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अब रडार पर रहेंगे पुलिस के वाहन
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:13 AM IST
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विदेशी तर्ज पर बरेली की पुलिस भी हाईटेक हो रही है। शहरी क्षेत्र के थानों, चौकियों और चीता मोबाइल की बाइक समेत पुलिस के 30 वाहनों में जीपीएस लगा दिया गया है। अब गश्त पर निकले वर्दीवाले झूठ नहीं बोल पाएंगे। पुलिस लाइन के कंट्रोल रूम से पुलिस के मूवमेंट पर नजर रहेगी। एसएसपी अपने मोबाइल से भी जीपीएस सिस्टम के जरिए पुलिस टीम की कार्य प्रणाली पर नजर रखकर दिशा निर्देश दे सकेंगे।
सिविल लाइंस स्थित दफ्तर में एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी देहात यमुना प्रसाद, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव, एसपी क्राइम विजय गौतम ने संयुक्त रूप से जीपीएस सिस्टम लगी पुलिस की गाड़ियों और चीता मोबाइलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम एसएसपी दफ्तर और पुलिस लाइन में बनाया गया है। दोनों तरफ से कंट्रोल के जरिए पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। चीता मोबाइल या पुलिस की गाड़ी किसी जगह खड़ी है या फिर चल रही है। अपराधियों को लेकर जाने वाले वाहन नियत स्थान पर पहुंचे या नहीं। गैर जनपद से मुल्जिम लेकर आए पुलिस वाहन कहां है। इन सब नजर जीपीएस सिस्टम से नजर रखी जा सकेगी। पुलिस कर्मी अब न तो अपने उच्चाधिकारियों से झूठ बोलकर बहाने बना पाएंगे और न ही घटनास्थल पहुंचने में लापरवाही दिखा पाएंगे। एसएसपी ने बताया कि अभी ये व्यवस्था केवल शहरी क्षेत्र में लागू है। अगले चरण में इसे ग्रामीण क्षेत्रों के थानों और चौकियों में लागू किया जाएगा।
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सिविल लाइंस स्थित दफ्तर में एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी देहात यमुना प्रसाद, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव, एसपी क्राइम विजय गौतम ने संयुक्त रूप से जीपीएस सिस्टम लगी पुलिस की गाड़ियों और चीता मोबाइलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम एसएसपी दफ्तर और पुलिस लाइन में बनाया गया है। दोनों तरफ से कंट्रोल के जरिए पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। चीता मोबाइल या पुलिस की गाड़ी किसी जगह खड़ी है या फिर चल रही है। अपराधियों को लेकर जाने वाले वाहन नियत स्थान पर पहुंचे या नहीं। गैर जनपद से मुल्जिम लेकर आए पुलिस वाहन कहां है। इन सब नजर जीपीएस सिस्टम से नजर रखी जा सकेगी। पुलिस कर्मी अब न तो अपने उच्चाधिकारियों से झूठ बोलकर बहाने बना पाएंगे और न ही घटनास्थल पहुंचने में लापरवाही दिखा पाएंगे। एसएसपी ने बताया कि अभी ये व्यवस्था केवल शहरी क्षेत्र में लागू है। अगले चरण में इसे ग्रामीण क्षेत्रों के थानों और चौकियों में लागू किया जाएगा।
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