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हत्या कर शव नदी किनारे फेंका
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 11 May 2016 01:49 AM IST
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कमुआ गांव में बारात में गए मजदूर का शव मंगलवार सुबह नदी किनारे जंगल में पड़ा मिला। हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। मृतक की पत्नी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कराई है।
45 वर्षीय कैलाश सोमवार शाम गांव के डालचंद की बारात में गया था। देर रात तक नहीं लौटने पर घरवालों ने गांव और आसपास इलाके में तलाश की मगर पता नहीं लगा। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे जानवर चराने बहगुल नदी किनारे गए लोगों ने उसका शव पड़ा देखा। घरवाले मौके पर पहुंचे और शिनाख्त की। एसओ धर्मेंद्र कुमार भी पहुंच गए। गर्दन पर रस्सी, सीने और गुप्तांग पर चोटों के निशान थे। सीओ क्राइम इंदुप्रभा ने ग्रामीणों और कैलाश की पत्नी नन्ही देवी से बात की। बाद में नन्ही देवी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बीस दिन से पत्नी से बंद थी बोलचाल
कैलाश की तीन बेटियां नौ साल की आरती, छह साल की रश्मि और चार साल की रूबी हैं। पत्नी का का कहना है कि वह शराब पीकर झगड़ा करता था। इससे परेशान होकर वह बीस दिन से बेटियों को लेकर सोने के लिए देवरानी के घर जा रही थी। कैलाश के पांच भाइयों में से तीन की मौत हो गई। बडे़ भाई जमुना प्रसाद ने एक साल पहले आत्मदाह कर लिया था। उसकी मौत के बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। कैलास के पास एक बीघा जमीन भी नहीं बची थी। वह मजदूरी करके परिवार पालता था।
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कच्ची शराब के धंधेबाजों ने तो नहीं मारा
कमुआ में लंबे समय से कच्ची शराब बनाने का काम होता है। लोग घरों में या नदी किनारे कच्ची शराब बनाते हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी कि कैलाश भी इस धंधे से जुड़ा था। कुछ प्रभावशाली लोग भी यह काम करते हैं। गांव के संभ्रांत लोगों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि अक्सर कच्ची शराब की बिक्री को लेकर बेचने वालों के बीच झगड़ा भी होता है। शक जताया कि कहीं रात में शराब बनाने वालों के बीच झगड़े में तो दबंगों ने कैलाश की हत्या नहीं कर दी।
घटना की रिपोर्ट अज्ञात लोगों पर दर्ज कर ली है। संकेत हत्या जैसे ही हैं। हालांकि हत्या क्यों की गई इसका पता जांच से ही चल सकेगा। परिवार की एक महिला को लेकर भी गांव में चर्चा है। मृतक की मां ने भी कुछ जानकारी दी है। सारे तथ्य जुटाकर खुलासा किया जाएगा।
- धर्मेंद्र कुमार, एसओ
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45 वर्षीय कैलाश सोमवार शाम गांव के डालचंद की बारात में गया था। देर रात तक नहीं लौटने पर घरवालों ने गांव और आसपास इलाके में तलाश की मगर पता नहीं लगा। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे जानवर चराने बहगुल नदी किनारे गए लोगों ने उसका शव पड़ा देखा। घरवाले मौके पर पहुंचे और शिनाख्त की। एसओ धर्मेंद्र कुमार भी पहुंच गए। गर्दन पर रस्सी, सीने और गुप्तांग पर चोटों के निशान थे। सीओ क्राइम इंदुप्रभा ने ग्रामीणों और कैलाश की पत्नी नन्ही देवी से बात की। बाद में नन्ही देवी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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बीस दिन से पत्नी से बंद थी बोलचाल
कैलाश की तीन बेटियां नौ साल की आरती, छह साल की रश्मि और चार साल की रूबी हैं। पत्नी का का कहना है कि वह शराब पीकर झगड़ा करता था। इससे परेशान होकर वह बीस दिन से बेटियों को लेकर सोने के लिए देवरानी के घर जा रही थी। कैलाश के पांच भाइयों में से तीन की मौत हो गई। बडे़ भाई जमुना प्रसाद ने एक साल पहले आत्मदाह कर लिया था। उसकी मौत के बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। कैलास के पास एक बीघा जमीन भी नहीं बची थी। वह मजदूरी करके परिवार पालता था।
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कच्ची शराब के धंधेबाजों ने तो नहीं मारा
कमुआ में लंबे समय से कच्ची शराब बनाने का काम होता है। लोग घरों में या नदी किनारे कच्ची शराब बनाते हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी कि कैलाश भी इस धंधे से जुड़ा था। कुछ प्रभावशाली लोग भी यह काम करते हैं। गांव के संभ्रांत लोगों ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि अक्सर कच्ची शराब की बिक्री को लेकर बेचने वालों के बीच झगड़ा भी होता है। शक जताया कि कहीं रात में शराब बनाने वालों के बीच झगड़े में तो दबंगों ने कैलाश की हत्या नहीं कर दी।
घटना की रिपोर्ट अज्ञात लोगों पर दर्ज कर ली है। संकेत हत्या जैसे ही हैं। हालांकि हत्या क्यों की गई इसका पता जांच से ही चल सकेगा। परिवार की एक महिला को लेकर भी गांव में चर्चा है। मृतक की मां ने भी कुछ जानकारी दी है। सारे तथ्य जुटाकर खुलासा किया जाएगा।
- धर्मेंद्र कुमार, एसओ