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रास्ता बंद करने पर भड़के लोगों ने जेसीबी रोकी
बरेली।
Updated Fri, 02 Jun 2017 01:32 AM IST
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Rush to stop the road People stopped JCB
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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रास्ता बंद करने को लेकर रोड नंबर चार पर बृहस्पतिवार को खासा बवाल हो गया। बाउंड्री के उस पार रहने वाले परतापुर चौधरी के पुरुष-महिलाएं रास्ता बंद करने के विरोध में आ गए। रास्ता बंद करने को लेकर चलाई जा रही जेसीबी रोक दी गई। इतना ही नहीं रेलवे और आरपीएफ की टीम से धक्का मुक्की भी की गई। काम बंद होने के बाद भड़के लोग डीआरएम से मिले। डीआरएम ने उन्हें जांच के बाद समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के रोड नंबर चार पर स्थित रेलवे की आवासीय कॉलोनी के पीछे दीवार बनी हुई हुई थी। इसमें छोटा सा रास्ता भी खोला गया था, जिससे उस पार रहने वाले परतापुर चौधरी के लोग रेलवे की आवासीय कॉलोनी से होकर नैनीताल रोड की तरफ आने लगे। आवागमन बढ़ने से रेलवे कॉलोनी असुरक्षित हो गई। इस पर बृहस्पतिवार को रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग की टीम आरपीएफ के साथ इस रास्ते को बंद करने पहुंची। जेसीबी से रास्ता बंद करने के लिए खुदाई शुरू की गई। इसकी जानकारी पर परतापुर चौधरी आदि आसपास के गांवों के काफी संख्या में महिला पुरुष मौके पर आ गए और रास्ता बंद करने का विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आगे बैठकर जेसीबी को रोक दिया।
इस दौरान रेलवे की टीम और आरपीएफ से धक्कामुक्की की गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। रास्ता बंद करने का काम रुक जाने के बाद लोग डीआरएम आफिस पहुंचे और काफी पुराना रास्ता होने का हवाला करते हुए इसे बंद न करने की मांग की। इसके बाद डॉ. परवेज, पार्षद उवैश खान, आदिल आदि डीआरएम से मिले।
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करीब डेढ़ लाख लोग निकलते हैं रास्ते से
रोड नंबर चार से परतापुर चौधरी, मैलऊ, मोविंदापुर, बाकर नगर, घुंसा, खल्लासी, गौटिया, रहपुरा, फरीदपुरा चौधरी आदि के करीब डेढ़ लाख लोग रोड नंबर चार से रेलवे आवासीय कॉलोनी में होते हुए नैनीताल रोड पर आते हैं, अगर यह रास्ता बंद हो गया तो बड़ी संख्या में लोग परेशान हो जाएंगे।
1947 से निकलते आ रहे हैं लोग
पार्षद उवैश खान का कहना है कि रोड नंबर चार से परतापुर आदि गांवों के लोग 1947 से नैनीताल रोड की तरफ आ रहे हैं। यह रास्ता रेलवे ने जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा देने के दौरान ही दिया था। अब इसे बंद करना गलत है। बृहस्पतिवार को इसी के विरोध में क्षेत्रीय लोगों ने डीआरएम से मुलाकात की। उन्होंने मामला इंजीनियरिंग विभाग को सौंपा। पहले इंजीनियरिंग विभाग रोड नंबर तीन, फिर चार देने को तैयार हो गया। इसके बाद पांच नंबर से निकलने की अनुमति देने की बात कही गई। यह बात जनता नहीं मान रही है, क्योंकि रोड नंबर पांच असुरक्षित है। उधर, सुनसान होने के कारण आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। अगर इससे महिलाएं गुजरेंगी तो वह असुरक्षित रहेंगी। लोगों ने साफ कहा है कि अगर उन्हें रास्ता नहीं दिया जाता है तो वह शुक्रवार को डीआरएम का घेराव करेंगे।
