{"_id":"57e441434f1c1b5e63a827d8","slug":"reconciliation-affidavits-himself-mired","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुलह को शपथ पत्र देकर खुद ही फंस गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सुलह को शपथ पत्र देकर खुद ही फंस गई
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 23 Sep 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के विवाद के बाद पड़ोसी पर रेप का आरोप लगाकर मुकदमा लिखाने वाली महिला सुलह के लिए एसएसपी के पास शपथ पत्र लेकर पहुंचने पर खुद ही फंस गई। एसएसपी ने उसका शपथ लेने के लिए के बाद महिला का मुकदमा खत्म करने के बाद उसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। महिला के पति, जेठ और जिठानी को भी मुल्जिम बनाया गया है।
थाना प्रेमनगर में बांके की छावनी की रहने वाली शांति देवी ने बच्चों के विवाद में पड़ोसी श्रीकृष्ण कश्यप के खिलाफ रेप का आरोप लगाकर मुकदमा लिखा दिया था। बाद में मोहल्ले के जिम्मेदार लोगों ने बैठाकर सुलह करा दी। शपथ पत्र बनवाने के बाद शांति देवी उसे विवेचना में शामिल कराने के लिए एसएसपी के पास पहुंच गईं। एसएसपी ने शपथ पत्र देकर महिला से सवाल किए तो उसने सच बता दिया। कहने लगी साहब मेरे पति जयप्रकाश, जेठ सुखपाल और जिठानी ने उस पर दबाव बनाकर रेप का झूठा मुकदमा लिखा दिया था। मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई है। एसएसपी ने महिला के शपथ पत्र के आधार पर रेप का मुकदमा खत्म कराने के बाद उसके बयान के आधार पर मुकदमा लिखने के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि महिला विवेचक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव की तरफ से महिला उसके पति, जेठ और जिठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
आईपीसी की इन धाराओं में हुआ मुकदमा
420- इस धारा के तहत धोखाधड़ी करने वालों पर मुकदमा लिखा जाता है। महिला ने फर्जी मुकदमा लिखाकर धोखाधड़ी की है।
195- इस धारा तहत उन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा जाता है, जो किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दस साल या उससे अधिक सजा वाली धाराओं में फर्जी मुकदमा लिखाते हैं। इस धारा के तहत उतनी ही सजा का प्रावधान है, जितनी सजा की धारा में आरोपी मुकदमा लिखाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना प्रेमनगर में बांके की छावनी की रहने वाली शांति देवी ने बच्चों के विवाद में पड़ोसी श्रीकृष्ण कश्यप के खिलाफ रेप का आरोप लगाकर मुकदमा लिखा दिया था। बाद में मोहल्ले के जिम्मेदार लोगों ने बैठाकर सुलह करा दी। शपथ पत्र बनवाने के बाद शांति देवी उसे विवेचना में शामिल कराने के लिए एसएसपी के पास पहुंच गईं। एसएसपी ने शपथ पत्र देकर महिला से सवाल किए तो उसने सच बता दिया। कहने लगी साहब मेरे पति जयप्रकाश, जेठ सुखपाल और जिठानी ने उस पर दबाव बनाकर रेप का झूठा मुकदमा लिखा दिया था। मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई है। एसएसपी ने महिला के शपथ पत्र के आधार पर रेप का मुकदमा खत्म कराने के बाद उसके बयान के आधार पर मुकदमा लिखने के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक देवेश सिंह ने बताया कि महिला विवेचक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह यादव की तरफ से महिला उसके पति, जेठ और जिठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
विज्ञापन
आईपीसी की इन धाराओं में हुआ मुकदमा
420- इस धारा के तहत धोखाधड़ी करने वालों पर मुकदमा लिखा जाता है। महिला ने फर्जी मुकदमा लिखाकर धोखाधड़ी की है।
195- इस धारा तहत उन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा जाता है, जो किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दस साल या उससे अधिक सजा वाली धाराओं में फर्जी मुकदमा लिखाते हैं। इस धारा के तहत उतनी ही सजा का प्रावधान है, जितनी सजा की धारा में आरोपी मुकदमा लिखाता है।
विज्ञापन