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रिश्वत लेते वीडियो में कैद हुए शस्त्र लिपिक निलंबित
बरेली।
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:36 AM IST
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Suspended arms clerk suspended in video taking bribe
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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कलक्ट्रेट में हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर रिश्वत लेते वीडियो में कैद शस्त्र लिपिक इजहार अली को जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वीडियो में लिपिक सौ-सौ के नोट रिश्वत के रूप में लेते साफ दिखाई पड़ रहे थे। लिपिक के खिलाफ जांच भी हो रही है। निलंबन की अवधि तक शस्त्र लिपिक सदर तहसील में संयुक्त कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।
23 मार्च को एक व्यक्ति ने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित अफसर के हस्ताक्षर कराकर फाइल असलहा बाबू इजहार अली को दे दी थी। बाबू ने काम के बदले रुपये मांगे। आवेदक ने हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने के रेट बाबू से पूछे। असलाह बाबू ने उसे विस्तार से सब रेट समझाये और फाइल में कमी बताने के बाद आवेदक से सौ रुपये भी मांगे। आवेदक ने बाबू की इस हरकत की वीडियो बना ली। लिपिक इजहार अली का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया था। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शस्त्र लिपिक का वीडियो देखने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि कुछ अफसर और कर्मचारियों ने असलहा बाबू को बचाने के लिए भी जोर लगाया लेकिन डीएम ने किसी की नहीं सुनी। निलंबन अवधि तक बाबू को शस्त्र विभाग से हटाकर तहसील सदर के संयुक्त कार्यालय से अटैच किया गया है। बाबू के विरुद्ध जांच भी बिठा दी गई है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि कलक्ट्रेट समेत किसी भी विभाग में काम के बदले रिश्वत लेने या अन्य तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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23 मार्च को एक व्यक्ति ने हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित अफसर के हस्ताक्षर कराकर फाइल असलहा बाबू इजहार अली को दे दी थी। बाबू ने काम के बदले रुपये मांगे। आवेदक ने हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने के रेट बाबू से पूछे। असलाह बाबू ने उसे विस्तार से सब रेट समझाये और फाइल में कमी बताने के बाद आवेदक से सौ रुपये भी मांगे। आवेदक ने बाबू की इस हरकत की वीडियो बना ली। लिपिक इजहार अली का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया था। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शस्त्र लिपिक का वीडियो देखने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि कुछ अफसर और कर्मचारियों ने असलहा बाबू को बचाने के लिए भी जोर लगाया लेकिन डीएम ने किसी की नहीं सुनी। निलंबन अवधि तक बाबू को शस्त्र विभाग से हटाकर तहसील सदर के संयुक्त कार्यालय से अटैच किया गया है। बाबू के विरुद्ध जांच भी बिठा दी गई है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि कलक्ट्रेट समेत किसी भी विभाग में काम के बदले रिश्वत लेने या अन्य तरह के भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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