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Bareilly News: फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र के 200 उद्योगों के संचालन का संकट

Sat, 01 Mar 2025 02:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 02:37 AM IST
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Crisis in operation of 200 industries in Faridpur industrial area
बरेली। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से नोटिस जारी होने के बाद निजी औद्योगिक क्षेत्र फरीदपुर के उद्यमी परेशान हैं। औद्योगिक क्षेत्र के आसपास करीब 40 किलोमीटर की दूरी में एनएचएआई की ओर से अवैध कट बंद करने के लिए क्रैश बैरियर लगाने की तैयारी है। अवैध कट होने से हादसे होते हैं। ऐसे में उद्यमियों ने कहा कि क्रैश बैरियर लगाया गया तो वहां के करीब दो सौ उद्योगों के संचालन पर संकट आ जाएगा।
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फरीदपुर निजी औद्योगिक क्षेत्र की औपचारिक घोषणा वर्ष 2006 में इंडस्टि्रयल फीडर लगाने के साथ हुई। हालांकि उद्योग की स्थापना करीब 20 वर्ष पूर्व शुरू हो गई थी। क्षेत्र में दौ सौ से ज्यादा उद्योग संचालित हैं। करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व सरकार के खजाने में वह जमा करते हैं। औद्योगिक क्षेत्र अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने बताया कि हाईवे निर्माण से पूर्व फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र बसा था। उस समय यह स्टेट हाईवे था। जब यह राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में शामिल हुआ। तब उनसे कोई वार्ता नहीं हुई थी। जो उद्योग पहले से यहां स्थापित हैं, उनका रास्ता न रोका जाय।
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सर्विस लेन बनाने के लिए संयुक्त सर्वे के निर्देश
औद्योगिक क्षेत्र में आवाजाही के लिए एनएचएआई द्वारा सर्विस लेन निर्माण की मांग है। उद्यमियों के मुताबिक जिला प्रशासन ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ जिस जगह सर्विस लेन का निर्माण किया जाना है, उसका संयुक्त सर्वे पर सहमति जताई है। उद्यमियों ने जिलाधिकारी से हाईवे पर अंधेरे से निजात के लिए डिवाइडरों पर हाईमास्ट लाइट लगाने, छुट्टा पशुओं की आवाजाही रोकने की मांग की है। ताकि हादसे न हो। उन्होंने कहा कि नियमानुसार एनएचएआई को उद्यमियों से संपर्क करना चाहिए था। जिसे नजरंदाज करने से औद्योगिक क्षेत्र के सामने सर्विस लेन का निर्माण नहीं हुआ। करीब 40 किमी की लंबाई में बसा औद्योगिक क्षेत्र फ्री-होल्ड भूमि पर स्थापित है। आरोप है कि एनएचएआई ने डिवाइडर पर मलबा, बजरी, ईंट पत्थर डाल दिया है। पौधरोपण करने पर वह सूख रहे हैं। पशुओं की आवाजाही थमने से ही पौधे भी सुरक्षित रहेंगे। अमर उजाला ब्यूरो
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