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क्राइम पेट्रोल देखकर लिखी थी फर्जी लूट की स्क्रिप्ट
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:47 AM IST
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अारोपी दोनों भाई
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मिलक(रामपुर) के व्यापारी बंधुओं ने कर्जदारों के बचने के लिए ग्यारह लाख रुपये की लूट की फर्जी कहानी की स्क्रिप्ट टीवी शो क्राइम पेट्रोल की कहानी देखकर लिखी थी। इस पूरी कहानी का मास्टर माइंड अमित गुप्ता उर्फ सोनू था। शक के आधार पर पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। छानबीन में लूट का कहानी फर्जी साबित होने पर पुलिस ने दोनों भाईयों के अलावा उनके पिता को भी जेल भिजवा दिया।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि शनिवार की दोपहर सवा बजे मिलक (रामपुर) के घी-चीनी के थोक कारोबारी भाई अमित गुप्ता उर्फ सोनू और करन गुप्ता से मीरगंज में भाखड़ा पुल के पास लूट होने की कहानी सुनकर ही हैरानी हो रही थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जैसे ही पुलिस ने घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की व्यापारी बंधु शक के दायरे में आ गए। दोनों भाईयों से कड़ाई से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। अमित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने टीवी शो क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया देखकर फर्जी लूट की कहानी बनाई थी। इसके पीछे वजह यह थी कि उन्हें बंटवारे के बाद चाचा महेश गुप्ता को 14 लाख रुपये देने थे। इसके अलावा उन पर शहामतगंज के घी-चीनी के व्यापारियों के भी करीब 15 लाख रुपये की देनदारी थी। अमित गुप्ता कर्जदारों से रुपये बचाने के बाद करन गुप्ता को मोबाइल शॉप कराना चाहता था। घटना के बाद सबसे पहले उन्होंने अपने चाचा को और उसके बाद आठ लाख के कर्जदार को फोन क रके घटना की जानकारी दी थी। पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में बैग न होने के बाद व्यापारी बंधुओं की सारी कहानी झूठी साबित हो गई। लूट की इस फर्जी कहानी की जानकारी अमित के पिता अनिल गुप्ता को भी थी। पुलिस ने पिता-पुत्र के पास से एक 35 हजार रुपये और स्कूटी बरामद करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया है। खुलासे में सीओ मीरगंज मनोज पांडेय और एसओ बच्चू सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सात दिन पहले की थी प्लानिंग
मिलक(रामपुर) के व्यापारी अमित गुप्ता ने सात दिन पहले से ही फर्जी लूट की प्लानिंग कर ली थी। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई को अपने प्लान में शामिल किया। घटना के दिन पिता को भी व्यापारी बंधुओं ने अपनी प्लानिंग में शामिल करके मुल्जिम बनवा दिया। अमित के पिता को पुलिस ने इसलिए मुल्जिम बनाया कि वह पूछताछ में लगातार यह दावा करते रहे कि बेटों को दस लाख रुपये उन्होंने अपने हाथ से गिनकर दिए थे।
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एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि शनिवार की दोपहर सवा बजे मिलक (रामपुर) के घी-चीनी के थोक कारोबारी भाई अमित गुप्ता उर्फ सोनू और करन गुप्ता से मीरगंज में भाखड़ा पुल के पास लूट होने की कहानी सुनकर ही हैरानी हो रही थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जैसे ही पुलिस ने घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की व्यापारी बंधु शक के दायरे में आ गए। दोनों भाईयों से कड़ाई से पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। अमित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने टीवी शो क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया देखकर फर्जी लूट की कहानी बनाई थी। इसके पीछे वजह यह थी कि उन्हें बंटवारे के बाद चाचा महेश गुप्ता को 14 लाख रुपये देने थे। इसके अलावा उन पर शहामतगंज के घी-चीनी के व्यापारियों के भी करीब 15 लाख रुपये की देनदारी थी। अमित गुप्ता कर्जदारों से रुपये बचाने के बाद करन गुप्ता को मोबाइल शॉप कराना चाहता था। घटना के बाद सबसे पहले उन्होंने अपने चाचा को और उसके बाद आठ लाख के कर्जदार को फोन क रके घटना की जानकारी दी थी। पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में बैग न होने के बाद व्यापारी बंधुओं की सारी कहानी झूठी साबित हो गई। लूट की इस फर्जी कहानी की जानकारी अमित के पिता अनिल गुप्ता को भी थी। पुलिस ने पिता-पुत्र के पास से एक 35 हजार रुपये और स्कूटी बरामद करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया है। खुलासे में सीओ मीरगंज मनोज पांडेय और एसओ बच्चू सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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सात दिन पहले की थी प्लानिंग
मिलक(रामपुर) के व्यापारी अमित गुप्ता ने सात दिन पहले से ही फर्जी लूट की प्लानिंग कर ली थी। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई को अपने प्लान में शामिल किया। घटना के दिन पिता को भी व्यापारी बंधुओं ने अपनी प्लानिंग में शामिल करके मुल्जिम बनवा दिया। अमित के पिता को पुलिस ने इसलिए मुल्जिम बनाया कि वह पूछताछ में लगातार यह दावा करते रहे कि बेटों को दस लाख रुपये उन्होंने अपने हाथ से गिनकर दिए थे।
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