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एक ही परिवार की तीन किशोरियों की हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:26 AM IST
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मीरगंज के गांव सैंजना से शुक्रवार दोपहर में लापता बतायी गईं तीन चचेरी-तहेरी बहनों की लाशें गांव से दस किलोमीटर के दायरे में भाखड़ा नदी के किनारे अलग-अलग स्थानों से मिली हैं। तीनों की हत्या की गई है और दो के चेहरे और शरीर के कुछ हिस्से में खाल उतरी हुई थी, इससे आशंका जाहिर की गई कि कहीं तेजाब तो नहीं डाला गया। एक लाश सुबह मिली थी। पोस्टमार्टम में उसकी मौत की वजह डूबना बताया गया है हालांकि उसके भी नाक से खून बह रहा था। तीनों की उम्र उम्र 13 से 15 साल थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से लेकर घर तक छानबीन की लेकिन हत्याकांड की वजह फिलहाल साफ नहीं है। घरवालों ने शक के आधार पर गांव के ही एक युवक समेत पांच के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि पुलिस हालात देख कर करीबियों पर भी संदेह कर रही है।
घर वालों ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे ग्राम बेनीराम की 15 वर्षीय बेटी पिंकी, उसकी 14 वर्षीय चचेरी बहन प्रीति पुत्री महेंद्रपाल कश्यप और तहेरी बहन शारदा पुत्री ओमकार कश्यप शौच के लिए घर से निकली थीं लेकिन शाम तक घर वापस नहीं आईं। परिवार के लोगों ने खेतों में लड़कियों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं लग पाया। इसके बाद शाम को परिवार वाले टाइप की हुई तहरीर लेकर थाना मीरगंज पहुंच गए। पुलिस ने तीनों लड़कियों को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख लिया। शनिवार की सुबह सैंजना गांव से तीन किलोमीटर ग्राम बलेही के प्रधानपति वीरपाल सिंह ने शाही पुलिस को सूचना दी कि भाखड़ा नदी में एक लड़की की लाश तैर रही है। सुबह करीब 9.30 बजे एसओ शाही हरचरन सिंह फोर्स को लेकर पहुंच गए। गोताखोंरों की मदद से लाश को नदी से निकाल गया। शव की पहचान शारदा के तौर पर हो गई।
पुलिस ने शारदा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा इसी बीच दो और लाशें नदी में तैरने की सूचना मिली लेकिन उस वक्त गोताखोर लाशें नहीं ढूंढ पाए। आठ घंटे बाद करीब सात बजे शाम को एनएच 24 पर गोला गांव के पास रेलवे पुल के नीचे नदी में प्रीति की लाश मिली। वहीं से कुछ दूरी पर पैगा नगरी गांव के पास पिंकी का शव भी नदी किनारे मिल गया। दोनों के चेहरे और हाथ को तेजाब से जलाया गया है। दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है। परिवार के लोगों ने गांव के ही युवक राजू शर्मा और स्वजातीय चार लोगों छत्रपाल, राजेंद्र पुत्रगण परमेश्वरी कश्यप, सोनू पुत्र रामकुमार कश्यप और कुंवरपाल पुत्र छत्रपाल कश्यप पर तीनों नाबालिग बहनों की अपहरण के बाद हत्या करने का शक जाहिर करते हुए तहरीर दी है। मौके पर भारी फोर्स छानबीन कर रही है। एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद कुछ स्थिति साफ होगी।
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सहमा सैजना
दुनका। शुक्रवार की दोपहर से लापता तीन चचेरी-तहेरी बहनों की नृशंस हत्या के बाद लाशें भाखड़ा नदी में फेंके जाने से सैंजना गांव में मातम है लोग इस अजीब घटना से दहशत में भी हैं। घटना कुछ बदायूं के कटरा सहादतगंज जैसी है जहां दो बहनों के शव फंदे से लटके मिले थे। वहां भी लड़कियां शौच के लिए गई थी। देहात के ज्यादातर घरों में शौचालय न होने से दोपहर हो रात लड़कियां इसी तरह एक साथ शौच के लिए जाती हैं। गांव की हर बेटी सहमी हुई है। परिवार वालों को अपनी बच्चियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। मातम में डूबे हर ग्रामीण की जुबान पर बस यही सवाल है कि तीनों को किसने और किस खता की वजह से मार डाला। ऑनर किलिंग और प्रेम प्रसंग को लेकर भी जांच चल रही है, लेकिन अभी कोई क्लू सामने नहीं आया है।
