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गोली लगी तो सिपाही के  कपड़ों में छेद क्यों नहीं

Thu, 15 Dec 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Thu, 15 Dec 2016 01:09 AM IST
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The soldier then shot Why not wear holes in
The soldier then shot Why not wear holes in - फोटो : बरेली, अमर उजाला
संजय कालिया के घर सुभाषनगर में  सिपाही रवींद्र सिंह को गोली किस तरह लगी ये अभी रहस्य ही बना हुआ है। उसका अपने दागी दोस्त से किस मामले में  बात बिगड़ गई ये बात भी तभी साफ होगी जब सिपाही सच बोले या फिर  संजय के पकड़े जाने के बाद ही इस हकीकत से पर्दा उठ पाएगा। एक अहम सवाल ये है कि सिपाही के पेट में गोली लगने के बाद शरीर के पार हुई है तो उसके किसी कपड़े में छेद क्यों नहीं है। क्या उसने घटना के वक्त कपड़े नहीं पहने थे? नहीं पहने थे तो वह वहां कर क्या रहा था?
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संजय के कमरे से घर  बाहर तक खून पड़ा हुआ था। सिपाही कपड़े पहने था तो उसकी जैकेट, स्वेटर और बनियान किसी में गोली छेद होना चाहिए था। सिपाही की पीठ से पेट की तरफ खून निकला था। सिपाही के खड़े होने पर गोली मारी गई होती तो उसका खून टांगों की तरफ आना चाहिए था। गोली उसे लेटी हुई मुद्रा में मारी गई या गोली लगते ही वह लेट गया यह भी किसी के बयान से ही साफ होगा। ताज्जुब की बात है कि पुलिस छानबीन की बात कर रही है लेकिन इतने दिन हो गए किसी को सिपाही ने अभी बयान नहीं दिया है। प्रभारी निरीक्षक अतुल प्रधान ने बताया कि संजय कालिया कहीं बाहर निकल गया है। परिवार वालों के भी संपर्क में अभी तक नहीं आया है। सिपाही के बयान अभी तक नहीं हो पाए हैं। बुधवार को बयान लेने की कोशिश की थी, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं था। 
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रवींद्र फिर आईसीयू में भर्ती
मंगलवार को हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने सिपाही को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर दिया था। अचानक फिर से हालत बिगड़ने पर बात कहने पर डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती करा दिया है। 
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अब नए सिरे से बनेगी क्राइम ब्रांच 
जुआ, सट्टा और सूद का काम करने वाले संजय कालिया के घर सिपाही रवींद्र सिंह पर जानलेवा हमला होने के बाद एसएसपी ने पूरी टीम को बदलने का मन बना लिया है।  एसएसपी ने इसके लिए साफ-सुथरी छवि वाले पुलिस कर्मियों से 15 दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार को जिले में भले ही कम समय हुआ है, लेकिन आईजी विजय सिंह मीना लंबे समय से तैनात हैं। डीआईजी को भी एक साल से होने को है। उन्हें क्राइम ब्रांच के खलीफा सिपाहियों के बारे में जानकारी है। कैंट के नकटिया में डॉक्टर बाल किशन के कोठी में लाखों की डकैती में क्राइम ब्रांच ने ठिरिया निजावत खां के तमाम लोगों को अपने कमरे में बैठाकर छोड़ दिया। ठिरिया निजावत खां के नेता ने उन्हें छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई। आईवीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर दीपक शर्मा के हत्या में क्राइम ब्रांच ने कई  को पकड़कर छोड़ दिया, लेकिन खुलासे  नहीं हो पाया।  गायत्रीपुरी कॉलोनी के व्यापारी नेता नरेश सेठी के परिवार के लोगों की हत्या के मामले में भी क्राइम ब्रांच कुछ नहीं कर पाई।

 एसएसपी ने क्राइम ब्रांच की इंस्वेस्टीगेशन विंग  के प्रभारी विकास सक्सेना को तो हटा दिया, लेकिन कार्रवाई पूरी टीम पर होनी है। एसपी सिटी की टीम से भी दागियों को हटाया जाना तय है। इसी सप्ताह सभी की छुट्टी हो जाएगी।   
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