{"_id":"5810f3d14f1c1b994fbc3515","slug":"the-festive-collection-eunuchs-clashed-commotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्योहारी वसूली को लेकर हिजड़े भिड़े, हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
त्योहारी वसूली को लेकर हिजड़े भिड़े, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 27 Oct 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली पर अवैध रूप से त्योहारी वसूली को लेकर हिजड़ों के दो गुटों में मारपीट हो गई। इसे लेकर काफी देर तक बीच बाजार में हंगामा होता रहा। एक गुट के हिजड़ों ने दूसरे गुट के हिजड़े को नकली बताकर उसके कपड़े फाड़ डाले और उसका बैग छीनकर थाने पहुंच गए। बाद में पुलिस ने दोनों गुटों को बैठाकर समझौता करा दिया।
बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे हिजड़ों का एक गुट बारादरी थाने पहुंचा। एसएसआई प्रेमपाल वार्ष्णेय ऑफिस के बाहर बैठे विवेचना निपटा रहे थे। प्रथम दृष्टयता तो यह लगा कि दिवाली पर त्योहारी वसूली के लिए हिजड़ों की टीम आई है। हिजड़ों ने आते ही एक छोटा सा लेडीज बैग जैसे ही एसएसआई की मेज पर लाकर रखा तो वह समझ गए कि माजरा कुछ और ही है। एसएसआई के पूछने से पहले ही हिजड़ों ने पूरी कहानी बता दी। बताया कि शहामतगंज उनका इलाका है। यहां कोई और हिजड़ा त्योहारी लेने नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि कुछ नकली हिजड़े आसाम टी कंपनी की दुकान पर त्योहारी वसूल रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि हम उसका बैग छीन लाए हैं। हमारे साथ पुलिस टीम भेज दो, सारी बात समझ में आ जाएगी।
एसएसआई ने हिजड़ों से तहरीर लिखकर देने को कहा और मामले की जांच करने के लिए पुलिस टीम भेज दी। पुलिस को जांच में पता लगा कि आसाम टी कंपनी की दुकान के सामने त्योहारी वसूली को लेकर मारपीट भी हुई है। एक हिजड़े के कपड़े भी फाड़ दिए गए हैं। उधर, जब हिजड़े तहरीर लिखकर एसएसआई के पास पहुंचे तो दूसरे गुट के मुखिया भी आ गए। अवैध तरीके से वसूली करने वाले हिजड़ों के मुखिया के माफी मांगने पर समझौता हो गया। एसएसआई ने बताया कि दोपहर को कुछ हिजड़े उनके पास आए थे। बाद में दोनों पक्षों ने बैठकर समझौता कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे हिजड़ों का एक गुट बारादरी थाने पहुंचा। एसएसआई प्रेमपाल वार्ष्णेय ऑफिस के बाहर बैठे विवेचना निपटा रहे थे। प्रथम दृष्टयता तो यह लगा कि दिवाली पर त्योहारी वसूली के लिए हिजड़ों की टीम आई है। हिजड़ों ने आते ही एक छोटा सा लेडीज बैग जैसे ही एसएसआई की मेज पर लाकर रखा तो वह समझ गए कि माजरा कुछ और ही है। एसएसआई के पूछने से पहले ही हिजड़ों ने पूरी कहानी बता दी। बताया कि शहामतगंज उनका इलाका है। यहां कोई और हिजड़ा त्योहारी लेने नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि कुछ नकली हिजड़े आसाम टी कंपनी की दुकान पर त्योहारी वसूल रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि हम उसका बैग छीन लाए हैं। हमारे साथ पुलिस टीम भेज दो, सारी बात समझ में आ जाएगी।
विज्ञापन
एसएसआई ने हिजड़ों से तहरीर लिखकर देने को कहा और मामले की जांच करने के लिए पुलिस टीम भेज दी। पुलिस को जांच में पता लगा कि आसाम टी कंपनी की दुकान के सामने त्योहारी वसूली को लेकर मारपीट भी हुई है। एक हिजड़े के कपड़े भी फाड़ दिए गए हैं। उधर, जब हिजड़े तहरीर लिखकर एसएसआई के पास पहुंचे तो दूसरे गुट के मुखिया भी आ गए। अवैध तरीके से वसूली करने वाले हिजड़ों के मुखिया के माफी मांगने पर समझौता हो गया। एसएसआई ने बताया कि दोपहर को कुछ हिजड़े उनके पास आए थे। बाद में दोनों पक्षों ने बैठकर समझौता कर लिया।
विज्ञापन