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कहीं आपकी भी न खुरच चुकी हों खतौनियां 

Thu, 10 May 2018 06:09 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 10 May 2018 06:09 PM IST
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land scam by beg family at fatehgang
house at Fatehganj
अगर आपके पास जमीन की मिल्कियत है तो कलक्ट्रेट पहुंचकर इस बात की जांच जरूर करा लीजिएगा कि राजस्व रिकार्ड में भी आपकी जमीन आपके ही नाम दर्ज है। फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी में जमीनों की हेराफेरी की तरह कहीं ऐसा न हो कि आपकी जमीन की भी खतौनियां खुरचकर उनमें किसी माफिया या उसके गुर्गों का नाम दर्ज हो गया हो। क्योंकि यह खुलासा अब हो ही चुका है भूमाफिया अपने गुर्गों के जरिए कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम स्टाफ से मिलकर जमीनों के खसरा खतौनियों में पुराने नाम खुरचकर चोरी छुपे नए दर्ज करा रहे हैं। 
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जमीनों की हेराफेरी करने वाले घोटालेबाजों के तार कई सालों से सीधे रिकार्ड रूम के स्टाफ से जुड़े हैं। यही नहीं अब भी कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम से पुराने रिकार्ड गायब करके नाम बदलने के बाद दोबारा जमा कराने की शिकायतें मिल रही हैं। इस खेल में रिकॉर्ड रूम में 15 साल से कार्यरत एक अर्दली की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही है। फरीदपुर कांड अमर उजाला की सुखियां बनने से हिले अफसरों ने रिकार्ड रूम के स्टाफ की भूमिका पर जांच बैठा दी है। एसीएम फर्स्ट विशु राजा जल्द ही पुराने राजस्व रिकार्ड की जांच शुरू करेंगे। 
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फरीदपुर और फतेहगंज पूर्वी में भूमाफिया के 650 बीघा जमीन के पुराने रिकार्ड खुरचकर उसमें नए नाम दर्ज करने का मामला सामने आया था। उसमें नौ आरोपियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। दो दिन पहले ही उनमें से दो को पकड़कर पुलिस ने जेल भेजा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम में 15 साल से तैनात अर्दली के अलावा उर्दू अनुवादक, आरआरके और तीन लिपिकों के तार फरीदपुर-पूर्वी के घोटालेबाजों वालों से जुड़े हैं। रिकार्ड रूम में रखी खसरा खतौनियों के रिकॉर्ड की सबसे ज्यादा जानकारी इसी अर्दली, रिकार्ड रूम लिपिक और चंद बाबुओं को है। फरीदपुर-पूर्वी के माफिया इनके संपर्क में रहते हैं। 
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बताया जाता है कि अर्दली समेत कलक्ट्रेट रिकार्ड रूम के कर्मचारी राजस्व रिकार्ड रूम से बाहर ले जाने और शाम तक वापस लाने के बदले में घोटालेबाजों से मोटी रकम वसूलते हैं। स्टाफ कर्मचारी भूमाफिया को रिकार्ड रूम से बाहर सुबह 10 बजे फाइल लाकर देते हैं और शाम पांच बजे से पहले कार्यालय बंद होने से वापस मंगवाकर फिर वहीं रख देते हैं, जहां पहले वे रखी होती हैं। माफिया रिकार्ड रूम की फाइलों को बाहर ले जाकर उसमें खुर्दबुर्द कर पुराने नाम बदलकर अपने नाम चढ़वा लेते हैं। यह सिलसिला बरसों से चल रहा है। सूत्रों पर भरोसा करें तो रिकार्ड रूम से पुरानी जमीनों की फाइलें अब भी धड़ल्ले से गायब हो रही हैं। इन फाइलों को बाहर ले जाकर उनके रिकार्डोँ में जमकर हेराफेरी की जा रही है। पुराने रिकार्डों को गायब कराने में अर्दली, लिपिक के अलावा एक एआरके की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है। 


अब एसीएम करेंगे स्टाफ की भूमिका की जांच
एसीएम फर्स्ट विशू राजा ने बताया कि फरीदपुर और फतेहगंज पश्चिमी की जमीनों के रिकार्ड खुरचकर बदलने का मामला बेहद गंभीर है। इसमें स्टाफ की भूमिका सामने आने से मामले की जांच करना जरूरी हो गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह पूरा मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया जाएगा और रिकार्ड रूम में रखी फाइलों में हेराफेरी और उसमें स्टाफ की भूमिका की जांच की जाएगी।   
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