कूपन और कार्ड आ रहे हैं। इनके जरिये लोगों को इनाम का लालच दिया जा रहा है। जागरूकता से ही लोग साइबर ठगों के झांसे में आने से बच पा रहे हैं।
बिजली बिल सही कराने और कनेक्शन काटने के नाम पर पहले से ही साइबर ठग लोगों को चूना लगा ही रहे हैं। अब ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी नामी कंपनियों के नाम से स्क्रैच कार्ड भेजकर ठगी कर रहे हैं। पंजाबपुरा निवासी शशांक सक्सेना गुड़गांव की मल्टी नेशनल कंपनी में तैनात हैं। इन दिनों वह घर आए हुए हैं। सोमवार को डाक से उनके नाम से एक लिफाफा आया। उसमें ऑनलाइन कंपनी की ओर से उन्हें लकी विनर बताते हुए स्क्रैच कार्ड बतौर गिफ्ट भेजा गया था।
स्क्रैच किया तो 7.5 लाख रुपये का इनाम मिलने की बात बताई गई। उसमें हेल्पलाइन नंबर भी था। लिफाफे पर बनारस डाकघर की मोहर लगी थी। कॉल करने पर रिसीव करने वाले ने पश्चिम बंगाल से खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर कहा कि वह अपने खाते की डिटेल या खाता नंबर भेज दें। शशांक ने सावधानी बरतते हुए डिटेल नहीं दी वर्ना फंसना तय था। हालांकि शशांक को सुबह-शाम कॉल करके डिटेल मांगी जा रही है।
ये बरतें सावधानी
- किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को मोबाइल का गुप्त कोड या बैंक डिटेल न दें।
- वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इससे सावधान रहें।
- ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल या cybercrime.gov.in पर मेल करें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
- फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
- अनिल कुमार, निरीक्षक साइबर थाना