{"_id":"2293c01abc71573eae67265d691c6599","slug":"teenager-found-in-the-burnt-house-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में जली मिली किशोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर में जली मिली किशोरी
बरेली
Updated Thu, 25 Feb 2016 01:41 AM IST
विज्ञापन
बरेली। सुभाषनगर क्षेत्र के वंशीनगला मोहल्ले में एक 14 साल की किशोरी की बुरी तरह जल कर मौत हो गई। खबर पाकर मंगलवार दोपहर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव बरामदे में रखा था और अकड़ा हुआ था। मौके पर ऐसे कुछ लक्षण भी नहीं थे जिससे लगे कि लड़की ने आग से बचने के लिए संघर्ष किया। पुलिस ने घर वालों के कहने पर पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शाम को उसकी अंत्येष्टि कर दी गई।
लड़की की मां गुड्डी ने बताया कि गैस पर चाय बनाते समय आग लग गई थी। लड़की नाइलान का जालीदार फ्रॉकसूट पहनी हुए थी, जिसने आग ने पकड़ ली। किशोरी की मां का कहना है कि बेटी ने उनसे खाना खाने को पूछा, उनके मना करने पर वह चाय बनाने चली गई। वह बाहर चारपाई डालकर बैठी हुई थी। तेरह वर्षीय बेटा सोनू और आठ साल मोनू भी घर से बाहर खेलने गए थे। पति भी घर पर नहीं था। कुछ देर के बाद वह घर के अंदर गई तो आग में लिपटी काजल को देखा, पर वह चीख नहीं रही थी। बेटी को जलता देख उसने पड़ोसन को बुलाकर काजल पर बोरी डाली। पर उस समय तक वह पूरी तरह से झुलस चुकी थी। किशोरी के पिता नन्हें ने बताया कि एंबुलेंस को फोन करके सूचना दी गई, पर तब तक गाड़ी आती, उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद एंबुलेंस को मना कर दिया गया। गुड्डी के अनुसार, दो साल पहले पथरी का ऑपरेशन कराने के बाद से उनकी तबीयत खराब रहती है, इस कारण काजल ही पूरे घर का काम संभालती थी।
काजल से छोटे भाई सोनू का कहना है कि उसने अपने बाबा की दुकान से दूध खरीदकर बहन को दिया था, उसके थोड़ी देर के बाद ही उसे उसे आग ने झुलसा दिया। बाबा खेमकरन की वंशीनगला बारातघर के पास किराना की दुकान है। खेमकरन के मुताबिक उस समय पौने बारह बजा था। जबकि मां व पिता घटना का समय साढे दस से 11 के बीच बता रहे हैं।
विज्ञापन
संदेह पैदा कर रहे हैं हालात
कमरे के एक कोने पर रखी गैस के पास रखे एक बर्तन में चाय रखी हुई थी। गैस सिलेंडर गिरा हुआ था। पूरे कमरे में रखी चीजें ठीक ढंग से रखीं हुई मिली, जमीन के आग लगने के कोई निशान नहीं है। कमरे से गुजर रही केबल सुरक्षित है। बस कमरे के गेट पर लगी कपड़े की झालर आधी जल गई है। मां का कहना है कि बेटी चीखी नहीं, जबकि ऐसे में स्वाभाविक रूप से उसे आग की जलन के कारण सहायता के लिए आवाज देना या चीखना चाहिए था।
परिवार वाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते, तो हम जबरदस्ती नहीं कर सकते। हमने पंचनामा करा दिया है। शाम को परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
- सतीश यादव, एसओ, सुभाष नगर
विज्ञापन
लड़की की मां गुड्डी ने बताया कि गैस पर चाय बनाते समय आग लग गई थी। लड़की नाइलान का जालीदार फ्रॉकसूट पहनी हुए थी, जिसने आग ने पकड़ ली। किशोरी की मां का कहना है कि बेटी ने उनसे खाना खाने को पूछा, उनके मना करने पर वह चाय बनाने चली गई। वह बाहर चारपाई डालकर बैठी हुई थी। तेरह वर्षीय बेटा सोनू और आठ साल मोनू भी घर से बाहर खेलने गए थे। पति भी घर पर नहीं था। कुछ देर के बाद वह घर के अंदर गई तो आग में लिपटी काजल को देखा, पर वह चीख नहीं रही थी। बेटी को जलता देख उसने पड़ोसन को बुलाकर काजल पर बोरी डाली। पर उस समय तक वह पूरी तरह से झुलस चुकी थी। किशोरी के पिता नन्हें ने बताया कि एंबुलेंस को फोन करके सूचना दी गई, पर तब तक गाड़ी आती, उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद एंबुलेंस को मना कर दिया गया। गुड्डी के अनुसार, दो साल पहले पथरी का ऑपरेशन कराने के बाद से उनकी तबीयत खराब रहती है, इस कारण काजल ही पूरे घर का काम संभालती थी।
विज्ञापन
काजल से छोटे भाई सोनू का कहना है कि उसने अपने बाबा की दुकान से दूध खरीदकर बहन को दिया था, उसके थोड़ी देर के बाद ही उसे उसे आग ने झुलसा दिया। बाबा खेमकरन की वंशीनगला बारातघर के पास किराना की दुकान है। खेमकरन के मुताबिक उस समय पौने बारह बजा था। जबकि मां व पिता घटना का समय साढे दस से 11 के बीच बता रहे हैं।
विज्ञापन
संदेह पैदा कर रहे हैं हालात
कमरे के एक कोने पर रखी गैस के पास रखे एक बर्तन में चाय रखी हुई थी। गैस सिलेंडर गिरा हुआ था। पूरे कमरे में रखी चीजें ठीक ढंग से रखीं हुई मिली, जमीन के आग लगने के कोई निशान नहीं है। कमरे से गुजर रही केबल सुरक्षित है। बस कमरे के गेट पर लगी कपड़े की झालर आधी जल गई है। मां का कहना है कि बेटी चीखी नहीं, जबकि ऐसे में स्वाभाविक रूप से उसे आग की जलन के कारण सहायता के लिए आवाज देना या चीखना चाहिए था।
परिवार वाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते, तो हम जबरदस्ती नहीं कर सकते। हमने पंचनामा करा दिया है। शाम को परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
- सतीश यादव, एसओ, सुभाष नगर