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छत पर पहले शराब पार्टी की फिर कर दी दोस्त की हत्या
बरेली
Updated Wed, 24 Feb 2016 01:38 AM IST
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प्र्रेमनगर इलाके में एक युवक की उसी के घर की छत पर कांच की बोतल घोंपकर हत्या कर दी र्गइ । मंगलवार सुबह उसका शव खून से लथपथ पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से शराब की एक खाली बोतल और बोतल के टुकड़ों के अलावा सिगरेट और डिस्पोजल गिलास आदि बरामद किए हैं। इससे साफ हो गया कि खाने पीने के बाद युवक के करीबियों ने ही उसकी हत्या की है। अभी हत्या की कोई ठोस वजह पता नहीं चल पाई है। युवक की मां पारिवारिक झगड़े को लेकर हत्या की आशंका जता रही है, जबकि नाना कर्ज देने वाले उसके करीबी दोस्तों पर झगड़ा करने पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
प्रेमनगर इलाके की राजीवकुंज कॉलोनी निवासी देवेंद्र नाथ रेलवे के रिटायर्ड वरिष्ठ अधीक्षक (कामर्शियल) हैं। वह मूल रूप से सीतापुर के तामसेन थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और राजीवकुंज कॉलोनी में आरपीएफ इंस्पेक्टर पालीवाल के मकान में एक साल से किराये पर रहते हैं। उनके साथ ही बेटी ज्योति और 25 वर्षीय नाती विपिन भी रहता था। ज्योति का पति विनोद से विवाद चल रहा है जो जेल में बंद है। सोमवार रात देवेंद्र और उनकी बेटी ज्योति खाना खाने के बाद अपने कमरों में सोने के लिए चले गए। देवेंद्र ने बताया कि देर रात दस बजे विपिन घर आया और इसी दौरान उसके पास किसी का फोन आया। जिस पर उसने कहा कि गलैक्सी टावर के पास आ जाओ, मेरा घर इधर ही है। इसके बाद वह सो गए थे। इसके बाद ही विपिन की हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह सोकर उठी ज्योति ने विपिन को घर में तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला तो वह मुख्य दरवाजे पर गईं, लेकिन गेट बाहर से बंद था। इस पर ज्योति ने डेलापीर पर रहने वाले राजन टंडन को फोन किया तो वह आए और गेट खोला। उन लोगों ने ऊपर जाकर देखा तो विपिन का खून से लथपथ शव पड़ा था। मां ज्योति का कहना है कि शहनुजा (गोरखपुर) के गांव भड़सार निवासी उसके पति विनोद कुमार से पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसकी मुकदमेबाजी भी चल रही है और मंगलवार को मुकदमे की तारीख भी थी। उसका कहना है कि उसके बेटे की हत्या इसी कारण की होगी या फिर सुभाषनगर के मढ़ीनाथ के रहने वाले संगी ने विपिन को मरवाया होगा। क्योंकि संगी विपिन को जानलेवा हमले में भी फंसा चुका है। उधर, नाना देवेंद्र नाथ का कहना है कि विपिन डेलापीर स्थित शराब की दुकान पर सेल्समैन था। तीन महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी उसने। विपिन पर करीब डेढ़ लाख यार दोस्तों का कर्ज था, जो ब्याज समेत उससे वसूलते थे। आधा कर्ज रह गया और इसी को लेकर उसका कर्ज देने वालों से झगड़ा चलता रहता था। देवेंद्र का शक है कि करीबी लड़कों ने ही विपिन के साथ खाने पीने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिलहाल अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
कातिलों से हुआ था विपिन का संघर्ष
बरेली। जान बचाने को विपिन छत पर ही इधर उधार भागा था। वह हत्यारों से भिड़ भी गया था। जिससे मौके पर खून के थक्के जमे होने के साथ ही छत पर इधर उधर खून बिखरा हुआ था। इससे साफ हो गया कि कातिलों से विपिन की गुत्थमगुत्था हुई। पुलिस ने खून के नमूने लेने के साथ ही मौके से एक खाली बोतल, एक बोतल के टुकड़े, सिगरेट और डिस्पोजल गिलास बरामद किए हैं।
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चार दिन पहले मां से कहा था मेरी जान खतरे में है
विपिन ने चार दिन पहले मां ज्योति से कहा था कि उसका डेलापीर पर झगड़ा हुआ है और कुछ लोगों ने उसे बेरहमी से पीटा है। यह लोग उसकी जान लेना चाहते हैं। ज्योति बतातीं हैं कि इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी को पत्र भेजकर की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्योति का कहना है कि जब उन्होंने विपिन से पूछा था कि हमला करने वाले कौन हैं तो उसने नाम नहीं बताया, बल्कि कहा था कि सामने आने पर उन्हें पहचान लेगा।
कॉल डिटेल से हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश
विपिन की मां ने किसी को नामजद नहीं किया है। इस पर अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विपिन के साथ आने वाले तीन लड़के संदिग्ध बताए जा रहे हैं। कॉल डिटेल के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है। आखिरी बार फोन पर किससे बात हुई, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
- सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी प्रथम
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प्रेमनगर इलाके की राजीवकुंज कॉलोनी निवासी देवेंद्र नाथ रेलवे के रिटायर्ड वरिष्ठ अधीक्षक (कामर्शियल) हैं। वह मूल रूप से सीतापुर के तामसेन थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और राजीवकुंज कॉलोनी में आरपीएफ इंस्पेक्टर पालीवाल के मकान में एक साल से किराये पर रहते हैं। उनके साथ ही बेटी ज्योति और 25 वर्षीय नाती विपिन भी रहता था। ज्योति का पति विनोद से विवाद चल रहा है जो जेल में बंद है। सोमवार रात देवेंद्र और उनकी बेटी ज्योति खाना खाने के बाद अपने कमरों में सोने के लिए चले गए। देवेंद्र ने बताया कि देर रात दस बजे विपिन घर आया और इसी दौरान उसके पास किसी का फोन आया। जिस पर उसने कहा कि गलैक्सी टावर के पास आ जाओ, मेरा घर इधर ही है। इसके बाद वह सो गए थे। इसके बाद ही विपिन की हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह सोकर उठी ज्योति ने विपिन को घर में तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला तो वह मुख्य दरवाजे पर गईं, लेकिन गेट बाहर से बंद था। इस पर ज्योति ने डेलापीर पर रहने वाले राजन टंडन को फोन किया तो वह आए और गेट खोला। उन लोगों ने ऊपर जाकर देखा तो विपिन का खून से लथपथ शव पड़ा था। मां ज्योति का कहना है कि शहनुजा (गोरखपुर) के गांव भड़सार निवासी उसके पति विनोद कुमार से पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसकी मुकदमेबाजी भी चल रही है और मंगलवार को मुकदमे की तारीख भी थी। उसका कहना है कि उसके बेटे की हत्या इसी कारण की होगी या फिर सुभाषनगर के मढ़ीनाथ के रहने वाले संगी ने विपिन को मरवाया होगा। क्योंकि संगी विपिन को जानलेवा हमले में भी फंसा चुका है। उधर, नाना देवेंद्र नाथ का कहना है कि विपिन डेलापीर स्थित शराब की दुकान पर सेल्समैन था। तीन महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी उसने। विपिन पर करीब डेढ़ लाख यार दोस्तों का कर्ज था, जो ब्याज समेत उससे वसूलते थे। आधा कर्ज रह गया और इसी को लेकर उसका कर्ज देने वालों से झगड़ा चलता रहता था। देवेंद्र का शक है कि करीबी लड़कों ने ही विपिन के साथ खाने पीने के बाद उसकी हत्या कर दी। फिलहाल अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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कातिलों से हुआ था विपिन का संघर्ष
बरेली। जान बचाने को विपिन छत पर ही इधर उधार भागा था। वह हत्यारों से भिड़ भी गया था। जिससे मौके पर खून के थक्के जमे होने के साथ ही छत पर इधर उधर खून बिखरा हुआ था। इससे साफ हो गया कि कातिलों से विपिन की गुत्थमगुत्था हुई। पुलिस ने खून के नमूने लेने के साथ ही मौके से एक खाली बोतल, एक बोतल के टुकड़े, सिगरेट और डिस्पोजल गिलास बरामद किए हैं।
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चार दिन पहले मां से कहा था मेरी जान खतरे में है
विपिन ने चार दिन पहले मां ज्योति से कहा था कि उसका डेलापीर पर झगड़ा हुआ है और कुछ लोगों ने उसे बेरहमी से पीटा है। यह लोग उसकी जान लेना चाहते हैं। ज्योति बतातीं हैं कि इसकी शिकायत उन्होंने एसएसपी को पत्र भेजकर की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्योति का कहना है कि जब उन्होंने विपिन से पूछा था कि हमला करने वाले कौन हैं तो उसने नाम नहीं बताया, बल्कि कहा था कि सामने आने पर उन्हें पहचान लेगा।
कॉल डिटेल से हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश
विपिन की मां ने किसी को नामजद नहीं किया है। इस पर अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विपिन के साथ आने वाले तीन लड़के संदिग्ध बताए जा रहे हैं। कॉल डिटेल के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है। आखिरी बार फोन पर किससे बात हुई, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
- सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी प्रथम