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सर्किट हाउस के पास सर्राफ की दुकान के ताले काटे
बरेली
Updated Wed, 07 Jan 2015 01:17 AM IST
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सर्द मौसम का फायदा उठाते हुए चोर अधिकतर पॉश इलाकों में ही चोरी की वारदातें कर रहे हैं और पुलिस रोकने में नाकामयाब साबित हो रही है। चोरों ने सोमवार रात सर्किट हाउस चौराहे के पास सर्राफ की दुकान के ताले काट दिए और उसमें रखे करीब दो किलो चांदी के जेवर, बर्तन आदि चोरी कर ले गए। इसकी भनक सामने स्थित इलाहाबाद बैंक में तैनात पुलिस की गारद को नहीं लगी। तड़के 3:56 पर गारद चेक करने पहुंचे कोतवाल की गाड़ी की आवाज सुनकर चोर भाग गए।
कचहरी के पास स्थित केसर इन्क्लेव निवासी सर्राफा व्यवसायी स्वाधीन खंडेलवाल की सर्किट हाउस चौराहे के पास उमा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। सोमवार शाम सात बजे वह दुकान बंद करके घर गए थे। रात में चोरों ने पहले उनकी दुकान के चैनल के तीन ताले काटे। इसके बाद शटर के ताले नहीं कटे तो चोरों ने कुंडे काटकर शटर उठाया और फिर शटर के बाद तीसरा शीशे का गेट तोड़ा जिससे दुकान के बाहर शीशे के टुकड़े ही टुकडे बिखर गए। इसके बाद दुकान के अंदर घुसकर काउंटर के शीशे तोड़कर उसमें रखे चांदी के बिछुए, पायल, अंगूठियां, बर्तन कटोरी, गिलास और इलेक्ट्रानिक कांटा व रैक में रखे डेढ़ हजार रुपये चोरी कर लिए और भाग गए। मंगलवार सुबह जानकारी मिलने पर सर्राफ ने सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाल के अलावा फील्ड यूनिट ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
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...और कैमरे में नहीं आई 3:11 बजे के बाद की कोई तस्वीर
कोतवाल अनिल समानिया ने बताया कि सर्राफ की दुकान के सामने रोड पार इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा है। जिसमें पुलिस की गारद तैनात रहती है। वह सुबह 3:56 पर गारद चेक करने पहुंचे तो उन्हें किसी तरह का कोई शोर सुनाई नहीं दिया। यही नहीं जब छानबीन की गई तो पता चला कि सर्राफ की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात 3:11 बजे के बाद की कोई तस्वीर नहीं आई। कोतवाल ने बताया कि संभवत: चैनल के ताले काटने और शटर व शीशे का गेट तोड़ने से हुई धमक से सीसीटीवी कैमरा बंद हो गया होगा, इसलिए चोरों की तस्वीर उसमें नहीं आई। अनुमान लगाया जा रहा है कि कोतवाल की गाड़ी की आवाज सुनकर चोर भाग गए।
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इतनी आसानी से नहीं टूटता शीशे का गेट
सर्राफ स्वाधीन खंडेलवाल बताते हैं कि उनकी दुकान में जो शीशे का गेट था वह आसानी से नहीं टूट सकता था। अगर टूटता है तो इसकी जोरदार आवाज होती है। यदि आवाज हुई तो फिर बैंक शाखा में तैनात गारद ने क्यों नहीं सुनी, यह भी रहस्य है।
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कचहरी के पास स्थित केसर इन्क्लेव निवासी सर्राफा व्यवसायी स्वाधीन खंडेलवाल की सर्किट हाउस चौराहे के पास उमा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। सोमवार शाम सात बजे वह दुकान बंद करके घर गए थे। रात में चोरों ने पहले उनकी दुकान के चैनल के तीन ताले काटे। इसके बाद शटर के ताले नहीं कटे तो चोरों ने कुंडे काटकर शटर उठाया और फिर शटर के बाद तीसरा शीशे का गेट तोड़ा जिससे दुकान के बाहर शीशे के टुकड़े ही टुकडे बिखर गए। इसके बाद दुकान के अंदर घुसकर काउंटर के शीशे तोड़कर उसमें रखे चांदी के बिछुए, पायल, अंगूठियां, बर्तन कटोरी, गिलास और इलेक्ट्रानिक कांटा व रैक में रखे डेढ़ हजार रुपये चोरी कर लिए और भाग गए। मंगलवार सुबह जानकारी मिलने पर सर्राफ ने सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाल के अलावा फील्ड यूनिट ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
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...और कैमरे में नहीं आई 3:11 बजे के बाद की कोई तस्वीर
कोतवाल अनिल समानिया ने बताया कि सर्राफ की दुकान के सामने रोड पार इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा है। जिसमें पुलिस की गारद तैनात रहती है। वह सुबह 3:56 पर गारद चेक करने पहुंचे तो उन्हें किसी तरह का कोई शोर सुनाई नहीं दिया। यही नहीं जब छानबीन की गई तो पता चला कि सर्राफ की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात 3:11 बजे के बाद की कोई तस्वीर नहीं आई। कोतवाल ने बताया कि संभवत: चैनल के ताले काटने और शटर व शीशे का गेट तोड़ने से हुई धमक से सीसीटीवी कैमरा बंद हो गया होगा, इसलिए चोरों की तस्वीर उसमें नहीं आई। अनुमान लगाया जा रहा है कि कोतवाल की गाड़ी की आवाज सुनकर चोर भाग गए।
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इतनी आसानी से नहीं टूटता शीशे का गेट
सर्राफ स्वाधीन खंडेलवाल बताते हैं कि उनकी दुकान में जो शीशे का गेट था वह आसानी से नहीं टूट सकता था। अगर टूटता है तो इसकी जोरदार आवाज होती है। यदि आवाज हुई तो फिर बैंक शाखा में तैनात गारद ने क्यों नहीं सुनी, यह भी रहस्य है।