परतापुर चौधरी और रेलवे कॉलोनी के बीच दीवार बना दी गई थी, जिसमें छोटा रास्ता खोला गया था। लोगों ने उसे बड़ा कर दिया और रेलवे कॉलोनी के बीच से होकर नैनीताल रोड पर आने-जाने लगे, जिससे कॉलोनी असुरक्षित हो गई है। इसलिए यह रास्ता बंद करने के लिए टीम गई थी।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल
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पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के रोड नंबर चार पर स्थित रेलवे की आवासीय कॉलोनी के पीछे दीवार बनी हुई हुई थी। इसमें छोटा सा रास्ता भी खोला गया था, जिससे उस पार रहने वाले परतापुर चौधरी के लोग रेलवे की आवासीय कॉलोनी से होकर नैनीताल रोड की तरफ आने लगे। आवागमन बढ़ने से रेलवे कॉलोनी असुरक्षित हो गई। इस पर बृहस्पतिवार को रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग की टीम आरपीएफ के साथ इस रास्ते को बंद करने पहुंची। जेसीबी से रास्ता बंद करने के लिए खुदाई शुरू की गई। इसकी जानकारी पर परतापुर चौधरी आदि आसपास के गांवों के काफी संख्या में महिला पुरुष मौके पर आ गए और रास्ता बंद करने का विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आगे बैठकर जेसीबी को रोक दिया।
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इस दौरान रेलवे की टीम और आरपीएफ से धक्कामुक्की की गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। रास्ता बंद करने का काम रुक जाने के बाद लोग डीआरएम आफिस पहुंचे और काफी पुराना रास्ता होने का हवाला करते हुए इसे बंद न करने की मांग की। इसके बाद डॉ. परवेज, पार्षद उवैश खान, आदिल आदि डीआरएम से मिले।
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करीब डेढ़ लाख लोग निकलते हैं रास्ते से
रोड नंबर चार से परतापुर चौधरी, मैलऊ, मोविंदापुर, बाकर नगर, घुंसा, खल्लासी, गौटिया, रहपुरा, फरीदपुरा चौधरी आदि के करीब डेढ़ लाख लोग रोड नंबर चार से रेलवे आवासीय कॉलोनी में होते हुए नैनीताल रोड पर आते हैं, अगर यह रास्ता बंद हो गया तो बड़ी संख्या में लोग परेशान हो जाएंगे।
1947 से निकलते आ रहे हैं लोग
पार्षद उवैश खान का कहना है कि रोड नंबर चार से परतापुर आदि गांवों के लोग 1947 से नैनीताल रोड की तरफ आ रहे हैं। यह रास्ता रेलवे ने जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा देने के दौरान ही दिया था। अब इसे बंद करना गलत है। बृहस्पतिवार को इसी के विरोध में क्षेत्रीय लोगों ने डीआरएम से मुलाकात की। उन्होंने मामला इंजीनियरिंग विभाग को सौंपा। पहले इंजीनियरिंग विभाग रोड नंबर तीन, फिर चार देने को तैयार हो गया। इसके बाद पांच नंबर से निकलने की अनुमति देने की बात कही गई। यह बात जनता नहीं मान रही है, क्योंकि रोड नंबर पांच असुरक्षित है। उधर, सुनसान होने के कारण आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। अगर इससे महिलाएं गुजरेंगी तो वह असुरक्षित रहेंगी। लोगों ने साफ कहा है कि अगर उन्हें रास्ता नहीं दिया जाता है तो वह शुक्रवार को डीआरएम का घेराव करेंगे।
परतापुर चौधरी और रेलवे कॉलोनी के बीच दीवार बना दी गई थी, जिसमें छोटा रास्ता खोला गया था। लोगों ने उसे बड़ा कर दिया और रेलवे कॉलोनी के बीच से होकर नैनीताल रोड पर आने-जाने लगे, जिससे कॉलोनी असुरक्षित हो गई है। इसलिए यह रास्ता बंद करने के लिए टीम गई थी।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल