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परिवार को बांधे रखती है प्रेम की डोर

Mon, 05 Aug 2019 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2019 01:10 AM IST
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cultural
बरेली। कथाकार मुंशी प्रेमचंद की तमाम रचनाओं में से ‘गृह दाह’ भी सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है। कहानी का कथानक पारिवारिक पृष्ठ भूमि को लेकर रचा गया है। इसी कहानी पर आधारित नाटक यहां संजय कम्युनिटी हाल में मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में चल रहे बरेली नाट्य समारोह में मंचित किया गया।
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प्रेमचंद की कहानी के नाटक का बहुत ही सुंदर ढंग से कलाकारों ने प्रस्तुतीकरण किया। जो दर्शकों में बेहद सराहा गया। इस नाटक समाज को यह संदेश देने की भी कोशिश करता है कि परिवार हमेशा एक होता है। परिवार में प्रेम और भाईचारा रखना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रेम ही वह डोर होती है जो समूचे परिवार को बांधे रखती है। कल्चरल एसोसिएशन की ओर प्रस्तुत ‘गृह दाह’ नाटक का निर्देशन संजय मठ ने दिया।
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संयोजक कुलभूषण शर्मा बताते हैं कि जब से प्रेमचंद के नाटकों का आयोजन हो रहा है। इससे जुड़े समस्त कलाकार और साथी गण एक परिवार के रूप में बंध गए हैं। दर्शकों की रुचि भी हर दिन बढ़ रही है। इस मौके पर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह उनकी पत्नी नीता सिंह, एडीएम (ई) आरएस द्विवेदी, रणजीत पंचाले, आशीष गुप्ता, अल्पना शर्मा, आरती गुप्ता, दानिश जमाल, मोहित सिंह, दिनेश्वर दयाल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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नाटक ‘किल्लोल’ का मंचन आज
मीडिया प्रभारी गौरव वर्मा ने बताया कि समारोह के पांचवे रोज सोमवार को रंग प्रशिक्षु की ओर ‘किल्लोल’ नाटक का मंचन सांय 7 बजे से किया जाएगा।
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