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रिठौरा में पकड़े दो संदिग्ध कश्मीरी युवक
बरेली
Updated Sun, 10 Jan 2016 01:13 AM IST
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रिठौरा/ हाफिजगंज। वायुसेना के त्रिशूल बेस से कुछ दूर रिठौरा कस्बे में घूम रहे 28 और 30 साल के दो कश्मीरी युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। दोनों का कहना है कि मदरसे के लिए इमदाद मांगने के लिए यहां आए हैं जबकि इनमें से एक ने हाल में 11 हजार रुपये एक अपनी मां के बैंक खाते में जमा कराए हैं। उन्होंने बरेली आने से पहले मुरादाबाद से बिना आईडी के एक सिम भी खरीदा है। यह सिम इनके साथ आए तीसरे युवक जाकिर ने अपने परिचित के जरिए दिलाया था। कश्मीर पुलिस से संपर्क कर इनके पतों की तस्दीक कर ली गई है, इनका कोई आपराधिक रिकार्ड भी नहीं पाया गया है लेकिन इनके इरादे पर संदेह कायम रखते हुए अभी काल डिटेल खंगाली जा रही है।
रिठौरा पुलिस चौकी इंचार्ज जेपी यादव शनिवार को साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे तभी उन्हें दो संदिग्ध बाहरी व्यक्ति घूमते दिखे। चौकी इंचार्ज दोनों को चौकी ले आए। पूछताछ में एक ने अपना नाम मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और दूसरे ने जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन निवासी गांव मोरहा, थाना सूरनकोट, जिला पुंछ, जम्मू-ूकश्मीर बताया। उन्होंने बताया कि वे 22 दिसंबर को जम्मूूतवी ट्रेन से चले और 24 दिसंबर को मुरादाबाद पहुंचे थे। वहां एक मस्जिद में रुके। दोनों का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं। इधर इमदाद मांगने आए हैं। बरेली शहर को छोड़ कर रिठौरा में इमदाद मांगने की बात पर भी पुलिस का संदेह होना लाजमी था। एलाईयू और क्राइम ब्रांच भी अपने स्तर से पड़ताल कर रही है।
बकौल पुलिस, मोहब्बत हुसैन ने बताया कि उसने अपने एक साथी की मदद से मुरादाबाद की एक दुकान से एक सौ रुपये में बिना आईडी दिए एयरटेल का सिम खरीदा। इससे वह अपने घरवालों और संबधियों से बात करता है। मुरादाबाद से दोनों बिलारी पहुंचे। मोहब्बत हुसैन ने छह जनवरी को बिलारी के सुनील गुप्ता के ग्राहक सेवा केंद्र से 11 हजार रुपये अपनी मां शमीम अख्तर के बैंक खाते में डाले थे। दोनों संदिग्ध युवक शुक्रवार को ही बरेली पहुंचे थे। रात को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर की मस्जिद में ठहरे और शनिवार सुबह रिठौरा पहुंच गए। एसओ हाफिजगंज धर्मेंद्र कुमार ने भी चौकी पहुंचकर दोनों संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। मोहब्बत हुसैन ने एसओ को बताया कि उसका चचेरा भाई बाग हुसैन थाना सूरन कोट में सिपाही है। चौकी इंचार्ज जेपी यादव ने बताया कि थाना सूरनकोट पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों युवकों के बारे में जानकारी हासिल की गई है। वहां इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं बताया गया है। क्राइम ब्रांच ने भी संदिग्धों से हाफिजगंज जाकर पूछताछ की है।
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- फिलहाल दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। कश्मीर के सूरनकोट थाने में इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने की भी वहां की पुलिस को जानकारी नहीं है। अभी काल डिटेल देख रहे हैं। इनके आने के मकसद की भी ठीक से पड़ताल की जा रही है। यदि सब ठीक निकला तो छोड़ दिया जाएगा।
बृजेश श्रीवास्तव
एसपी देहात
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रिठौरा पुलिस चौकी इंचार्ज जेपी यादव शनिवार को साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे तभी उन्हें दो संदिग्ध बाहरी व्यक्ति घूमते दिखे। चौकी इंचार्ज दोनों को चौकी ले आए। पूछताछ में एक ने अपना नाम मोहब्बत हुसैन पुत्र असलम और दूसरे ने जफर इकबाल पुत्र बरकत हुसैन निवासी गांव मोरहा, थाना सूरनकोट, जिला पुंछ, जम्मू-ूकश्मीर बताया। उन्होंने बताया कि वे 22 दिसंबर को जम्मूूतवी ट्रेन से चले और 24 दिसंबर को मुरादाबाद पहुंचे थे। वहां एक मस्जिद में रुके। दोनों का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं। इधर इमदाद मांगने आए हैं। बरेली शहर को छोड़ कर रिठौरा में इमदाद मांगने की बात पर भी पुलिस का संदेह होना लाजमी था। एलाईयू और क्राइम ब्रांच भी अपने स्तर से पड़ताल कर रही है।
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बकौल पुलिस, मोहब्बत हुसैन ने बताया कि उसने अपने एक साथी की मदद से मुरादाबाद की एक दुकान से एक सौ रुपये में बिना आईडी दिए एयरटेल का सिम खरीदा। इससे वह अपने घरवालों और संबधियों से बात करता है। मुरादाबाद से दोनों बिलारी पहुंचे। मोहब्बत हुसैन ने छह जनवरी को बिलारी के सुनील गुप्ता के ग्राहक सेवा केंद्र से 11 हजार रुपये अपनी मां शमीम अख्तर के बैंक खाते में डाले थे। दोनों संदिग्ध युवक शुक्रवार को ही बरेली पहुंचे थे। रात को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर की मस्जिद में ठहरे और शनिवार सुबह रिठौरा पहुंच गए। एसओ हाफिजगंज धर्मेंद्र कुमार ने भी चौकी पहुंचकर दोनों संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। मोहब्बत हुसैन ने एसओ को बताया कि उसका चचेरा भाई बाग हुसैन थाना सूरन कोट में सिपाही है। चौकी इंचार्ज जेपी यादव ने बताया कि थाना सूरनकोट पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों युवकों के बारे में जानकारी हासिल की गई है। वहां इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं बताया गया है। क्राइम ब्रांच ने भी संदिग्धों से हाफिजगंज जाकर पूछताछ की है।
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- फिलहाल दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। कश्मीर के सूरनकोट थाने में इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने की भी वहां की पुलिस को जानकारी नहीं है। अभी काल डिटेल देख रहे हैं। इनके आने के मकसद की भी ठीक से पड़ताल की जा रही है। यदि सब ठीक निकला तो छोड़ दिया जाएगा।
बृजेश श्रीवास्तव
एसपी देहात