{"_id":"5813a6934f1c1b250ebc1e38","slug":"skrs-attempt-to-disturb-the-atmosphere-in-the-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"सकरस गांव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सकरस गांव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 29 Oct 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
Skrs attempt to disturb the atmosphere in the village
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सकरस गांव में शुक्रवार को माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई। विवाद के चलते छह साल पहले सील किए जा चुके एक मकान को धर्म स्थल का रूप देकर कुछ लोगों ने फिर इबादत शुरू कर दी। मकान पर लाउडस्पीकर भी लगा दिया गया। दूसरे समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। सूचना पर एसपी देहात फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इसे नई परंपरा मानते हुए लोगों को मकान से हटाकर लाउड स्पीकर उतरवा दिया। इस दौरान मकान पर जमा लोग नहीं हटे तो उन्हें पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस की सूझबूझ से माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम हो गई। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियातन गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। मामले में गांव के इमाम सहित करीब पचास लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है।
सकरस गांव में अलानूर के मकान को 2010 में धार्मिक स्थल का रूप दिया गया था। तब इसे लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट और पथराव हो गया था। गांव में करीब दो माह तक पीएसी तैनात रही थी। पुलिस ने मकान को सील कर करीब 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया था। सभी की गिरफ्तारी भी की गई थी। अब फिर से मकान को धर्म स्थल का रूप देकर शुक्रवार को इबादत शुरू कर दी गई। इसके लिए प्रशासन की इजाजत भी नहीं ली गई। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। गांव के प्रधान महेश चंद्र गुप्ता ने फोन पर एसडीएम और एएसपी को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया फोर्स के साथ गांव पहुंचे। इबादत कर रहे लोगों को पुलिस ने मकान से हटा दिया। इसके बाद एसडीएम कुंवर पंकज और एएसपी डॉ. सतीश कुमार ने गांव पहुंचकर इमाम जब्बार हुसैन से नई परंपरा डालने का कारण पूछा तो उन्होंने कोर्ट के एक आदेश की बात कही। इस पर अधिकारियों ने कहा कि यह मकान इसी गांव के अलानूर के नाम है। उसका मकान का विवाद चल रहा था, जिसमें कोर्ट ने आदेश दिए हैं। मकान को धर्म स्थल का रूप देकर इबादत करने का कोई आदेश नहीं है। इसी बीच एसपीआरए यमुना प्रसाद भी गांव पहुंच गए। उन्होंने मकान का मुआयना करने के बाद इमाम से पूछा कि जब इस मकान को पहले सील किया जा चुका है तो उसके दरवाजे कैसे तोड़े गए। इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मकान के ऊपर लगे दो लाउड स्पीकर उतरवा दिए। मामले में गांव के इमाम जब्बार हुसैन, अला नूर समेत करीब पचास अज्ञात के खिलाफ नई परंपरा डालने को लेकर मुकदमा कायम किया गया है। वहीं, दूसरी ओर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
विज्ञापन
नहीं हटे तो खदेड़ दिया
पुलिस ने जब लोगों को नई परंपरा डालने से रोका तो मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस के मना करने के बाद भी लोग नहीं हटे। इसके बाद सख्ती करते हुए पुलिस ने सबको खदेड़ दिया।
छतों पर मिले ईंट-पत्थर
पुलिस ने घरों की तलाशी लेकर लोगों को बाहर निकाला। पुलिस को छतों पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर रखे मिले। इन्हें छतों से हटवाया गया।
गांव के कुछ लोगों ने एक मकान पर लाउड स्पीकर लगाकर इबादत शुरू कर दी थी। किसी को नई परंपरा डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। खुराफातियों पर मामला दर्ज किया जाएगा। -यमुना प्रसाद, एसपीआरए, बरेली
विज्ञापन
सकरस गांव में अलानूर के मकान को 2010 में धार्मिक स्थल का रूप दिया गया था। तब इसे लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट और पथराव हो गया था। गांव में करीब दो माह तक पीएसी तैनात रही थी। पुलिस ने मकान को सील कर करीब 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया था। सभी की गिरफ्तारी भी की गई थी। अब फिर से मकान को धर्म स्थल का रूप देकर शुक्रवार को इबादत शुरू कर दी गई। इसके लिए प्रशासन की इजाजत भी नहीं ली गई। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। गांव के प्रधान महेश चंद्र गुप्ता ने फोन पर एसडीएम और एएसपी को जानकारी दी।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अजय कुमार श्रोतिया फोर्स के साथ गांव पहुंचे। इबादत कर रहे लोगों को पुलिस ने मकान से हटा दिया। इसके बाद एसडीएम कुंवर पंकज और एएसपी डॉ. सतीश कुमार ने गांव पहुंचकर इमाम जब्बार हुसैन से नई परंपरा डालने का कारण पूछा तो उन्होंने कोर्ट के एक आदेश की बात कही। इस पर अधिकारियों ने कहा कि यह मकान इसी गांव के अलानूर के नाम है। उसका मकान का विवाद चल रहा था, जिसमें कोर्ट ने आदेश दिए हैं। मकान को धर्म स्थल का रूप देकर इबादत करने का कोई आदेश नहीं है। इसी बीच एसपीआरए यमुना प्रसाद भी गांव पहुंच गए। उन्होंने मकान का मुआयना करने के बाद इमाम से पूछा कि जब इस मकान को पहले सील किया जा चुका है तो उसके दरवाजे कैसे तोड़े गए। इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मकान के ऊपर लगे दो लाउड स्पीकर उतरवा दिए। मामले में गांव के इमाम जब्बार हुसैन, अला नूर समेत करीब पचास अज्ञात के खिलाफ नई परंपरा डालने को लेकर मुकदमा कायम किया गया है। वहीं, दूसरी ओर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
विज्ञापन
नहीं हटे तो खदेड़ दिया
पुलिस ने जब लोगों को नई परंपरा डालने से रोका तो मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस के मना करने के बाद भी लोग नहीं हटे। इसके बाद सख्ती करते हुए पुलिस ने सबको खदेड़ दिया।
छतों पर मिले ईंट-पत्थर
पुलिस ने घरों की तलाशी लेकर लोगों को बाहर निकाला। पुलिस को छतों पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर रखे मिले। इन्हें छतों से हटवाया गया।
गांव के कुछ लोगों ने एक मकान पर लाउड स्पीकर लगाकर इबादत शुरू कर दी थी। किसी को नई परंपरा डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। खुराफातियों पर मामला दर्ज किया जाएगा। -यमुना प्रसाद, एसपीआरए, बरेली