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रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली ने छात्र को कुचला, मौत

Tue, 26 Jan 2016 01:31 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 26 Jan 2016 01:31 AM IST
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tractor-trolley crushed the student , death
बरेली। पीलीभीत बाईपास पर कोपल अस्पताल के सामने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली ने जयनारायण इंटर कॉलेज के छात्र विशाल यादव को कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह बदायूं की दातागंज कोतवाली इलाके के बेलाडांडी गांव का रहने वाला था। हादसे के विरोध में छात्र के साथियों ने जाम लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। परिवार वालों ने भी पोस्टमार्टम नहीं करने दिया।
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वकील सोनपाल यादव का बेटा विशाल यादव दसवीं में पढ़ता था। वह यहां बीटेक की पढ़ाई कर रहे अपने बड़े भाई विक्रांत यादव के साथ शास्त्रीनगर में किराए पर रहता था। सोमवार सुबह करीब नौ बजे वह कमरे से साइकिल लेकर कॉलेज जाने के लिए निकला था। कोपल अस्पताल के सामने रोड पार करते समय पीलीभीत की तरफ से आई ट्रैक्टर-ट्राली ने बेकाबू होकर उसे कुचल दिया।  विशाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास के लोगों ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की तो चालक छोड़कर भाग गया। सीओ तृतीय धर्म सिंह और प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन मौके पर पहुंच गए। गुस्से में छात्र के साथियों ने रोड जाम करके हल्ला मचाना शुरू कर दिया। कॉलेज के शिक्षक नवल किशोर त्रिपाठी ने छात्रों को समझाया। इसी बीच समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव, छात्रनेता ह्देश यादव आदि भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने समझाकर किसी तरह से जाम खुलवाया। एक बार जाम खुला तो छात्रों ने प्रधानाचार्य के व्यवहार से नाराज होकर फिर से जाम लगा दिया। बाद में किसी तरह फिर से समझाकर छात्रों से जाम खुलवाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन विशाल के परिवार वाले पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। वह बिना पोस्टमार्टम के ही शव को बदायूं ले गए।
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धमकाने पर भड़के छात्र
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे छात्र अनुकूल सिंह, ऋशभ भारद्वाज, अपूर्व कुमार, सुमित यादव, रंजीत यादव, रवि पटेल, अशोक कुमार, सुकनेश कुमार, मयंक कुमार, अर्पित गंगवार आदि ने बताया कि कॉलेज के स्टाफ की विशाल के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। प्रधानाचार्य को घटनास्थल पर आना चाहिए था, लेकिन वह नहीं आए। कॉलेज के गेट से छात्रों को निकलने नहीं दिया गया। जिन लोगों ने आने की कोशिश की, उनके परीक्षा में नंबर कम करने की बात कहकर धमकाया गया।  
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यहां तो रात में फर्राटे भरती हैं ट्रैक्टर-ट्राली
पुलिस के संरक्षण की वजह पीलीभीत बाईपास तो अंधेरा होते ही ट्रैक्टर-ट्राली फर्राटे भरना शुरू कर देती हैं। खनन विभाग टीम पकड़ न ले, इस खौफ से चालक ट्रैक्टर-ट्राली को इतनी रफ्तार से चलाते हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। असलियत यह है कि पीलीभीत बाईपास पर कई नई कॉलोनी बन रही हैं। जो कॉलोनी विकसित हो रहीं हैं, उनमें भी निर्माण कार्य चल रहा है। घर बनवाने के लिए मिट्टी तो प्लाटों में डलवानी ही होती है। दिन में तो मिट्टी पड़ना संभव ही नहीं है। रात को ही ठेकेदारों के ट्रैक्टर-ट्राली सड़कों पर फर्राटे भरते हैं।



कई बार शिकायतें आने पर पता भी करवाया जाता है। कुछ दिनों के लिए खनन बंद होकर रात में फिर से चालू कर देते हैं। रात में खनन करके मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्राली की धरपकड़ करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
-समीर सौरभ, एसपी सिटी 
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