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रिठौरा में दो साल से चल रहा था तेल का खेल

Tue, 28 Feb 2017 01:39 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Tue, 28 Feb 2017 01:39 AM IST
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The game had been going on for two years Ritura oil
The game had been going on for two years Ritura oil - फोटो : बरेली, अमर उजाला
रिठौरा में नकली और मिलावटी तेल का खेल दो साल से चल रहा था। इस खेल से स्थानीय पुुलिस बेखबर रही है, जबकि एफएसडीए की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। तेल का यह नकली कारोबार रिठौरा में ही नहीं बल्कि बरेली शहर और ग्रामीण इलाकों में चल रहा है। पुलिस, और एफएसडीए टीम की ओर से देर रात की गई कार्रवाई में 6620 लीटर नकली और मिलावटी तेल बरामद हुआ था। जमीन के नीचे 1050 लीटर क्षमता के दो टैंक  भी बने हुए हैं। इनको सील कर दिया गया है। इनके अलावा सात ड्रम, एक टैंक, 40-40 लीटर की प्लास्टिक की 22 केन, तीन सौ से अधिक 15-15 लीटर के टिन भी बरामद हुए हैं।
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डीएम सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने छापा मारा और उसके बाद एफएसडीए टीम को नमूने लेने के लिए बुलाया गया। उसी दौरान पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें एफएसडीए के अफसरों को गवाह बनाया गया। इस मामले में पुलिस ने अवैध फैक्ट्री से एक व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। जबकि दो नामजद फरार हैं।
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 पुलिस ने मौके  से प्रमुख 10 ब्रांड फॉरचून, जय जवान, रविंद्रा, घुंघरू, खिलाड़ी, राज कोल्हू, तारा, सूरज, जादूगर आदि कंपनियों के नाम के रेपर तथा अन्य सामान मिले हैं। इनको भी सील कर दिया गया है। सरसों का तेल कहीं नहीं है जाहिर है इसमें एसेंस मिला है लेकिन बरामदगी में एसेंस और कलर का जिक्र नहीं हऐ। सीओ रमन पाल सिंह ने बताया कि भोजीपुरा रोड पर संचालित एएएस ट्रेडर्स  की एक पिकअप व कार को भी सीज कर दिया है। अवैध खाद्य तेल फैक्ट्री चलाने के आरोप में इकबाल उर्फ नन्हें एवं उसके देा बेटों के खिलाफ धारा 420,467,468,471,272 और 273 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें इकबाल को जेल भेज दिया गया है जबकि उसके दोनाें बेटे फरार हैं ।
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हर दिन 90 लाख लीटर का अवैध कारोबार
बरेली। जिले भर में सौ से ज्यादा अवैध खाद्य कारखाने चोरी छिपे चल रहे हैं। इनका वाणिज्य कर आदि विभागों ना तोे कोई पंजीकरण है और ना ही खाद्य सुरक्षा मानक लाइसेंस लिया है। ये अवैध इकाइयां हर दिन औसतन करीब 90 लाख लीटर खाने का तेल बाजार में बेच रही हैं जो कि वैध कारोबार का एक तिहाई हिस्सा है। इससे लाखों रुपये का राजस्व चोरी होेने के साथ ही जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। रिठौरा में अवैध कारोबार पकड़े जाने के बाद वाणिज्य कर विभाग की नींद टूटी है। हर दिन करीब 70 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार होने से दस लाख रुपये वाणिज्य कर चोरी हो रहा  है। इन अवैध मिनी कारखानों में आन डिमांड ब्रांड पैकिंग होती है। साफ सुथरे पुराने टिन खरीदकर अपना नकली तेल भरकर खुदरा दुकानदारों को बेच देते हैं।

टैंकरों से चोरी
टैंकरों से पाम और राइस ब्रान ऑयल चालक की मिलीभगत से चोरी होता है। इसके साथ ही कई व्यापारी  खुला तेल बेच रहे हैं। छोटा कारोबार करने वाले इस तेल से नकली उत्पाद बनाते हैं। तहसील, शहर और अन्य स्थानों पर तैयार होने वाला अवैध उत्पाद बड़ी मात्रा में किच्छा, टनकपुर, खीरी, सितारगंज, खटीमा आदि बाजारों में खपा दिया जाता है। इन उत्पादों की पैकिंग  लोकल होती है। नका कोई लाइसेंस और पंजीकरण भी नहीं होता है।
 
‘बरेली मंडल में ऐसी इकाइयां चेक करने और उनपर लगाम कसने के लिए निर्देश दिए हैं। मंगलवार में एक टीम रिठौरा रवाना होगी और पकड़ी फैक्ट्री में होने वाले कारोबार की छानबीन करेगी। अगले माह से पंजीकरण अभियान चलेगा।’ 

-बीपी सिंह, एडिशनल कमिश्नर

डीएम बोले एफएसडीए सुधर जाए
रिठौरा में नकली खाद्य तेल का कारोबार पकड़े जाने के बाद डीएम ने शाम को कैंप कार्यालय पर एफएसडीए टीम की क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि पहले जो हुआ, उससे हमको कोई मतलब नहीं लेकिन अब गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने की जाएगी। उन्होेंने कहा कि तीन दिन के अंदर परिणाम सामने आने चाहिए, वरना कार्रवाई को तैैयार रहें। उन्होंने वाणिज्यकर विभाग को भी निर्देश दिए कि वह अवैध चल रही इकाइयों को सिस्टम में लाएं।
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