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संपत्ति हड़पने को बनाई थी फर्जी वसीयत
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 23 Oct 2016 01:03 AM IST
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अधिवक्ता कमल मोहन निगम के खिलाफ डीआईजी के आदेश पर एक और मुकदमा दर्ज हो गया। आरोप है कि उन्होंने भतीजे की संपत्ति को हड़पने को मां और भाई की फर्जी वसीयत तैयार करा ली थी। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उत्सव पार्ट-एक महानगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता की बहन मधु निगम की तरफ से थाना इज्जतनगर में धोखाधड़ी, मारपीट और धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। मधु का आरोप है कि कोतवाली के रामपुर बाग निवासी अधिवक्ता कमल मोहन निगम पुश्तैनी संपत्ति हड़पने को फर्जी वसीयत बनाने दक्षता हासिल है। उन्होंने उनकी मां प्रभा देवी निगम की फर्जी वसीयत बनाकर उसे थमा दी और कहने लगे तुम्हारा संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। विरोध करने पर मारपीट करने पर लगे। इसके बाद उनके पिता हरिहर प्रसाद निगम की भी उन्होंने फर्जी वसीयत बनवा ली। मुकदमे के अलावा मधु ने अधिवक्ता पर भतीजे अंबर निगम की संपत्ति हड़पने के लिए भाई दिलीप निगम की फर्जी वसीयत बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिवक्ता ने सारी वसीयत सादे कागज पर बनवाई गईं हैं। पिछले दिनों अधिवक्ता ने अंबर से समझौता करके चेक के दिए थे। सारे चेक डिशआनर हो गए। मधु के मुताबिक संपत्ति के चक्कर में अधिवक्ता उनके और भतीजे के खिलाफ अठारह मुकदमे लिखा चुके हैं।
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उत्सव पार्ट-एक महानगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता की बहन मधु निगम की तरफ से थाना इज्जतनगर में धोखाधड़ी, मारपीट और धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। मधु का आरोप है कि कोतवाली के रामपुर बाग निवासी अधिवक्ता कमल मोहन निगम पुश्तैनी संपत्ति हड़पने को फर्जी वसीयत बनाने दक्षता हासिल है। उन्होंने उनकी मां प्रभा देवी निगम की फर्जी वसीयत बनाकर उसे थमा दी और कहने लगे तुम्हारा संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। विरोध करने पर मारपीट करने पर लगे। इसके बाद उनके पिता हरिहर प्रसाद निगम की भी उन्होंने फर्जी वसीयत बनवा ली। मुकदमे के अलावा मधु ने अधिवक्ता पर भतीजे अंबर निगम की संपत्ति हड़पने के लिए भाई दिलीप निगम की फर्जी वसीयत बनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिवक्ता ने सारी वसीयत सादे कागज पर बनवाई गईं हैं। पिछले दिनों अधिवक्ता ने अंबर से समझौता करके चेक के दिए थे। सारे चेक डिशआनर हो गए। मधु के मुताबिक संपत्ति के चक्कर में अधिवक्ता उनके और भतीजे के खिलाफ अठारह मुकदमे लिखा चुके हैं।
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