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नौकरी गई, कर्ज में डूबा तो फांसी लगा ली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:51 AM IST
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The job, then hanged himself immersed in debt
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी से नौकरी जाने और बीस लाख की रकम डूबने से परेशान मुरादाबाद के एक युवक ने फांसी के फंदे में लटककर जान दे दी। वह किराए के मकान में रहता था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसका शव निकाला। मां के नाम लिखे सुसाइड नोट में उसने कंपनी के अधिकारी समेत दो लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
मुरादाबाद की शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला पटपट सराय कुम्हारो वाली गली निवासी 35 वर्षीय शशांक गुप्ता चैनी खैनी कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। वह यहां थाना प्रेमनगर के त्रिवेणीनाथ बीडीए कॉलोनी में मुकुल शर्मा के घर किराए पर रहते थे। बुधवार को शशांक का कमरा नहीं खुला दोस्त गौरव तिवारी कमरे पर पहुंच गए। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने मकान मालिक को बुला लिया। सूचना पर चौकी इंचार्ज कोहाड़ापीर रजनीश कुमार यादव पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। शशांक की लाश जमीन पर पड़ी थी। गर्दन में प्लास्टिक की रस्सी बंधी हुई थी। पुलिस को कमरे से मां के नाम लिखा सुसाइड नोट मिल गया। इसमें शशांक ने लिखा है कि वह चैनी खैनी में नौकरी कर रहा था। इसी बीच उनकी कंपनी के अधिकारी नीरज सिंह, निवासी बैंक कॉलोनी और डिस्ट्रीब्यूटर हर्षित सिक्का उर्फ तन्नू निवासी रामस्वरूप कॉलोनी, मुरादाबाद ने उससे डीलरशिप लेने को कहा। उनकी सलाह पर डिस्ट्रीब्यूटर हर्षित के मामा वीनू मोदक निवासी गिलेक्सी एपार्टमेंट, बरेली को बना दिया। उन्होंने मुझे लालच दिया कि बदायूं और पीलीभीत जो माल जाएगा उस पर तुम्हें 900 रुपये बोरा मिलेगा। इसके लिए तुम्हें 20 लाख रुपये जमा करने होंगे। उसने कर्ज पर रुपये लेकर रुपये दोनों को दे दिए। अक्तूबर में उसने रुपये दिए थे। कहने लगे कि नवंबर में काम शुरू हो जाएगा नोट बंदी की खबर के बाद वह कहने लगे कि अब तेरे रुपये बेकार हो गए। उसने विरोध किया तो धमकाने लगे। रिश्तेदारों की मदद से व्यापारियों को साथ लेकर उसके कमरे पर आ धमके, लेकिन उससे मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद वीनू ने हिसाब में हेराफेरी का आरोप लगाकर नौकरी से निकलवा दिया। शशांक से सुसाइड के लिए नीरज और हर्षित सिक्का को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है।
शशांक का सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड के लिए प्रेरित करने अलावा धोखाधड़ी का मामला भी बन रहा है। मामले की छानबीन करके मुकदमा लिखाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-एमपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक, प्रेमनगर
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मुरादाबाद की शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला पटपट सराय कुम्हारो वाली गली निवासी 35 वर्षीय शशांक गुप्ता चैनी खैनी कंपनी में सेल्स मैनेजर थे। वह यहां थाना प्रेमनगर के त्रिवेणीनाथ बीडीए कॉलोनी में मुकुल शर्मा के घर किराए पर रहते थे। बुधवार को शशांक का कमरा नहीं खुला दोस्त गौरव तिवारी कमरे पर पहुंच गए। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने मकान मालिक को बुला लिया। सूचना पर चौकी इंचार्ज कोहाड़ापीर रजनीश कुमार यादव पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। शशांक की लाश जमीन पर पड़ी थी। गर्दन में प्लास्टिक की रस्सी बंधी हुई थी। पुलिस को कमरे से मां के नाम लिखा सुसाइड नोट मिल गया। इसमें शशांक ने लिखा है कि वह चैनी खैनी में नौकरी कर रहा था। इसी बीच उनकी कंपनी के अधिकारी नीरज सिंह, निवासी बैंक कॉलोनी और डिस्ट्रीब्यूटर हर्षित सिक्का उर्फ तन्नू निवासी रामस्वरूप कॉलोनी, मुरादाबाद ने उससे डीलरशिप लेने को कहा। उनकी सलाह पर डिस्ट्रीब्यूटर हर्षित के मामा वीनू मोदक निवासी गिलेक्सी एपार्टमेंट, बरेली को बना दिया। उन्होंने मुझे लालच दिया कि बदायूं और पीलीभीत जो माल जाएगा उस पर तुम्हें 900 रुपये बोरा मिलेगा। इसके लिए तुम्हें 20 लाख रुपये जमा करने होंगे। उसने कर्ज पर रुपये लेकर रुपये दोनों को दे दिए। अक्तूबर में उसने रुपये दिए थे। कहने लगे कि नवंबर में काम शुरू हो जाएगा नोट बंदी की खबर के बाद वह कहने लगे कि अब तेरे रुपये बेकार हो गए। उसने विरोध किया तो धमकाने लगे। रिश्तेदारों की मदद से व्यापारियों को साथ लेकर उसके कमरे पर आ धमके, लेकिन उससे मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद वीनू ने हिसाब में हेराफेरी का आरोप लगाकर नौकरी से निकलवा दिया। शशांक से सुसाइड के लिए नीरज और हर्षित सिक्का को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है।
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शशांक का सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड के लिए प्रेरित करने अलावा धोखाधड़ी का मामला भी बन रहा है। मामले की छानबीन करके मुकदमा लिखाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-एमपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक, प्रेमनगर