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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The same message is causing the atmosphere in UP

यूपी में एक ही मैसेज बिगाड़ रहा है माहौल

Tue, 12 Jul 2016 01:41 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Tue, 12 Jul 2016 01:41 AM IST
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यूपी में एक ही मैसेज बिगाड़ रहा है माहौल
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पैगंम्बरे इस्लाम पर टिप्पणी वाला एक ही मैसेज यूपी में माहौल खराब करने का काम कर रहा है। डीजीपी जावीद अहमद तक तमाम जिलों से यह फीडबैक पहुंचा है। कई जिलों की पुलिस इस आपत्तिजनक टिप्पणी वाले मैसेज के क्रियेटर की तलाश कर रही है। पुलिस के आला अफसरों को आशंका है कि यह सब प्रीप्लान भी हो सकता है। मैसेज इतना भड़काऊ है कि कोई भी मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति पड़ने के बाद भड़क जाएगा, लेकिन यह मैसेज किसने तैयार किया। इसका पता लगाने के लिए लखनऊ के भी कई अधिकारी लगे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है। बरेली, मुरादाबाद, संभल, मुजफ्फरनगर और मेरठ जिलों को अति संवेदनशीलता की सूची में रखा गया है। सोमवार को मीटिंग में आए रेंज के चारों जिलों केपुलिस अधिकारियों ने आईजी को यही बताया कि धार्मिक टिप्पणी वाला मैसेज उनके जिलों में भी माहौल खराब करने का काम कर रहा है। मैसेज के क्रियेटर का पता लगाना आसान नहीं है। फेसबुक पर तो क्रियेटर का आसानी से पता लगाया भी जा सकता है, लेकिन व्हाट्स एप पर क्रियेटर के बारे में पता लगाना मुश्किल है। आईजी विजय सिंह मीना ने बताया कि क्रिटेयर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।    
 सावन में माहौल न बिगाड़ दे ये व्हाट्सएप
सावन से पहले व्हाट्सएप पर धार्मिक टिप्पणी करके माहौल खराब करने की साजिशें लगातार चल रही हैं। पुलिस और प्रशासन की सख्ती का भी इन खुराफातियों पर असर नहीं है। यही हाल रहा तो खुराफाती किसी दिन बड़ा बवाल भी करा सकते हैं। इसलिए व्हाट्सएप के जिस ग्रुप से आप जुड़े हैं, उनके एडमिन के बारे में सही से जान लें। यही भी देख लें कि ग्रुप में उनके अलावा कौन-कौन मेंबर हैं। मेंबरों में यदि कोई इस तरह का है कि वह कभी भी कोई धार्मिक टिप्पणी कर सकता है तो उसकी वजह से आप भी कानूनी शिकंजे में फंस जाएंगे। इसलिए पहले ही ऐसे ग्रुप को अलविदा कहने में फायदा है।  
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सीबीगंज
केस-एक
10 जुलाई 2016 
-रविवार की शाम को व्हाट्सएप ग्रुप पर पैगंबरे इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मैसेज पढ़कर सीबीगंज इलाके के ग्रामीणों ने सीबीगंज थाना घेर लिया था। हंगामा होने पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद ग्रुप में मैसेज डालने वाले वीरेंद्र मौर्य की तलाश शुरू कर दी थी, आरोपी अभी तक पकड़ में नहीं आया है। इतना मालूम हुआ है कि वीरेंद्र मौर्य बहेड़ी के बिजौरिया गांव रहने वाला है। वह सैदपुर हाकिंस में किराए के मकान में रहता था।  
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 केस-2 
नवाबगंज
19 जून 2016
-थाना नवाबगंज के हरदुआ गांव के गंगाधर उर्फ भूरा पुत्र प्रसादी लाल ने व्हाट्सएप के ग्रुप पर धार्मिक टिप्पणी वाला मैसेज डाल दिया था। यही मैसेज फेसबुक पर राहुल गंगवार पुत्र अखिलेश गंगवार निवासी ग्राम मीरापुर फतेहगंज पश्चिमी ने शेयर किया था। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।  
केस-3
बिशारतगंज
8 जुलाई 2016
-कस्बे के वार्ड नंबर चार रहने वाले धर्मपाल ने व्हाट्सएप ग्रुप बिगड़े शहजादे में धार्मिक टिप्पणी किए जाने से संबंधित मैसेज 28 जून को पोस्ट कर दिया था। इसके विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने थाना घेरकर हंगामा खड़ा कर दिया था। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखकर उसे थाने बुलाकर जेल भेज दिया था। 
केस-4
शीशगढ़
8 जुलाई 2016
-व्हाट्सएप पर महेंद्र कुमार निवासी ग्राम मंगतपुर, थाना देवरनिया ने धार्मिक आयुषी नर्सिंग होम के नाम से व्हाट्सएप के ग्रुप पर धार्मिक टिप्पणी वाला मैसेज डाल दिया था। इस ग्रुप से जुड़े मुस्लिमों ने जुमे की नमाज के बाद थाने पहुंचकर विरोध कर दिया। पुलिस ने मामले में मुकदमा लिखकर आरोपी को जेल भिजवा दिया था।    
 विकास भवन
3 जुलाई 2016
-व्हाट्सएप पर पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती समेत सपा के शीर्ष नेताओं पर ग्राम विकास अधिकारियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इस आरोप में जिले के दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित कर दिए थे। लखनऊ के इशारे पर हुई इस कार्रवाई से विकास भवन में हड़कंप मच गया था। 

 होशियार रहिए वरना फंस जाएंगे
-मोबाइल, कंप्यूटर से धार्मिक, राजनीतिक टिप्पणी करने पर आपत्ति आती है तो वह साइबर अपराध है।
-जानकारी न हो फिर भी ऐसी टिप्पणी को आगे बढ़ा देना साइबर एक्ट और आईपीसी के तहत दर्ज होगा
अगर टिप्पणी ग्रुप में की जाती है तो एडमिन भी जिम्मेदार होगा
किसी के भी ग्रुप में न जुडे़ं, पहले जानकारी करें
अगर आप विवादित टिप्पणी पर लाइक या कमेंट करते हैं तो भी आप पर कार्रवाई होगी। भले ही आप फेसबुक फ्रेेंड से जुड़े हो या नहीं।
धर्मगुुरु, महापुरुष, राजनेता पर कोई टिप्पणी करते हैं और अगर उनके समर्थक आपत्ति जताते हैं तो कार्रवाई होगी।
ग्रुप एडमिन भी होंगे जिम्मेदार: आईजी
आईजी विजय सिंह मीना का कहना है कि व्हाट्स एप पर धार्मिक टिप्पणी करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है। ऐसे मामलों में ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी भी तय की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मीडिया और अन्य ग्रुपों के माध्यम से लोगों को आगाह कर रहे हैं। तमाम ग्रुपों की निगरानी की जा रही है। इसके बाद भी कोई खुराफात करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। 
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