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दो इंस्पेक्टरों व असलाह प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:56 AM IST
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थाना फतेहगंज पूर्वी के तत्कालीन और वर्तमान प्रभारी निरीक्षक, असलाह प्रभारी के खिलाफ एक लाइसेंसी बंदूक थाने की आर्मरी से गायब होने के मामले में लाइसेंसदार के प्रार्थनापत्र पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुसुम लता राठौर ने दिया है।
थाना भुता के कंजा चकरपुर निवासी रामस्वरूप की लाइसेंसी इकनाली बंदूक वर्ष 1991 के धारा 307 के मुकदमे में थाना फतेहगंज पूर्वी में जमा कराई गई थी तथा इसे अपराध में वांछित बताया गया था। यह मामला 16 मार्च 2004 को निस्तारित हुआ, जिसमें रामस्वरूप को निर्दोष पाया गया तो उन्होंने बंदूक वापसी के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया, जिस पर कोर्ट से आदेश होने के बाद लगातार प्रार्थना करने पर भी प्रभारी निरीक्षक ने बंदूक देने के बजाय कहा कि लाइसेंस नवीनीकरण कराकर लाओ तब बंदूक दी जाएगी। रामस्वरूप लाइसेंस का नवीनीकरण कराकर जब थाने पहुंचा तो भी बंदूक नहीं लौटाई गई। कोर्ट द्वारा तलब करने पर थाने से रिपोर्ट भेजी गई कि बंदूक को खोजा जा रहा है। रामस्वरूप ने बंदूक की कीमत 20 हजार रुपये बताते हुए तत्कालीन और वर्तमान प्रभारी निरीक्षक व असलाह प्रभारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा कर कानूनी कार्यवाही करने की गुहार की, जिसे स्वीकार करते हुए सीजेएम ने आदेश पारित किया।
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थाना भुता के कंजा चकरपुर निवासी रामस्वरूप की लाइसेंसी इकनाली बंदूक वर्ष 1991 के धारा 307 के मुकदमे में थाना फतेहगंज पूर्वी में जमा कराई गई थी तथा इसे अपराध में वांछित बताया गया था। यह मामला 16 मार्च 2004 को निस्तारित हुआ, जिसमें रामस्वरूप को निर्दोष पाया गया तो उन्होंने बंदूक वापसी के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया, जिस पर कोर्ट से आदेश होने के बाद लगातार प्रार्थना करने पर भी प्रभारी निरीक्षक ने बंदूक देने के बजाय कहा कि लाइसेंस नवीनीकरण कराकर लाओ तब बंदूक दी जाएगी। रामस्वरूप लाइसेंस का नवीनीकरण कराकर जब थाने पहुंचा तो भी बंदूक नहीं लौटाई गई। कोर्ट द्वारा तलब करने पर थाने से रिपोर्ट भेजी गई कि बंदूक को खोजा जा रहा है। रामस्वरूप ने बंदूक की कीमत 20 हजार रुपये बताते हुए तत्कालीन और वर्तमान प्रभारी निरीक्षक व असलाह प्रभारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा कर कानूनी कार्यवाही करने की गुहार की, जिसे स्वीकार करते हुए सीजेएम ने आदेश पारित किया।
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