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तेजाब पीकर युवक ने कर ली खुदकुशी
बरेली, ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2016 01:17 AM IST
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मोहल्ला शेखुपुरा में हलवाइयों वाली गली में रहने वाले राशिद अहमद ने तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। वह चार दिनों से जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। घर वालों का आरोप है कि वह पांच सौ का नोट न चल पाने से परेशान थे, सदमे के कारण उन्होंने तेजाब पीकर जान दी है। एसडीएम ने राशिद के घर वालों को मुख्यमंत्री राहत रोष से मदद का भरोसा दिलाया है।
मोहल्ले के रफीक अहमद के सबसे बड़े बेटे 37 वर्षीय राशिद मिठाई कारीगर थे। वह अपने छोटे भाई अरशिद के साथ बाजारों में मिठाई का ठेला लगाते थे। घर वालों के अनुसार राशिद के पास पांच सौ के दो नोट थे। जिन्हें बदलने के लिए वह कई दिन से परेशान थे। दुकानदार सामान नहीं दे रहे थे। चार दिन पहले राशिद को अचानक बुखार आ गया। डॉक्टर ने बाजार से दवा लिख दी। वे पांच सौ का नोट लेकर मेडिकल स्टोरों पर गए मगर सभी ने पुराना नोट लेने से इन्कार कर दिया। इस बात को लेकर राशिद और परेशान हो गए। बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे बाथरूम में रखा तेजाब पी लिया। बड़ी बहन फाहिमा ने उन्हें तेजाब पीते देख लिया और छोटे भाई अरशिद को यह बात बता दी। परिवार वाले शुक्रवार को उन्हें सीएचसी ले गए। डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया। बहन के मुताबिक शनिवार को उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। खून की उल्टी भी हुई। रविवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही घर में भीड़ लग गई। पुलिस भी पहुंची मगर घर वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में एसडीएम कुंवर पंकज और सीओ भी उनके घर पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि वह मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद के लिए शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।
गरीब था परिवार, चंदे से किया गया सुपुर्द-ए-खाक
राशिद के पिता रफीक अहमद की मौत 25 साल पहले हो गई थी। उसके बाद पूरा परिवार गरीबी और मुफलिसी में जी रहा है। दो बेटे और एक बेटी की अब तक शादी नहीं हो पाई है। बहन फाहिमा के अनुसार दोनों भाई ठेला लगाकर साप्ताहिक बाजार में मिठाई बेचते थे। घर में पांच-पांच सौ के दो नोट थे। नोट बंदी के कारण परिवार में आफत आ गई। कहीं खाता भी नहीं है। घर में पैसे न होने के कारण मोहल्ले वालों ने चंदे से राशिद को सुपुर्द-ए-खाक किया। सपा नेता सलीम कातिब, व्यापार मंडल के आसिफ रिजवी, सलीम रहवर, ताहिर पप्पू , बसपा नेता नसीम अहमद, महान दल के नबाव राशिद खां, नगर पालिका के चेयरमैन अंजुम रशीद, हाजी रिजवान, नईम अहमद आदि राशिद के घर पहुंचे और परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
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कोट
यह आत्महत्या का मामला है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- कुंवर पंकज एसडीएम बहेड़ी
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मोहल्ले के रफीक अहमद के सबसे बड़े बेटे 37 वर्षीय राशिद मिठाई कारीगर थे। वह अपने छोटे भाई अरशिद के साथ बाजारों में मिठाई का ठेला लगाते थे। घर वालों के अनुसार राशिद के पास पांच सौ के दो नोट थे। जिन्हें बदलने के लिए वह कई दिन से परेशान थे। दुकानदार सामान नहीं दे रहे थे। चार दिन पहले राशिद को अचानक बुखार आ गया। डॉक्टर ने बाजार से दवा लिख दी। वे पांच सौ का नोट लेकर मेडिकल स्टोरों पर गए मगर सभी ने पुराना नोट लेने से इन्कार कर दिया। इस बात को लेकर राशिद और परेशान हो गए। बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे बाथरूम में रखा तेजाब पी लिया। बड़ी बहन फाहिमा ने उन्हें तेजाब पीते देख लिया और छोटे भाई अरशिद को यह बात बता दी। परिवार वाले शुक्रवार को उन्हें सीएचसी ले गए। डॉक्टरों ने दवा देकर घर भेज दिया। बहन के मुताबिक शनिवार को उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। खून की उल्टी भी हुई। रविवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही घर में भीड़ लग गई। पुलिस भी पहुंची मगर घर वालों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में एसडीएम कुंवर पंकज और सीओ भी उनके घर पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि वह मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद के लिए शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।
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गरीब था परिवार, चंदे से किया गया सुपुर्द-ए-खाक
राशिद के पिता रफीक अहमद की मौत 25 साल पहले हो गई थी। उसके बाद पूरा परिवार गरीबी और मुफलिसी में जी रहा है। दो बेटे और एक बेटी की अब तक शादी नहीं हो पाई है। बहन फाहिमा के अनुसार दोनों भाई ठेला लगाकर साप्ताहिक बाजार में मिठाई बेचते थे। घर में पांच-पांच सौ के दो नोट थे। नोट बंदी के कारण परिवार में आफत आ गई। कहीं खाता भी नहीं है। घर में पैसे न होने के कारण मोहल्ले वालों ने चंदे से राशिद को सुपुर्द-ए-खाक किया। सपा नेता सलीम कातिब, व्यापार मंडल के आसिफ रिजवी, सलीम रहवर, ताहिर पप्पू , बसपा नेता नसीम अहमद, महान दल के नबाव राशिद खां, नगर पालिका के चेयरमैन अंजुम रशीद, हाजी रिजवान, नईम अहमद आदि राशिद के घर पहुंचे और परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
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यह आत्महत्या का मामला है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- कुंवर पंकज एसडीएम बहेड़ी