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एमबीबीए का सपना दिखा 16 लाख ले उड़ा
बरेली
Updated Mon, 02 Jan 2017 01:07 AM IST
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लखनऊ की प्रज्ञा आईएएस कोचिंग चलाने वाले डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने पत्नी के साथ मिलकर एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर 16 लाख रुपये की ठगी कर ली। एसएसपी जोगेंद्र कुमार के आदेश पर मामले की जांच शुरू हो गई है। इससे पहले लखनऊ में दाखिले के नाम पर ठगी करने के आरोप में दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।
थाना प्रेमनगर के एच-2 अंबिका आवास, सैदपुर हॉकिंस निवासी विवेक मोहन सिंह ने एसएसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उनके बेटे वैभव सिंह और मित्र अरविंद कुमार शर्मा निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना शाही के बेटे अभिषेक पांडेय ने बायोलोजी से इंटरमीडिएट पास किया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विज्ञापन पढ़ने के बाद विवेक मोहन दोनों को लेकर प्रज्ञा एजुकेशनल ग्रुप जी-9 ग्राउंड फ्लोर टीएस टावर निकट शक्ति भवन एसबीआई लेन, 15 अशोक मार्ग, लखनऊ पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात खुद को डायरेक्टर बताने वाले डॉक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव निवासी साईं विला ए 9/10 लेन-9 शिवाजीपुरम सेक्टर-14 इंदिरा नगर, लखनऊ से हुई। उन्होंने बताया कि वह पूर्व एमसीआई के सदस्य और वर्तमान में हरदोई में डिप्टी सीएमओ हैं। बातचीत के दौरान डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों का एक साल बचा देते हैं। कोचिंग में दाखिला करने के बजाए उनका मध्य प्रदेश के प्राइवेट कॉलेज में प्रबंधकीय कोटे में दाखिला करा देते हैं। हां करने पर उन्होंने सादे कागज पर दाखिले के खर्च का ब्योरा बनाकर दे दिया। उस कागज पर अपने हस्ताक्षर कर दाखिले की अंतिम तिथि 29 जून बता दी। उनकी बातों से संतुष्ट नहीं हुए तो डॉ. एके श्रीवास्तव बोले, उन्हें 27 जून को बरेली से होकर निकलना है। वह घर पहुंचकर बच्चों के प्रमाण पत्र चेक कर लेंगे। बताई गई तिथि पर रात करीब दस बजे वह अपनी पत्नी सरोज श्रीवास्तव के साथ उनके घर पहुंच गए। साथ में उनके पुत्र रवि श्रीवास्तव और पुत्री नेहा श्रीवास्तव भी थे। बातचीत के दौरान उन्होंने सभी लोगों को संतुष्ट कर दिया। इसके बाद वह उनके बच्चों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो आईडी ले ली और कैंसल चेक खाता संख्या 50200006904062 एचडीएफसी बैंक 17/3 टेकारी चैंबर, अशोक रोड , लखनऊ के नाम का इनको दे दिया। इस पर खाता धारक का नाम प्रज्ञा आईएएस लिखा था। उन्होंने एसबीआई, सीएआरआई इज्जतनगर बरेली का तीन लाख रुपये का चेक संख्या 742658 डॉक्टर एके श्रीवास्तव को दिया। उनके मित्र अरविंद कुमार ने यूको बैंक शाही का चेक संख्या 740626 एक लाख रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का चैक संख्या 057248 एक लाख रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा बलिया के चैक संख्या 000002 एक लाख रुपये एकाउंट पेई प्रज्ञा आईएएस के नाम से लिए गए। डॉ. एके श्रीवास्तव ने इस रकम की पक्की रसीद लखनऊ कार्यालय आकर लेने को कहा। इसी बीच सभी चेकों का भुगतान हो गया। इसके बाद डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने 13 अक्तूबर की रात को फोन कर प्रज्ञा आईएएस के पूर्व में दिए गए कैंसल चैक वाले खाते में पांच-पांच लाख रुपये शुल्क के लिए जमा करने को कहा। उनका कहना था कि शुल्क जमा होते ही आपके बेटों का दाखिला एमबीबीएस प्रबंधकीय कोटे में 2015-16 के लिए हो जाएगा। विवेक मोहन सिंह ने बताया कि हमने किसी तरह व्यवस्था कर प्रज्ञा आईएएस के खाते में रुपये जमा करा दिए। इस तरह डॉ. एके श्रीवास्तव ने हम दोनों के बेटों के दाखिले के नाम पर सोलह लाख रुपये ले लिए, लेकिन एमबीबीएस में दाखिला नहीं कराया। एसएसपी ने मामले में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। चौकी इंचार्ज अशरफ खां छावनी रवि करन सिंह ने बताया कि डॉ. एके श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के खिलाफ इसी तरह ठगी के आरोप में लखनऊ में भी मुकदमा लिखा जा चुका है। सोमवार को पीड़ित पक्ष के बयान लेने के बाद कार्रवाई करा दी जाएगी।
कोचिंग में ताला डालकर भाग गए
विवेक मोहन सिंह ने बताया कि डॉ. एके श्रीवास्तव रुपये लौटाने के बजाए बहानेबाजी करते रहे। उसने अंतिम बार आश्वासन दिया कि नवंबर 2016 तक अवश्य भुगतान करा देंगे, लेकिन कहीं भी शिकायत की तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। उसके कई रसूखदारों से संबंध हैं। डॉ. एके श्रीवास्तव का अब कोई फोन नहीं लग रहा है। कोचिंग जाकर देखा तो बंद कर भाग गए। घर में भी ताला पड़ा है। जानकारी करने पर बताया गया कि डॉ. एके श्रीवास्तव डिप्टी सीएमओ न होकर एआरओ हरदोई के पद पर तैनात थे।