मृतका शारदा की मां सोमावती ने बलेही गांव के पास भाखड़ा नदी किनारे बेटी की लाश देखते ही रोना-बिलखना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शारदा बहुत सीधे स्वभाव की थी। पता नहीं किस जालिम ने उनकी बेटी को मार डाला। साजिशन किसी ने तीनों बहनों के अपहरण के बाद उनकी हत्या की है। सोमावती की देवरानी मीना ने बताया कि तकरीबन सप्ताह भर पहले जेठ-जेठानी शारदा के लिए लड़का देखने गए थे। घर में सिर्फ बच्चे थे। रात 12 बजे बेटे का पेट खराब होने पर उसे शौच कराने उठी तो शोरगुल सुना। इस दौरान उसने गांव के ही राजू शर्मा को जेठानी के घर से भागते देखा था। राजू नामजद लोगों में शामिल है। मीना ने यह जरूर बताया कि जेठ ओमकार, बेनीराम का छत्रपाल, राजेंद्र आदि से पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर लगभग ढाई साल से विवाद चल रहा है। कई बार गाली गलौज, मारपीट भी हो चुकी थी। हत्या की ये दोनों वजह हो सकती हैं। पुलिस दोनों की बिंदुओं पर गहराई से छानबीन कर रही है। एक ही परिवार में तीन हत्याओं से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
उत्तराखंड से राजू को लाई थी त्रिवेणी
त्रिवेणी देवी कहती है कि राजू शर्मा उनका सगा बेटा नहीं है। 15 साल पहले वह उसे उत्तराखंड में लावारिस घूमता मिल गया था। वहां से उसे अपने साथ ले आई थी। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। राजू की सगी बहनें दिल्ली में रहती हैं। वह 25 अगस्त को तड़के ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सगी बहन को राखी बांधने दिल्ली चला गया है। उस पर अपहरण कर हत्या का इल्जाम सरासर गलत है। पिछले कुछ समय से दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर रहा है। दस दिन पहले ही यहां आया था। त्रिवेणी देवी और महेशचंद्र शर्मा के दो सगे बेटे भी हैं। पूर्व प्रधान ने राजू के पिता का नाम महेशचंद्र शर्मा लिखा दिया है।
हमने बच्चियों को नहीं मारा
जमीन के विवाद को लेकर छत्रपाल कश्यप से लड़कियों के परिवार से विवाद चल रहा है। छत्रपाल का कहना कि जमीन का विवाद अलग बात है, लेकिन नाबालिग लड़कियों को अगवा कर हत्या करने के इल्जाम उन पर लगाना बेबुनियाद है। विवेचना में हम पुलिस का हर हाल में सहयोग करने को तैयार हैं। आखिर हमें बेकसूर बच्चियों को मारकर क्या मिलेगा?
दो भाइयों में इकलौती बहन थी पिंकी
सैजना के बेनीराम की 15 साल की बेटी पिंकी दो छोटे भाइयों के बीच इकलौती लड़की थी। बहन के अचानक गायब होने से माता-पिता के साथ ही दोनों मासूम भाई भी बेहद परेशान हैं।
धर्मेंद्र और ऐरन ने ढाढ़स बंधाया
मीरगंज। एसडीएम मीरगंज पारसनाथ मौर्य, सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव, और राजस्व टीम की मौजूदगी में पेशेवर गोताखोर सैजना में गांव के पास बह रही भाखड़ी नदी में तीनों लाशें मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप, क्षेत्रीय बसपा विधायक सुल्तान बेग भी सैजना पहुंचे और एसडीएम, सीओ से बात कर हत्या के बाद हत्या के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जल्द खुलासा करने का आग्रह किया है। पूर्व सांसद प्रवाण सिंह ऐरन ने पोस्टमार्टम हाउस पर जाकर पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी लेने के बाद उन्हे ढाढ़स बंधाया और मदद का भरोसा दिया।
राजू सुरक्षित भी है या नहीं ?
-तीन लड़कियों की मौत के मामले में पुलिस जिस राजू की तलाश कर रही है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि उसको भी किसी ने ठिकाने तो नहीं लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली जाने के लिए घर से निकले राजू का मोबाइल स्विच ऑफ है। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। उससे पता लग पाएगा कि उसकी आखिरी बार किससे बात हुई है। यह भी पता लग जाएगा कि उसके मोबाइल के आखिरी लोकेशन कहां थी। दूसरा पुलिस और भी कई संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल निकलवा रही है। लड़कियों के करीबी भी पुलिस के शक के दायरे में हैं। इसलिए उन पर भी पुलिस नजर रखे हुए हैं।
तालाब की जमीन को लेकर चल रही है रंजिश
दो एकड़ तलाब की जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही थी। छत्रपाल आदि का उस पर कब्जा है। परिवार एक ही होने की वजह से बंटवारे को लेकर लड़कियों के परिवार का उनसे विवाद चल रहा था, लेकिन यह तीन हत्याओं की वजह बन जाएगा। यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है।
पल-पल की खबर लेते रहे आईजी
आईजी विजय सिंह मीना ने मीरगंज के सैजना गांव की तीन बहनों की मौत की खबर को गंभीरता से लेकर एसएसपी से बात करके पूरी जानकारी ली। उस समय तक शारदा की ही लाश बरामद हो पाई थी। आईजी ने बाकी दोनों लड़कियों का पता लगाने को कहा। साथ ही एसएसपी को पूरे घटना क्रम से अपडेट करने के निर्देश दिए। आईजी ने पूरे मामले से आला अफसरों को भी अवगत करा दिया। डीजीपी जावीद अहमद ने न्यूज चैनलों पर तीन बहनों की मौत की खबर सुर्खियों में आने पर मिलने पर घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
शारदा की डूबने से मौत हुई है। उसके शरीर पर चोट के कहीं निशान नहीं है। प्रीति और पिंकी की लाशों पर उस तरह की कोई चोट नहीं मिली है, जिससे हत्या की बात साफ हो रही हो। किसी के लाश पर तेजाब डालने भी स्पष्ट नहीं है। पानी में लाश फूलने के बाद त्वचा गल की जाती है। एसपी ट्रैफिक और सीओ को गांव में ही कैंप करके घटना के खुलासे को सुराग तलाशने को कहा गया है-आरके भारद्वाज, एसएसपी
पीएम रिपोर्ट
डूबने से हुई शारदा की मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शारदा की मौत डूबने से हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी मौत डेढ़ से दो दिन पहले हुई है। इसका मतलब यह है कि सुबह की शारदा को मार दिया गया है। पानी से शव निकाले जाने के बाद उसके शरीर गलने लगा था। मुंह और नाक से खून भी इसी लाश डिकम्पोज होने की वजह से आ जाता है। रेप की आशंका के चलते स्लाइड बनाकर रखी गई है।
हाजी गुड्डू भी सैजना पहुंचे, जताई संवेदना
-शीशगढ़ चेयरमैन और मीरगंज विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी हाजी गुड्डू भी सैजना पहुंचे और लापता बच्चियों के साथ हुई जघन्य वारदात पर गहरा अफसोस जताते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। तीनों परिवारों की दयनीय आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री से हरसंभव आर्थिक मदद दिलवाने का भरोसा भी दिलाया। पुलिस अधिकारियों से सख्त से सख्त कार्रवाई का आग्रह भी किया है।
लेकिन पुलिस दिखी संवेदनहीन
सैजना की तीन बच्चियों की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की संवेदनहीनता साफ उजागर हुई है। आला अफसरों की कार्रवाई से बचने के लिए मीरगंज थाने में तीनों बच्चियों की गुमशुदगी तो शुक्रवार को ही दर्ज कर ली गई लेकिन पुलिस ने लड़कियों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगर दिखाई होती तो पुलिस समय रहते तीनों बच्चियों की जानें बचा सकती थी या उनके गुनाहगारों को पकड़ सकती थी लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ किया नहीं।
कोई एक तो नहीं कर सकता तीन हत्याएं
बरेली। सैजना गांव की तीन बहनों का हत्या कर लाश नदी में फेंकने वाला कोई एक नहीं है। एक से ज्यादा लोगों ने मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया होगा। शक के दायरे में रखा गया राजू अगर इसके पीछे हैं तो किसी ने उसका साथ दिया। या फिर राजू के अलावा किन्हीं और ने लड़कियों को मारा।
एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक ओपी यादव और सीओ को गांव में ही हत्यारों का पता लगाने के लिए कैंप कर रहे हैं। संदिग्ध राजू की तलाश में दिल्ली भी एक टीम भेजी गई है। पुलिस के मुताबिक गांव की एक लड़की ने तीनों को खेत तक जाते देखा है। राजू के अलावा तीसरा व्यक्ति भी कोई व्यक्ति लड़कियों की मौत का जिम्मेदार हो सकता है। इसके लिए पुलिस ने सैजना और आसपास के ऐसे लड़कों की सूची बनाकर उठाना शुरू कर दिया है, जिसका आम शोहरत ठीक है। रेप और छेड़छाड़ जैसे अपराधों में जेल जाने वाले लोगों पर भी पुलिस निगाह रख रही है। उन लोगों से भी पुलिस पूछताछ करेगी जिनकी लाश मिलने वाले स्थान के आसपास खेत हैं।
इन सवालों का जवाब खोलेगा राज
सवाल-एक
गांव के महेश शर्मा का दत्तक पुत्र राजू शर्मा इस घटना में सबसे ज्यादा संदिग्ध है। इसके पीछे वजह भी साफ है कि लापता होने से एक दिन पहले ही लड़कियों में से एक के घर से राजू को भागता देखा गया है। लड़कियों के लापता होने के एक दिन पहले दिल्ली के बहन से राखी बंधवाने को घर से राजू क्यों गया। जबकि रक्षाबंधन तो 18 अगस्त को था।
सवाल-दो
तीन दिन पहले इनसे में एक लड़की का परिवार के लोगों से उलाहना देने को लेकर विवाद हो गया था। इसे लेकर काफी देर तक परिवार में बहस हुई थी। लड़की इसे लेकर बेहद गुस्से में थी। विवाद गांव के ही युवक को लेकर हुआ था। इस विवाद के बाद लड़की को पीटा तो नहीं गया।
सवाल-तीन
लड़कियों के परिवार से जमीन को लेकर विवाद की स्थिति क्या है। किस न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। इससे पहले कितनी बार मारपीट हुई है। क्या इतनी बड़ी दुश्मनी है कि एक-दूसरे के परिवार के लोग जान के दुश्मन बन गए हों।
सवाल-चार
लड़कियों पर कहीं शोहदों की नजर तो नहीं थी। शुक्रवार की सुबह लड़कियां जैसे ही घर से निकली हों शोहदों ने उन्हें खेत में पहुंचते ही पकड़ लिया हो। रेप करने के बाद उन्होंने लड़कियों को नदी में डुबोकर मार दिया हो।
सवाल-पांच
हो सकता शौच के दौरान अचानक खेत में पर काम करने वाले गांव के युवकों ने लड़की को पकड़कर हवस का शिकार बना लिया हो। इसके बाद उन्होंने तीनों लड़कियों की भेद खुलने के डर से हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया।
खेतों, गलियों में घूमती रहीडायना
एसपी ट्रैफिक ओमप्रकाश यादव स्क्वायड प्रभारी कपिल देव के साथ खोजी कुतिया डायना को लेकर मौके पर पहुंची। डायना को भाखड़ा नदी, आसपास खेतों और गांव की गलियों में घुमाकर लड़कियों की गुमशुदगी की अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
सिर्फ कक्षा दो तक पढ़ी है पिंकी
सैजना की मृतका शारदा छह भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ा भाई सुखवीर 17 साल का और सबसे छोटा भाई देवराज 4 साल का है। अन्य छोटे भाई बहनों में पवन, मुकेश, ममता हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते शारदा का स्कूल में दाखिला नहीं कराया जा सका था। चचेरी बहन प्रीति पुत्री महेंद्रपाल भी अनपढ़ है। दूसरी चचेरी बहन पिंकी पुत्री बेनीराम गांव के प्राइवेट स्कूल में कक्षा दो तक पढ़ी है।
दोस्ती में तो नहीं छुपा हत्या का राज
तीनों बहनों की राजू के साथ ही गांव के ही दो अन्य लड़कों से गहरी दोस्ती थी। बताया जा रहा है कि छहों की टीम बन गई थी और जब तब उन्हें साथ देखा जाता था। घटना के पीछे राजू के साथ ही अन्य लड़कों के साथ नजदीकी दोस्ती की भी गांव में सुगबुगाहट है। यह भी बताया जा रहा है कि तीनों बहनों के दिल में कोई गहरा राज था जिसके उजागर होने का भय उन्हें सताता था।
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घर वालों ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे ग्राम बेनीराम की 15 वर्षीय बेटी पिंकी, उसकी 14 वर्षीय चचेरी बहन प्रीति पुत्री महेंद्रपाल कश्यप और तहेरी बहन शारदा पुत्री ओमकार कश्यप शौच के लिए घर से निकली थीं लेकिन शाम तक घर वापस नहीं आईं। परिवार के लोगों ने खेतों में लड़कियों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं लग पाया। इसके बाद शाम को परिवार वाले टाइप की हुई तहरीर लेकर थाना मीरगंज पहुंच गए। पुलिस ने तीनों लड़कियों को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख लिया। शनिवार की सुबह सैंजना गांव से तीन किलोमीटर ग्राम बलेही के प्रधानपति वीरपाल सिंह ने शाही पुलिस को सूचना दी कि भाखड़ा नदी में एक लड़की की लाश तैर रही है। सुबह करीब 9.30 बजे एसओ शाही हरचरन सिंह फोर्स को लेकर पहुंच गए। गोताखोंरों की मदद से लाश को नदी से निकाल गया। शव की पहचान शारदा के तौर पर हो गई।
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पुलिस ने शारदा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा इसी बीच दो और लाशें नदी में तैरने की सूचना मिली लेकिन उस वक्त गोताखोर लाशें नहीं ढूंढ पाए। आठ घंटे बाद करीब सात बजे शाम को एनएच 24 पर गोला गांव के पास रेलवे पुल के नीचे नदी में प्रीति की लाश मिली। वहीं से कुछ दूरी पर पैगा नगरी गांव के पास पिंकी का शव भी नदी किनारे मिल गया। दोनों के चेहरे और हाथ को तेजाब से जलाया गया है। दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है। परिवार के लोगों ने गांव के ही युवक राजू शर्मा और स्वजातीय चार लोगों छत्रपाल, राजेंद्र पुत्रगण परमेश्वरी कश्यप, सोनू पुत्र रामकुमार कश्यप और कुंवरपाल पुत्र छत्रपाल कश्यप पर तीनों नाबालिग बहनों की अपहरण के बाद हत्या करने का शक जाहिर करते हुए तहरीर दी है। मौके पर भारी फोर्स छानबीन कर रही है। एसपी ट्रैफिक ओपी यादव ने हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं लेकिन इसकी वजह साफ नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद कुछ स्थिति साफ होगी।
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सहमा सैजना
दुनका। शुक्रवार की दोपहर से लापता तीन चचेरी-तहेरी बहनों की नृशंस हत्या के बाद लाशें भाखड़ा नदी में फेंके जाने से सैंजना गांव में मातम है लोग इस अजीब घटना से दहशत में भी हैं। घटना कुछ बदायूं के कटरा सहादतगंज जैसी है जहां दो बहनों के शव फंदे से लटके मिले थे। वहां भी लड़कियां शौच के लिए गई थी। देहात के ज्यादातर घरों में शौचालय न होने से दोपहर हो रात लड़कियां इसी तरह एक साथ शौच के लिए जाती हैं। गांव की हर बेटी सहमी हुई है। परिवार वालों को अपनी बच्चियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। मातम में डूबे हर ग्रामीण की जुबान पर बस यही सवाल है कि तीनों को किसने और किस खता की वजह से मार डाला। ऑनर किलिंग और प्रेम प्रसंग को लेकर भी जांच चल रही है, लेकिन अभी कोई क्लू सामने नहीं आया है।
मृतका शारदा की मां सोमावती ने बलेही गांव के पास भाखड़ा नदी किनारे बेटी की लाश देखते ही रोना-बिलखना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शारदा बहुत सीधे स्वभाव की थी। पता नहीं किस जालिम ने उनकी बेटी को मार डाला। साजिशन किसी ने तीनों बहनों के अपहरण के बाद उनकी हत्या की है। सोमावती की देवरानी मीना ने बताया कि तकरीबन सप्ताह भर पहले जेठ-जेठानी शारदा के लिए लड़का देखने गए थे। घर में सिर्फ बच्चे थे। रात 12 बजे बेटे का पेट खराब होने पर उसे शौच कराने उठी तो शोरगुल सुना। इस दौरान उसने गांव के ही राजू शर्मा को जेठानी के घर से भागते देखा था। राजू नामजद लोगों में शामिल है। मीना ने यह जरूर बताया कि जेठ ओमकार, बेनीराम का छत्रपाल, राजेंद्र आदि से पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर लगभग ढाई साल से विवाद चल रहा है। कई बार गाली गलौज, मारपीट भी हो चुकी थी। हत्या की ये दोनों वजह हो सकती हैं। पुलिस दोनों की बिंदुओं पर गहराई से छानबीन कर रही है। एक ही परिवार में तीन हत्याओं से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
उत्तराखंड से राजू को लाई थी त्रिवेणी
त्रिवेणी देवी कहती है कि राजू शर्मा उनका सगा बेटा नहीं है। 15 साल पहले वह उसे उत्तराखंड में लावारिस घूमता मिल गया था। वहां से उसे अपने साथ ले आई थी। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। राजू की सगी बहनें दिल्ली में रहती हैं। वह 25 अगस्त को तड़के ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सगी बहन को राखी बांधने दिल्ली चला गया है। उस पर अपहरण कर हत्या का इल्जाम सरासर गलत है। पिछले कुछ समय से दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर रहा है। दस दिन पहले ही यहां आया था। त्रिवेणी देवी और महेशचंद्र शर्मा के दो सगे बेटे भी हैं। पूर्व प्रधान ने राजू के पिता का नाम महेशचंद्र शर्मा लिखा दिया है।
हमने बच्चियों को नहीं मारा
जमीन के विवाद को लेकर छत्रपाल कश्यप से लड़कियों के परिवार से विवाद चल रहा है। छत्रपाल का कहना कि जमीन का विवाद अलग बात है, लेकिन नाबालिग लड़कियों को अगवा कर हत्या करने के इल्जाम उन पर लगाना बेबुनियाद है। विवेचना में हम पुलिस का हर हाल में सहयोग करने को तैयार हैं। आखिर हमें बेकसूर बच्चियों को मारकर क्या मिलेगा?
दो भाइयों में इकलौती बहन थी पिंकी
सैजना के बेनीराम की 15 साल की बेटी पिंकी दो छोटे भाइयों के बीच इकलौती लड़की थी। बहन के अचानक गायब होने से माता-पिता के साथ ही दोनों मासूम भाई भी बेहद परेशान हैं।
धर्मेंद्र और ऐरन ने ढाढ़स बंधाया
मीरगंज। एसडीएम मीरगंज पारसनाथ मौर्य, सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव, और राजस्व टीम की मौजूदगी में पेशेवर गोताखोर सैजना में गांव के पास बह रही भाखड़ी नदी में तीनों लाशें मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप, क्षेत्रीय बसपा विधायक सुल्तान बेग भी सैजना पहुंचे और एसडीएम, सीओ से बात कर हत्या के बाद हत्या के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जल्द खुलासा करने का आग्रह किया है। पूर्व सांसद प्रवाण सिंह ऐरन ने पोस्टमार्टम हाउस पर जाकर पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी लेने के बाद उन्हे ढाढ़स बंधाया और मदद का भरोसा दिया।
राजू सुरक्षित भी है या नहीं ?
-तीन लड़कियों की मौत के मामले में पुलिस जिस राजू की तलाश कर रही है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि उसको भी किसी ने ठिकाने तो नहीं लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली जाने के लिए घर से निकले राजू का मोबाइल स्विच ऑफ है। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। उससे पता लग पाएगा कि उसकी आखिरी बार किससे बात हुई है। यह भी पता लग जाएगा कि उसके मोबाइल के आखिरी लोकेशन कहां थी। दूसरा पुलिस और भी कई संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल निकलवा रही है। लड़कियों के करीबी भी पुलिस के शक के दायरे में हैं। इसलिए उन पर भी पुलिस नजर रखे हुए हैं।
तालाब की जमीन को लेकर चल रही है रंजिश
दो एकड़ तलाब की जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही थी। छत्रपाल आदि का उस पर कब्जा है। परिवार एक ही होने की वजह से बंटवारे को लेकर लड़कियों के परिवार का उनसे विवाद चल रहा था, लेकिन यह तीन हत्याओं की वजह बन जाएगा। यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है।
पल-पल की खबर लेते रहे आईजी
आईजी विजय सिंह मीना ने मीरगंज के सैजना गांव की तीन बहनों की मौत की खबर को गंभीरता से लेकर एसएसपी से बात करके पूरी जानकारी ली। उस समय तक शारदा की ही लाश बरामद हो पाई थी। आईजी ने बाकी दोनों लड़कियों का पता लगाने को कहा। साथ ही एसएसपी को पूरे घटना क्रम से अपडेट करने के निर्देश दिए। आईजी ने पूरे मामले से आला अफसरों को भी अवगत करा दिया। डीजीपी जावीद अहमद ने न्यूज चैनलों पर तीन बहनों की मौत की खबर सुर्खियों में आने पर मिलने पर घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
शारदा की डूबने से मौत हुई है। उसके शरीर पर चोट के कहीं निशान नहीं है। प्रीति और पिंकी की लाशों पर उस तरह की कोई चोट नहीं मिली है, जिससे हत्या की बात साफ हो रही हो। किसी के लाश पर तेजाब डालने भी स्पष्ट नहीं है। पानी में लाश फूलने के बाद त्वचा गल की जाती है। एसपी ट्रैफिक और सीओ को गांव में ही कैंप करके घटना के खुलासे को सुराग तलाशने को कहा गया है-आरके भारद्वाज, एसएसपी
पीएम रिपोर्ट
डूबने से हुई शारदा की मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शारदा की मौत डूबने से हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी मौत डेढ़ से दो दिन पहले हुई है। इसका मतलब यह है कि सुबह की शारदा को मार दिया गया है। पानी से शव निकाले जाने के बाद उसके शरीर गलने लगा था। मुंह और नाक से खून भी इसी लाश डिकम्पोज होने की वजह से आ जाता है। रेप की आशंका के चलते स्लाइड बनाकर रखी गई है।
हाजी गुड्डू भी सैजना पहुंचे, जताई संवेदना
-शीशगढ़ चेयरमैन और मीरगंज विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी हाजी गुड्डू भी सैजना पहुंचे और लापता बच्चियों के साथ हुई जघन्य वारदात पर गहरा अफसोस जताते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। तीनों परिवारों की दयनीय आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री से हरसंभव आर्थिक मदद दिलवाने का भरोसा भी दिलाया। पुलिस अधिकारियों से सख्त से सख्त कार्रवाई का आग्रह भी किया है।
लेकिन पुलिस दिखी संवेदनहीन
सैजना की तीन बच्चियों की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की संवेदनहीनता साफ उजागर हुई है। आला अफसरों की कार्रवाई से बचने के लिए मीरगंज थाने में तीनों बच्चियों की गुमशुदगी तो शुक्रवार को ही दर्ज कर ली गई लेकिन पुलिस ने लड़कियों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगर दिखाई होती तो पुलिस समय रहते तीनों बच्चियों की जानें बचा सकती थी या उनके गुनाहगारों को पकड़ सकती थी लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ किया नहीं।
कोई एक तो नहीं कर सकता तीन हत्याएं
बरेली। सैजना गांव की तीन बहनों का हत्या कर लाश नदी में फेंकने वाला कोई एक नहीं है। एक से ज्यादा लोगों ने मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया होगा। शक के दायरे में रखा गया राजू अगर इसके पीछे हैं तो किसी ने उसका साथ दिया। या फिर राजू के अलावा किन्हीं और ने लड़कियों को मारा।
एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक ओपी यादव और सीओ को गांव में ही हत्यारों का पता लगाने के लिए कैंप कर रहे हैं। संदिग्ध राजू की तलाश में दिल्ली भी एक टीम भेजी गई है। पुलिस के मुताबिक गांव की एक लड़की ने तीनों को खेत तक जाते देखा है। राजू के अलावा तीसरा व्यक्ति भी कोई व्यक्ति लड़कियों की मौत का जिम्मेदार हो सकता है। इसके लिए पुलिस ने सैजना और आसपास के ऐसे लड़कों की सूची बनाकर उठाना शुरू कर दिया है, जिसका आम शोहरत ठीक है। रेप और छेड़छाड़ जैसे अपराधों में जेल जाने वाले लोगों पर भी पुलिस निगाह रख रही है। उन लोगों से भी पुलिस पूछताछ करेगी जिनकी लाश मिलने वाले स्थान के आसपास खेत हैं।
इन सवालों का जवाब खोलेगा राज
सवाल-एक
गांव के महेश शर्मा का दत्तक पुत्र राजू शर्मा इस घटना में सबसे ज्यादा संदिग्ध है। इसके पीछे वजह भी साफ है कि लापता होने से एक दिन पहले ही लड़कियों में से एक के घर से राजू को भागता देखा गया है। लड़कियों के लापता होने के एक दिन पहले दिल्ली के बहन से राखी बंधवाने को घर से राजू क्यों गया। जबकि रक्षाबंधन तो 18 अगस्त को था।
सवाल-दो
तीन दिन पहले इनसे में एक लड़की का परिवार के लोगों से उलाहना देने को लेकर विवाद हो गया था। इसे लेकर काफी देर तक परिवार में बहस हुई थी। लड़की इसे लेकर बेहद गुस्से में थी। विवाद गांव के ही युवक को लेकर हुआ था। इस विवाद के बाद लड़की को पीटा तो नहीं गया।
सवाल-तीन
लड़कियों के परिवार से जमीन को लेकर विवाद की स्थिति क्या है। किस न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। इससे पहले कितनी बार मारपीट हुई है। क्या इतनी बड़ी दुश्मनी है कि एक-दूसरे के परिवार के लोग जान के दुश्मन बन गए हों।
सवाल-चार
लड़कियों पर कहीं शोहदों की नजर तो नहीं थी। शुक्रवार की सुबह लड़कियां जैसे ही घर से निकली हों शोहदों ने उन्हें खेत में पहुंचते ही पकड़ लिया हो। रेप करने के बाद उन्होंने लड़कियों को नदी में डुबोकर मार दिया हो।
सवाल-पांच
हो सकता शौच के दौरान अचानक खेत में पर काम करने वाले गांव के युवकों ने लड़की को पकड़कर हवस का शिकार बना लिया हो। इसके बाद उन्होंने तीनों लड़कियों की भेद खुलने के डर से हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया।
खेतों, गलियों में घूमती रहीडायना
एसपी ट्रैफिक ओमप्रकाश यादव स्क्वायड प्रभारी कपिल देव के साथ खोजी कुतिया डायना को लेकर मौके पर पहुंची। डायना को भाखड़ा नदी, आसपास खेतों और गांव की गलियों में घुमाकर लड़कियों की गुमशुदगी की अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया।
सिर्फ कक्षा दो तक पढ़ी है पिंकी
सैजना की मृतका शारदा छह भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ा भाई सुखवीर 17 साल का और सबसे छोटा भाई देवराज 4 साल का है। अन्य छोटे भाई बहनों में पवन, मुकेश, ममता हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते शारदा का स्कूल में दाखिला नहीं कराया जा सका था। चचेरी बहन प्रीति पुत्री महेंद्रपाल भी अनपढ़ है। दूसरी चचेरी बहन पिंकी पुत्री बेनीराम गांव के प्राइवेट स्कूल में कक्षा दो तक पढ़ी है।
दोस्ती में तो नहीं छुपा हत्या का राज
तीनों बहनों की राजू के साथ ही गांव के ही दो अन्य लड़कों से गहरी दोस्ती थी। बताया जा रहा है कि छहों की टीम बन गई थी और जब तब उन्हें साथ देखा जाता था। घटना के पीछे राजू के साथ ही अन्य लड़कों के साथ नजदीकी दोस्ती की भी गांव में सुगबुगाहट है। यह भी बताया जा रहा है कि तीनों बहनों के दिल में कोई गहरा राज था जिसके उजागर होने का भय उन्हें सताता था।