फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The doctor opened his pole in an attempt to entrap

डॉक्टर को फंसाने की कोशिश में खुल गई अपनी पोल

Tue, 17 Jan 2017 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Tue, 17 Jan 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
The doctor opened his pole in an attempt to entrap
The doctor opened his pole in an attempt to entrap - फोटो : बरेली, अमर उजाला
पत्नी की कोख में पल रहे बच्चे का उसके पिता ने जन्म से पहले ही कथित वकील के जरिए नि:संतान दंपति से 80 हजार रुपये में सौदा कर दिया। प्रसव पीड़ा होने पर महिला को अस्पताल में भर्ती कराते समय तय किया गया कि इस रकम के अलावा ऑपरेशन खर्च भी अदा करने पर बच्चा दे दिया जाएगा। पैदा होने के बाद बच्चा कुछ अस्वस्थ हुआ तो दंपति पीछे हट गया। इसके बाद माता-पिता भी अपने नवजात बच्चे को अस्पताल में ही छोड़कर चले गए। बीस दिन बाद डॉक्टर पर आरोप लगाया कि बिल न चुका पाने की वजह से वह बच्चा नहीं दे रहे हैं। पुलिस की छानबीन में बच्चे के पिता को ही दोषी पाया गया। पुलिस ने संभ्रांत लोगों के बीच लिखित रूप से बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया। आगे उसे बेचने पर कार्रवाई की हिदायत दी। 
विज्ञापन

 सीबीगंज के गांव सरनिया निवासी उमेश के पैर में पुरानी चोट है। इस वजह से वह शारीरिक रूप से कुछ कमजोर है। वह मजदूरी कर परिवार पालता है। सोमवार को उमेश परिवार के साथ एसपी सिटी से मिला। उसका आरोप था कि डॉक्टर इलाज का भुगतान न करने पर उसके नवजात बच्चे को अस्पताल से ले जाने नहीं दे रहे हैं। इस पर एसपी सिटी ने किला चौकी इंचार्ज सुभाष यादव को जांच सौंपी। दरोगा ने छानबीन की तो पता चला उमेश के पहले से ही एक बेटा और एक बेटी है। 25 दिसंबर को उसकी पत्नी पूनम ने तीसरे बेटे को अस्पताल में जन्म दिया। छानबीन में पाया गया कि पूनम को एक कथित वकील के माध्यम से 24 दिसंबर को किला छावनी स्थित बीआर गुप्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन से बच्चा हुआ। भर्ती कराने से पहले एक नि:संतान दंपति से बच्चे का 80 हजार रुपये में सौदा किया गया था, लेकिन जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हुई तो इस दंपति के मन में खटास आ गई और वे पीछे हट गए। बच्चे के माता-पिता ऑपरेशन का खर्च ही नहीं दे पाए तो बच्चे का इलाज कैसे कराते। अस्पताल के डॉ. मनोज कुमार ने नवजात को मिनी बाईपास स्थित बच्चों के हरिचरन चिल्ड्रन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां माता-पिता उसे छोड़कर चले गए। बच्चा स्वस्थ हुआ तो सोमवार को माता-पिता उसे लेने पहुंच गए। आरोप है कि डॉक्टर ने पैसे मांगे तो इन्होंने साथ आए लोगों के साथ बीआर गुप्ता अस्पताल में हंगामा कर शीशा तोड़ दिया। चूंकि, बच्चा मिनी बाईपास स्थित अस्पताल में था, इसलिए पुलिस उन्हें लेकर वहां गई। डॉक्टर ने कहा कि जितना पैसा हो उतना ही दे दिया जाए। इस पर करीब 18 हजार रुपये के बिल के बदले सात हजार रुपये जमा करा दिए गए। इसके बाद दरोगा ने कई लोगों की मौजूदगी में लिखित रूप से बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। 
विज्ञापन


दरोगा और कुछ अन्य लोगों ने की मदद
बरेली। हंगामा करने के लिए बसपा के कई नेता भी अस्पताल पहुंच गए। करीब पांच घंटे चली जद्दोजहद के बीच दरोगा सुभाष यादव ने कहा कि बच्चे के माता-पिता गरीब हैं तो सभी उनकी मदद करें, जिससे अस्पताल का बिल चुकाया जा सके। इस पर कई लोग मौके से खिसक लिए। इसके बाद दरोगा ने अपने पास से तीन हजार रुपये दिए। वहीं, बच्चे के माता-पिता के साथ आए कुछ लोगों ने भी चंदा कर चार हजार रुपये दिए। यह रकम अस्पताल में जमा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैर टूटने के बाद ठीक से काम नहीं कर पाता हूं। पहले से ही दो बच्चे हैं, इसलिए सोचा था कि तीसरा बच्चा उसी को दे देंगे जो ऑपरेशन का खर्च चुका देगा। यह बात गांव की पुलिया पर रहने वाले एक वकील साहब के माध्यम से तय हुई थी। 

- उमेश, बच्चे का पिता

मां के चेहरे पर आई मुस्कान
प्रसव पीड़ा होने के बाद मुझे पूरी बात पता चली। बच्चा पैदा होने की बात मुझे बताई गई तो खुशी हुई, लेकिन कहा गया कि वह अस्वस्थ है और मशीन में रखा है। ठीक होने पर बच्चा मिल जाएगा। डॉक्टर और दरोगा की मदद से मुझे बच्चा मिल गया है तो मैं बेहद खुश हूं।
- पूनम, बच्चे की मां
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed