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रिश्वत लेते ट्रैफिक पुलिस का वीडियो वायरल
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:33 AM IST
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ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के नाम पर लाखों का खेल कर रही है। शहर के बाहर और अंदर की सभी सड़कों पर सफेद वर्दी पहने मुस्तैद रहकर होमगार्डों से वसूली कराते हैं। शिकायतें तो आती ही रहती हैं लेकिन नया खुलासा यह हुआ है कि चेकिंग के नाम पर रुपये लेने के आगे तक के लिए कोड जारी किए जा रहे हैं। रुपये देते वक्त एक वाहन चालक ने वीडियो क्लिपिंग बनवाकर वायरल करा दी है।
ट्रैफिक पुलिस के इस खेल की 21 मार्च की वीडियो क्लिपिंग वायरल हुई है। इस दिन लाल फाटक के पास ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और होमगार्ड तैनात थे। हेड कांस्टेबल साहब की तरह कुर्सी पर बैठे हैं। जबकि होमगार्ड बाइक के पास खड़ा ग्राहकों का निपटारा कर रहा है। हेड कांस्टेबिल ने नीली शर्ट वाले एक वाहन चालक को रोका। उससे कागज मांगने को लेनदेन करके मामला निपटाने की कोशिश करने लगा। हेड कांस्टेबल ने उससे तीन सौ रुपये मांगे, लेकिन वह दौ सौ रुपये ही देने के लिए राजी हुआ। हेड कांस्टेबल ने होमगार्ड की तरफ इशारा किया और वाहन चालक ने उसके हाथ में दो सौ रुपये थमा दिए। वाहन चालक जाते वक्त कहने लगा अब आगे रोकेंगे तो हम क्या कहेंगे। इस पर होमगार्ड ने वाहन चालक का हाथ खुलवाकर उस पर अपना कोड लिखकर कह दिया जाओ कोई तुम्हें नहीं पकड़ेगा।
मुरादाबाद में ही बिक जाता है हाइवे
-संभागीय परिवहन विभाग के अफसरों और ट्रैफिक पुलिस हाइवे पर उन वाहन चालकों को नहीं रोकती है, जिन्हें पहले ही कोड जारी कर दिया जाता है। लखनऊ तक आपके वाहन को हाइवे पर कोई न रोके इसके लिए मुरादाबाद में ही सौदेबाजी हो जाती है। इसके लिए दलाल वहीं पर पैसा लेकर कोड जारी कर देते हैं। 90 फीसदी ट्रक मुरादाबाद से ही टोकन लेकर हाइवे पर चलते हैं। ट्रैफिक पुलिस का कोड भी उन्हें पहले ही जारी कर दिया जाता है। हाइवे के ढाबों पर भी टोकन की व्यवस्था है।
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बड़ा बाईपास पर भी दिखती है ट्रैफिक पुलिस
सूरज निकलने से पहले ही बड़ा बाईपास पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही दिखाई देने लगते हैं। वह वसूली के लिए हाइवे पर जाते हैं। ट्रकों को रोककर चेकिंग के बहाने वसूली की जाती है। कई ट्रैफिक पुलिस दीवान और दरोगाओं ने होमगार्डों को भी अपनी वसूली टीम में शामिल कर रखा है। बर्खास्त सिपाही भी सड़कों पर वसूली कर रहे हैं, लेकिन कोई रोकटोक नहीं है। कुछ दिनों पहले ही हाईवे पर ट्राली वसूली के लिए रोकी गई और पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें एक की मौत हो गई थी। सिटी स्टेशन के पास भी वसूली के चक्कर में भूसे से भरी ट्राली में आग लगा दी थी।
शहर के वसूली के अड्डे
मिनी बाईपास, दू्ल्हा मियां की मजार के पास, सिटी स्टेशन चौराहा, चौपुला रोटरी, चौपुला चौराहा, आईवीआरआई, सौ फुटा, सेटेलाइट बस अड्डा, नकटिया, रजऊ पुलिस चौकी के पास।
ट्रैफिक पुलिस के वीडियो वायरल होने की उन्हें जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-ओमप्रकाश यादव, एसपी ट्रैफिक
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ट्रैफिक पुलिस के इस खेल की 21 मार्च की वीडियो क्लिपिंग वायरल हुई है। इस दिन लाल फाटक के पास ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कांस्टेबल और होमगार्ड तैनात थे। हेड कांस्टेबल साहब की तरह कुर्सी पर बैठे हैं। जबकि होमगार्ड बाइक के पास खड़ा ग्राहकों का निपटारा कर रहा है। हेड कांस्टेबिल ने नीली शर्ट वाले एक वाहन चालक को रोका। उससे कागज मांगने को लेनदेन करके मामला निपटाने की कोशिश करने लगा। हेड कांस्टेबल ने उससे तीन सौ रुपये मांगे, लेकिन वह दौ सौ रुपये ही देने के लिए राजी हुआ। हेड कांस्टेबल ने होमगार्ड की तरफ इशारा किया और वाहन चालक ने उसके हाथ में दो सौ रुपये थमा दिए। वाहन चालक जाते वक्त कहने लगा अब आगे रोकेंगे तो हम क्या कहेंगे। इस पर होमगार्ड ने वाहन चालक का हाथ खुलवाकर उस पर अपना कोड लिखकर कह दिया जाओ कोई तुम्हें नहीं पकड़ेगा।
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मुरादाबाद में ही बिक जाता है हाइवे
-संभागीय परिवहन विभाग के अफसरों और ट्रैफिक पुलिस हाइवे पर उन वाहन चालकों को नहीं रोकती है, जिन्हें पहले ही कोड जारी कर दिया जाता है। लखनऊ तक आपके वाहन को हाइवे पर कोई न रोके इसके लिए मुरादाबाद में ही सौदेबाजी हो जाती है। इसके लिए दलाल वहीं पर पैसा लेकर कोड जारी कर देते हैं। 90 फीसदी ट्रक मुरादाबाद से ही टोकन लेकर हाइवे पर चलते हैं। ट्रैफिक पुलिस का कोड भी उन्हें पहले ही जारी कर दिया जाता है। हाइवे के ढाबों पर भी टोकन की व्यवस्था है।
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बड़ा बाईपास पर भी दिखती है ट्रैफिक पुलिस
सूरज निकलने से पहले ही बड़ा बाईपास पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही दिखाई देने लगते हैं। वह वसूली के लिए हाइवे पर जाते हैं। ट्रकों को रोककर चेकिंग के बहाने वसूली की जाती है। कई ट्रैफिक पुलिस दीवान और दरोगाओं ने होमगार्डों को भी अपनी वसूली टीम में शामिल कर रखा है। बर्खास्त सिपाही भी सड़कों पर वसूली कर रहे हैं, लेकिन कोई रोकटोक नहीं है। कुछ दिनों पहले ही हाईवे पर ट्राली वसूली के लिए रोकी गई और पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें एक की मौत हो गई थी। सिटी स्टेशन के पास भी वसूली के चक्कर में भूसे से भरी ट्राली में आग लगा दी थी।
शहर के वसूली के अड्डे
मिनी बाईपास, दू्ल्हा मियां की मजार के पास, सिटी स्टेशन चौराहा, चौपुला रोटरी, चौपुला चौराहा, आईवीआरआई, सौ फुटा, सेटेलाइट बस अड्डा, नकटिया, रजऊ पुलिस चौकी के पास।
ट्रैफिक पुलिस के वीडियो वायरल होने की उन्हें जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-ओमप्रकाश यादव, एसपी ट्रैफिक