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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Who lit the Dalit's hut in check, not clear

दलित की झोपड़ी किसने जलाई, जांच में स्पष्ट नहीं

Mon, 10 Oct 2016 01:36 AM IST
बरेली, ब्यूरो
बरेली, ब्यूरो Updated Mon, 10 Oct 2016 01:36 AM IST
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रम्पुरिया गांव में दलित की झोपड़ी में आग लगने के कारणों की जांच में एसडीएम में यह पता नहीं चल पाया है कि किसने लगाई। दलित की जिस झोपड़ी में आल लगाई हई है, वह इस्तेमाल नहीं हो रही है। अगर किसी भी तरह की क्षति पहुंचानी होती तो आसपास की दुकान तथा मकानों में आग लगाई जाती जिनमें लोग रह रहे थे और दुकान में सामान भी रखा हुआ था। जांच में हकीकत का पता चलाने के लिए काफी लोगों से अलग-अलग बात भी की लेकिन कोई भी व्यक्ति कुछ भी बताने को तैयार नहीं था। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है, जिसको ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी और सीओ को सतर्कता बरतने के साथ-साथ पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
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रविवार को सुबह एसडीएम फरीदपुर पारसनाथ मौर्य जांच करने गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की तो कई बातें सामने आईं। ग्रामीणों ने भी जबरन आग लगाने की बात पर सवाल उठाए। उन्होंने जांच करके रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। गांव के दलित रामसरन पर आरोप लगा है कि पास के ही गांव मैनी के यादव परिवार की लड़की का अपहरण हो गया था।  कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने पर दलित का परिवार गांव से चला गया था। पुलिस लड़की को बरामद नहीं कर पाई। सात सितंबर को लड़की सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज कराने आई थी मगर समय निकल जाने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके। शनिवार सुबह दलित रामसरन के घर के बाहर पड़ी झोपड़ी में आग देखी तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। एसडीएम रविवार को रम्पुरिया और मैनी गांव पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बात की। मैनी में लड़की पक्ष के लोगों ने बताया कि उन्होंने आग लगाई होती पूरे घर में लगाते केवल झोपड़ी में ही आग क्यों लगाते। उनका कहना था कि उन्हें फंसाने के लिये पूरा ड्रामा रचा गया है। एसडीएम ने माना कि रामसरन जमीन और मकान बेचने का सौदा कर रहा है। इसके लिए बात भी की है और शुक्रवार को रामसरन गांव आया भी था। रामसरन के घर के आगे एक झोपडी पड़ी है जिसमें चारा काटने की मशीन रखी हुई है उसमें आग लगी है। उन्होंने कहा कि इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि लड़की पक्ष को फंसाने के लिए षडयंत्र रचा गया हो। 
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उधर, कोतवाली पहुंचने के बाद डीएम पंकज यादव और एसएसपी आरके भारद्वाज ने एसडीएम पारस नाथ मौर्या से रम्पुरिया प्रकरण की जानकारी ली। 
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