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वर्जन
दाखिले के नाम पर ठगी की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
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थाना प्रेमनगर के एच-2 अंबिका आवास, सैदपुर हॉकिंस निवासी विवेक मोहन सिंह ने एसएसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उनके बेटे वैभव सिंह और मित्र अरविंद कुमार शर्मा निवासी ग्राम बहादुरपुर, थाना शाही के बेटे अभिषेक पांडेय ने बायोलोजी से इंटरमीडिएट पास किया है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विज्ञापन पढ़ने के बाद विवेक मोहन दोनों को लेकर प्रज्ञा एजुकेशनल ग्रुप जी-9 ग्राउंड फ्लोर टीएस टावर निकट शक्ति भवन एसबीआई लेन, 15 अशोक मार्ग, लखनऊ पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात खुद को डायरेक्टर बताने वाले डॉक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव निवासी साईं विला ए 9/10 लेन-9 शिवाजीपुरम सेक्टर-14 इंदिरा नगर, लखनऊ से हुई। उन्होंने बताया कि वह पूर्व एमसीआई के सदस्य और वर्तमान में हरदोई में डिप्टी सीएमओ हैं। बातचीत के दौरान डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों का एक साल बचा देते हैं। कोचिंग में दाखिला करने के बजाए उनका मध्य प्रदेश के प्राइवेट कॉलेज में प्रबंधकीय कोटे में दाखिला करा देते हैं। हां करने पर उन्होंने सादे कागज पर दाखिले के खर्च का ब्योरा बनाकर दे दिया। उस कागज पर अपने हस्ताक्षर कर दाखिले की अंतिम तिथि 29 जून बता दी। उनकी बातों से संतुष्ट नहीं हुए तो डॉ. एके श्रीवास्तव बोले, उन्हें 27 जून को बरेली से होकर निकलना है। वह घर पहुंचकर बच्चों के प्रमाण पत्र चेक कर लेंगे। बताई गई तिथि पर रात करीब दस बजे वह अपनी पत्नी सरोज श्रीवास्तव के साथ उनके घर पहुंच गए। साथ में उनके पुत्र रवि श्रीवास्तव और पुत्री नेहा श्रीवास्तव भी थे। बातचीत के दौरान उन्होंने सभी लोगों को संतुष्ट कर दिया। इसके बाद वह उनके बच्चों के शैक्षिक प्रमाण पत्र, फोटो आईडी ले ली और कैंसल चेक खाता संख्या 50200006904062 एचडीएफसी बैंक 17/3 टेकारी चैंबर, अशोक रोड , लखनऊ के नाम का इनको दे दिया। इस पर खाता धारक का नाम प्रज्ञा आईएएस लिखा था। उन्होंने एसबीआई, सीएआरआई इज्जतनगर बरेली का तीन लाख रुपये का चेक संख्या 742658 डॉक्टर एके श्रीवास्तव को दिया। उनके मित्र अरविंद कुमार ने यूको बैंक शाही का चेक संख्या 740626 एक लाख रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का चैक संख्या 057248 एक लाख रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा बलिया के चैक संख्या 000002 एक लाख रुपये एकाउंट पेई प्रज्ञा आईएएस के नाम से लिए गए। डॉ. एके श्रीवास्तव ने इस रकम की पक्की रसीद लखनऊ कार्यालय आकर लेने को कहा। इसी बीच सभी चेकों का भुगतान हो गया। इसके बाद डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने 13 अक्तूबर की रात को फोन कर प्रज्ञा आईएएस के पूर्व में दिए गए कैंसल चैक वाले खाते में पांच-पांच लाख रुपये शुल्क के लिए जमा करने को कहा। उनका कहना था कि शुल्क जमा होते ही आपके बेटों का दाखिला एमबीबीएस प्रबंधकीय कोटे में 2015-16 के लिए हो जाएगा। विवेक मोहन सिंह ने बताया कि हमने किसी तरह व्यवस्था कर प्रज्ञा आईएएस के खाते में रुपये जमा करा दिए। इस तरह डॉ. एके श्रीवास्तव ने हम दोनों के बेटों के दाखिले के नाम पर सोलह लाख रुपये ले लिए, लेकिन एमबीबीएस में दाखिला नहीं कराया। एसएसपी ने मामले में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। चौकी इंचार्ज अशरफ खां छावनी रवि करन सिंह ने बताया कि डॉ. एके श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के खिलाफ इसी तरह ठगी के आरोप में लखनऊ में भी मुकदमा लिखा जा चुका है। सोमवार को पीड़ित पक्ष के बयान लेने के बाद कार्रवाई करा दी जाएगी।
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विवेक मोहन सिंह ने बताया कि डॉ. एके श्रीवास्तव रुपये लौटाने के बजाए बहानेबाजी करते रहे। उसने अंतिम बार आश्वासन दिया कि नवंबर 2016 तक अवश्य भुगतान करा देंगे, लेकिन कहीं भी शिकायत की तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। उसके कई रसूखदारों से संबंध हैं। डॉ. एके श्रीवास्तव का अब कोई फोन नहीं लग रहा है। कोचिंग जाकर देखा तो बंद कर भाग गए। घर में भी ताला पड़ा है। जानकारी करने पर बताया गया कि डॉ. एके श्रीवास्तव डिप्टी सीएमओ न होकर एआरओ हरदोई के पद पर तैनात थे।
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दाखिले के नाम पर ठगी की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
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