फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Who will give relief from the man-eating dogs Bahedi

बहेड़ी के आदमखोर कुत्तों से कौन दिलाएगा निजात

Mon, 30 Jan 2017 12:55 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Mon, 30 Jan 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
Who will give relief from the man-eating dogs Bahedi
कुत्ते ने ली जान - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जनता के मुद्दे भी उठते हैं लेकिन इनमें से कई अहम होते हुए भी नेताओं की जुबान पर नहीं आते। बहेड़ी में तीन साल से आवारा कुत्तों का आतंक है। कस्बा और आस-पास के दर्जन भर गांवों में चार हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। पशुओं का अवैध कटान इसकी प्रमुख वजह है। कच्चा मांस खाने के आदी हो चुके ये कुत्ते खूंख्वार हो चुके हैं और अक्सर बच्चों पर झपट पड़ते हैं। पिछले तीन साल में कुत्तों ने  16 बच्चों को नोचकर मौत के घाट उतार दिया। 40 से ज्यादा बच्चे कुत्तों के हमलों में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। नेता पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने भी गए लेकिन कुछ लोगों की नाराजगी से बचने के लिए किसी ने इसे अपने एजेंडे में नहीं लिया।  
विज्ञापन

बहेड़ी, आदलपुर, बंजरिया, रिछा, उनई खालसा, नवायल, मोहम्मदपुर, भाटिया फार्म, फरीदपुर समेत दर्जन भर गांवों में चार हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते खुले में पड़ा पशुओं का मांस खाकर खूंख्वार हो चुके हैं। ये स्कूल जाते या घर के बाहर खेलते बच्चों पर अचानक हमला कर उनको नोच डालते हैं। इन कुत्तों के आतंक के डर ने बच्चों का घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था। पिछले साल  प्रशासन और नगरपालिका ने मिलकर अभियान चलाया। फिर भी ये समस्या स्थाई तौर पर खत्म नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या को बहुत हल्के में लिया। 
विज्ञापन

कुत्तों के हमले में यहां हुई घटनाएं

नाम      मौत की संख्या     घायल
बहेड़ी-          05            15
आदलपुर        02           05
उनई खालसा   02           06
नवायल         02           04
बंजरिया         01          13
मोहम्मदपुर      02          05
भाटिया फार्म   01           02
फरीदपुर        01           06
 क्या कहते हैं प्रत्याशी
फोटो-
हम पीड़ित परिवारों के घर गए। उनको सांत्वना दी। प्रशासन से भी कुत्तों पर अंकुश लगाने को कहा। यहां ये समस्या पशुओं के अवैध कटान से उत्पन्न हुई है। सब जानते हैं कि पशुओं के कटान में सफेदपोशों का हाथ है। हम विधायक बने तो सबसे पहले पशुओं का अवैध कटान रोकेंगे। समस्या का समाधान खुद हो जाएगा।  छत्रपाल गंगवार, प्रत्याशी भाजपा 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
हमने नगरपालिका और प्रशासन से आवारा कुत्ते पकड़ने को कहा। किसी ने मेरी बात नहीं सुनी क्योंकि सूबे में सरकार सपा की थी। सरकारी विभागों ने देर से एक्शन लिया। सपा विधायक को ये मामला विधानसभा में उठाना चाहिए था जो उन्होंने नहीं उठाया। मैने आवारा कुत्तों को पकड़वाने की योजना बनाई है। विधायक और सरकार बनने पर उसे सख्ती से लागू कराकर आवारा कुत्तों को पकड़वाएंगे। नसीम अहमद, प्रत्याशी बसपा


 हमने जिलाधिकारी, डीएफओ और नगरपालिका के अफसरों की मीटिंग कराकर कुत्तों को पकड़वाया। इस बार विधायक बनने के बाद पूरी तरह से कुत्तों पर रोक लगाई जाएगी। जहां तक विधानसभा में ये मामला उठाने की बात है तो क्या विधानसभाएं कुत्तों पर बात करने के लिए होती हैं। बसपा प्रत्याशी तो वन विभाग में रहे हैं। वह खुद जाकर आवारा कुत्तों को क्यों नहीं पकड़ते।     अताउर्रहमान, विधायक और सपा कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed