फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Swift had condemned to four cows , three died

स्विफ्ट कार में ठूंस दी थीं चार गायें, तीन मर गईं

Tue, 17 May 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Tue, 17 May 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
Swift had condemned to four cows , three died
गाय में म‌िलीं चार गाय
लग्जरी कार में तस्करी के लिए ले जाए जा रही चार गायों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। कार में गायों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। दम घुटने से तीन गायों की मौत हो गईं। गायों समेत कार को पुलिस को सौंप दिया गया। तस्कर भागने में सफल रहे।
विज्ञापन

बीजामऊ की ओर से लग्जरी स्विफ्ट कार तेज रफ्तार से जा रही थी। सोमवार को सुबह चार बजे  बिथरी और चाणक्यपुरी के बीच में ये कार पंचर हो गयी। पशु तस्कर टायर खोल रहे थे कि सुबह टहलने निकले ग्रामीणों की नजर कार पर पड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण कार के नजदीक पहुंच गए तो तस्कर कार छोड़कर खेतों के रास्ते भाग गए। कार के अंदर चार गायें ठूंसी हुई मिलीं। ग्रामीणों ने उनको कार की डिग्गी से बाहर निकाला। दम घुटने से तीन गायें मृत निकलीं। कार का नंबर बरेली का है। तस्कर भी बरेली या आस-पास के होने की आशंका है। गुस्साए ग्रामीणों ने कार के शीशे तोड़ डाले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में ले ली। मृत पशुओं को गड़वाकर अज्ञात पशु तस्करों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। जिंदा बची एक गाय को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने हमेशा की तरह अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खानापूरी कर दी। 
विज्ञापन


लग्जरी गाड़ी वाले पशुओं पर सब मेहरबान
तस्करों ने प्रतिबंधित पशुओं (गाय और बैल) को स्लाटर हाउस तक पहुंचाने का नया तरीका निकाल लिया है। तस्कर ट्रक या डीसीएम के बजाय लग्जरी गाड़ियों की डिग्गी में प्रतिबंधित पशु ठूंसकर स्लाटर हाउस तक पहुंचा रहे हैं। हरदोई से बाया शाहजहांपुर और बरेली होते हुए रामपुर तक पशु तस्करों का बड़ा नेटवर्क  है। तस्करों के नेटवर्क को मंत्री और विधायकों का पूरा संरक्षण है। इक्का दुक्का गाड़ियां पकड़ी जाती हैं लेकिन ये क्रूरता का खेल नहीं रुकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हरदोई और शाहजहांपुर (कांट और जलालाबाद) के नखासे से प्रतिबंधित पशुओं को कटरा, फतेहगंज पूर्वी, फरीदपुर होते हुए बड़ा बाईपास के रास्ते रामपुर पहुंचाया जाता है। बड़ा बाईपास पर प्रतिबंधित पशुओं से भरी सैकड़ों लग्जरी गाड़ियां प्रतिदिन गुजरती हैं। पुलिस जिन गाड़ियों को पकड़ती है उनमें बैठे पशु तस्कर फरार करा दिए जाते हैं। बाद में न तो गाड़ी मालिक का पता चलता है, न ही तस्करों के नेटवर्क का। एक दिन ये गाड़ियां भी चुपके से थाने से छोड़ दी जाती हैं। पशु जिन गोशालाओं को सुपुर्दगी में दिए जाते हैं, कसाई वहां से भी इन्हें बाद में स्लाटर हाउस तक पहुंचा देते हैं। 
ऐसे होती है पशुओं की तस्करी
हरदोई से रामपुर रोड तक पड़ने वाले थाना और चौकियों पर दलाल बैठते हैं। वह प्रतिबंधित पशुओं से भरी गाड़ी पास कराने के बदले में ड्राइवरों से वसूली करते हैं। इज्जतनगर थाने का एक कांस्टेबिल ने पशुओं से भरी गाड़ियों को बरेली पास कराने का ठेका ले रखा है। बरेली के कैंट, बिथरी, मीरगंज और फतेहगंज पूर्वी में रहे एक एसआई की तैनाती अब शाहजहांपुर के थाने में है। पशु तस्करों से इस दरोगा के लंबे समय से गहरे कारोबारी संबंध है। शाहजहांपुर और बरेली में पशुओं से भरी गाड़ियों को पार कराने की जिम्मेदारी इस दरोगा ने ले रखी है। इसी के माध्यम से तस्करों से मिले माल का बड़ा हिस्सा ऊपर तक पहुंचता है।  

 ये हैं पशु तस्करी के रूट 
1- शाहजहांपुर के थाना जैतीपुर से अंदर के गांवों के रास्ते हुए रजऊ परसपुर होते हुए रामपुर रोड ।  
2- बड़ा बाईपास पर सख्ती होने पर बिथरी चैनपुर के रास्ते से अंदर की  सिंगल लेन रोड से मिनी बाईपास होते रामपुर रोड ।
3- कैंट के रास्ते बुखारा रोड होते हुए रामगंगा पुल से चौपुला और किला पुल होते हुए रामपुर  । 
4- मीरगंज में शीशगढ़- दुनका मार्ग से बाया विलासपुर होते हुए रामपुर । 
5- पीलीभीत के पशु रिछा, बहेड़ी होते हुए रामपुर तक पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में इनका कटान रिछा और आस-पास के गांवों में होता है। 
   
‘पशु तस्करों का बड़ा नेटवर्क है। इनको राजनैतिक संरक्षण भी है। पुलिस ने बड़ा बाईपास से तीन तस्कर पकड़े थे। एक तस्कर इस्लाम उर्फ नईम कुरैशी घेर मर्दान खां थानागंज रामपुर का है जिसकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।’ रामगोपाल शर्मा, एसओ इज्जतनगर 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed