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मां के पास नहीं सोने दिया तो खुदकुशी कर ली
बरेली
Updated Mon, 09 Feb 2015 01:18 AM IST
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झगड़ा इस बात का था कि मां के पास कौन सोएगा। जिस कमरे में मां सोई हुई थी उसमें दो ही लोगों के सोने लायक बिस्तर था। बड़े भाई ने बड़प्पन की धमक दिखाकर सातवीं में पढ़ने वाले छोटे भाई को दूसरे कमरे में सोने को तो भेज दिया लेकिन उसका मन इतना आहत हुआ कि सोने के बजाय फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फंदा भी बनाया मां की साड़ी से। सुबह मां ने उसे फांसी पर लटका देखा तो होश खो बैठी।
बिशारतगंज इलाके की एक साधन सहकारी समिति के सभापति ने अपने दो बेटों को पढ़ाई के लिए यहां प्रेमनगर इलाके की इंद्रानगर कॉलोनी में किराये के मकान में रखा हुआ था। बड़ा बेटा 11वीं का छात्र है जबकि छोटा सातवीं में पढ़ता था। अक्सर उनकी मां भी उनके साथ यहीं रहती थी। परिवार के लोगों के मुताबिक शनिवार रात बड़ा भाई बिस्तर पर मां के साथ सोने के लिए लेटा हुआ था। छोटे भाई ने भी इसी कमरे में सोना चाहा लेकिन बिस्तर इतना बड़ा नहीं था जिस पर तीनों लोग आराम से सो पाते। इसलिए बड़े भाई ने छोटे भाई को दूसरे कमरे में जाकर सोने को कहा।
छोटे भाई ने भी मां के पास सोने की जिद की तो बड़े भाई से उसका झगड़ा हो गया। बड़े भाई ने डांटकर छोटे भाई को दूसरे कमरे में भेज दिया। अकेले दूसरे कमरे में गए छोटे भाई ने सोने के बजाय छत के कुंडे से मां की साड़ी का फंदा बनाया और उस पर लटक गया। रविवार सुबह मां जगकर दूसरे कमरे में पहुंची तो छोटे बेटे को फंदे पर लटका देखा। सदमे के मारे वह वहीं बेहोश हो गई। सूचना दिए जाने पर छात्र के पिता भी आनन-फानन में बिशारतगंज से यहां पहुंच गए। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस की रजामंदी के बाद परिवार के लोग छात्र का शव बिशारतगंज ले गए। देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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मायूस लौटे साथी
सातवीं के छात्र के खुदकुशी कर लेने की जानकारी होने पर दोपहर 12 बजे कई साथी उसके किराए के मकान पर पहुंचे लेकिन तब तक घर वाले उसका शव लेकर बिशारतगंज जा चुके थे। साथी की मौत से दुखी ये सभी बच्चे कुछ देर यहां रुककर वापस लौट गए।
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बिशारतगंज इलाके की एक साधन सहकारी समिति के सभापति ने अपने दो बेटों को पढ़ाई के लिए यहां प्रेमनगर इलाके की इंद्रानगर कॉलोनी में किराये के मकान में रखा हुआ था। बड़ा बेटा 11वीं का छात्र है जबकि छोटा सातवीं में पढ़ता था। अक्सर उनकी मां भी उनके साथ यहीं रहती थी। परिवार के लोगों के मुताबिक शनिवार रात बड़ा भाई बिस्तर पर मां के साथ सोने के लिए लेटा हुआ था। छोटे भाई ने भी इसी कमरे में सोना चाहा लेकिन बिस्तर इतना बड़ा नहीं था जिस पर तीनों लोग आराम से सो पाते। इसलिए बड़े भाई ने छोटे भाई को दूसरे कमरे में जाकर सोने को कहा।
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छोटे भाई ने भी मां के पास सोने की जिद की तो बड़े भाई से उसका झगड़ा हो गया। बड़े भाई ने डांटकर छोटे भाई को दूसरे कमरे में भेज दिया। अकेले दूसरे कमरे में गए छोटे भाई ने सोने के बजाय छत के कुंडे से मां की साड़ी का फंदा बनाया और उस पर लटक गया। रविवार सुबह मां जगकर दूसरे कमरे में पहुंची तो छोटे बेटे को फंदे पर लटका देखा। सदमे के मारे वह वहीं बेहोश हो गई। सूचना दिए जाने पर छात्र के पिता भी आनन-फानन में बिशारतगंज से यहां पहुंच गए। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस की रजामंदी के बाद परिवार के लोग छात्र का शव बिशारतगंज ले गए। देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सातवीं के छात्र के खुदकुशी कर लेने की जानकारी होने पर दोपहर 12 बजे कई साथी उसके किराए के मकान पर पहुंचे लेकिन तब तक घर वाले उसका शव लेकर बिशारतगंज जा चुके थे। साथी की मौत से दुखी ये सभी बच्चे कुछ देर यहां रुककर वापस लौट गए।